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THDC-IHET डायरेक्टर..यानि नई बोतल पुरानी शराब

उत्तराखंड

राजभवन-सीएम-UTU ने आँखें मूँद बढ़ाई बदहाल


ठेके के लोगों को बांटी जा रही अहम ज़िम्मेदारी

वेंटिलेटर पर लेट गई है तकनीकी शिक्षा

चेतन गुरुंग

देवभूमि में पूरी तकनीकी शिक्षा वेंटिलेटर पर है..UTU हो या इसके बच्चे इंजीनियरिंग कॉलेज..कहीं पर कुछ भी अच्छा नहीं..साफ-सुथरा नहीं..घपला-घोटाला रहित माहौल नहीं..एक को छोड़ हर कॉलेज का डायरेक्टर आरोपों और अयोग्यता के काले फंदे में..गोपेश्वर के KKS Mer को बेस्ट कहते नहीं अघाते थे लोग..पता चला कि बिना चुनौती किसी को बेस्ट कहना कितना गलत होता है..गोपेश्वर कॉलेज में जितने बच्चे हैं..उससे ज्यादा देहरादून में आंगनबाड़ी केन्द्रों में होते हैं..बड़ी उम्मीदों से कहें या फिर खिलाड़ियों की चाल..Mer को बहुचर्चित-अति विवादित THDC-IHET टिहरी का डायरेक्टर भी बना दिया सरकार ने..पोल खुल गई..साहब ने कॉलेज को अच्छे से चलाना तो बहुत दूर..तनख्वाह तक देने में नाकाबिलियत दिखाई.

बता दूँ कि कॉलेज स्टाफ को अभी तक तनख्वाह नहीं मिली है..व्यवस्था-मानवाधिकार दोनों को एक साथ चुनौती..यानि.. सरकार को बदनाम करने की साजिश भी कह लें..या फिर मान लें कि सरकार के ईशारे पर हो रहा..एक बात तो सही है न? कैंटीन-गेस्ट हाउस निर्माण ठेकों में जो हो रहा..वह सिर्फ और सिर्फ भ्रष्टाचार-अनियमितता-नाकाबिलियत को उजागर कर रहा..उनके..आजादी और भाई-बहन के प्रेम-रक्षा का पर्व भी निकल गया..भाई अपनी बहनों को नकली कंगन तक खरीद के देने को तरस गया..तनख्वाह हाथ में होती तो देते..

अब साहब पर आरोप ये भी कि कैंटीन-मेन पावर से जुड़ी अहम ज़िम्मेदारी भी उन्हीं बंदों को दे दी..जिनके आका गीतम सिंह तोमर होते थे..शोर ये मचा पड़ा है कि तोमर चला गया लेकिन उसकी तरफ से अब Mer कॉलेज में काम कर रहे..असिस्टेंट रजिस्ट्रार हो या फिर RTI देखने की कुर्सी..सब एक ही रिमोट से चल रहे..कॉलेज में इसके चलते कभी भी बवाल मुमकिन..जब डायरेक्टर होने के बावजूद दो महीने में Mer सिर्फ चार दिन आएंगे तो कॉलेज का बैंड क्यों नहीं बजेगा..? सरकार-यूटीयू VC से तो किसी को कोई उम्मीद ही नहीं..राज भवन की खामोशी भी लोगों को अखरने लगी है..मुख्यमंत्री का तकनीकी शिक्षा से आँखें मोड़ना भी लोगों को हैरान कर रहा.

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1 comment

Ramesh panwar January 24, 2020 at 7:54 pm

Thdc ihet में कोई बी व्यक्ति अध्यापक हो या नॉन टेक्निकल स्टाफ कोई बी वेतन लेने लायक नही है। पूरा मैनेजमेंट ही खराब है , बच्चो को दबाया व धमकाया जाता है उनके मार्क्स के चक्कर पे , दबाव डाला जाता है ताकि कोई बी आवाज ना उठा सके, बच्चो को मेन्टल हरासमेंट किया जाता है इस चक्कर मे 4 बच्चो ने आत्महत्या बी कर चुके है लेकिन ये मामला कॉलेज प्रससनद्वार दबाया गया ,कोई ब व्यक्ति जो thdc ihet से जुड़ा है वो कॉलेज में रहने लायक नही है thdc ihet से अच्छा primary school चलता है सरकार का। कोई बी kripya करके इस संस्थान में दाखिला ना कराये अगर आप करते है तो ये आपकी जिंदगी और भाविष्य के साथ खिलवाड़ होगा डोर रहे इस संस्थान से , अध्यापको को यहां knowledge ना के बराबर है वो आपको ओर आपके भाविष्य को बर्बाद करदेंगे इस से बढ़िया थोड़ा और पैसे जमा करे और किसी भी अछे संस्थान जो निजी हो उसमे दाखिला करवाये । इस बेकार संस्थान के हाथों बर्बाद होने से बचे दूर रहे इस से, अगर कोई मा बाप इसमे अपने बचो का दाखिला करवाता है तो आप ये अपने बचो का भविष्य खतरे में डाल देंगे , अगर अपने बच्चो का भला चाहते तो इस संस्थान से दूर रहे और अगर आपका बच्चा आबि प्रथम व द्वितीय वर्ष में है तो उस से ये संस्थान छुड़ा दे और कहि ओर पढाये अपने बच्चो का भविष्य सुधारे , यहां आप अपने बच्चो को नरक में झोंक देंगे जिसके कारण आप ही जिंदगी भर पछतायेंगे

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