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आचार संहिता की आड़ में THDC-IHET निदेशक का खेल

उत्तराखंड

चारों वर्ल्ड रेकॉर्ड धारियों को बिना जांच के तनख्वाह जारी कर दिया

वादा खिलाफी पर नॉन टीचिंग स्टाफ भड़का,फिर आंदोलन शुरू होगा

सरकार-यूटीयू-THDC प्रबंधन की खामोशी  

प्रो.अरविंद बर्खास्तगी के विरोध में हाई कोर्ट पहुंचे

Chetan Gurung

पंचायत चुनाव आचार संहिता की आड़ ले कर THDC-IHET टिहरी में नॉन टीचिंग स्टाफ का आंदोलन तुड़वाने वाले निदेशक KKS Mer ने खामोशी संग उन चारों वर्ल्ड रेकॉर्ड धारी Tequip कर्मचारियों की तनख्वाह जारी कर दी, जिनको ले के कॉलेज में असंतोष और रोष का माहौल गरम है।

चारों विवादित कर्मचारियों की तनख्वाह निकाल ली गई

निदेशक ने वादा किया था कि जांच के बाद ही चारों के वेतन जारी करने पर कोई फैसला किया जाएगा। ये माना गया था कि चुनाव होने और आचार संहिता लागू होने तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं होगी या फिर फैसला भी नहीं होगा। Mer ने मौका देखा और चारों कर्मचारियों जितेंद्र पाल पुंडीर, सोहनलाल पेटवाल, हितेन्द्र सिंह और हरेन्द्र सिंह की तनख्वाह जारी कर दी।

घेरे में वह वादा जो निदेशक मेर ने पूरा किए बिना विवादितों की तनख्वाह दे दी

आंदोलनकारी नॉन टीचिंग स्टाफ ने Mer को भी हटाने की मांग की थी। खुद Mer ने कहा था कि वह इस मांग के समर्थन में हैं। शासन से वह इस बारे में गुजारिश करेंगे। ऐसा मामला शासन स्तर का होने के कारण करना जरूरी है। उन्होंने नॉन टीचिंग के अस्थाई कर्मचारियों को नियमित करने की मांग का समर्थन भी किया था। इसके बाद ही आंदोलनकारियों ने उन पर यकीन करते हुए अपनी मुहिम को स्थगित कर दिया था।

अब आंदोलनकारियों ने निदेशक की वादा खिलाफी को देख के फिर से आंदोलन शुरू करने का फैसला किया है। आंदोलनकारी नवजोत तड़ियाल के मुताबिक काम चलाऊ निदेशक Mer गोपेश्वर कॉलेज, जहां वह प्रतिनियुक्ति पर निदेशक हैं, टिहरी आना पसंद ही नहीं कर रहे हैं। बामुश्किल 5 दिन उन्होंने कॉलेज में नहीं गुजारे हैं। इतने महीने गुजर जाने के बावजूद। वह THDC-IHET के स्टाफ को फ़ाइल ले कर गोपेश्वर बुलाते हैं। जो बहुत अव्यवहारिक और खर्चीला है। उन्होंने न तो THDC-IHET कॉलेज से इस्तीफा दिया है, न ही वर्ल्ड रेकॉर्ड धारियों पर कोई जांच ही बिठाई है।

इन चारों की नियुक्ति गीतम सिंह तोमर निदेशक की कुर्सी से हटाए जाने से कुछ ही दिन पहले विवादित और मनमाने ढंग से कर के चले गए थे। इसकी विजिलेन्स जांच हो तो कई लोग इस भर्ती के लपेटे में आ सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक निदेशक Mer से कॉलेज के सहायक नियंत्रक ने अपने इस्तीफे पर बात की कि उसको मंजूर कर लिया जाए। Mer इससे इंकार करते हुए कहा कि जब उनका खुद का इस्तीफा शासन ने स्वीकार नहीं किया तो वह किसी और का इस्तीफा क्यों स्वीकार करें। क्यों वह चारों विवादित कर्मचारियों के खिलाफ जांच बिठाएँ।

इस मामले में सरकार, यूटीयू वीसी और संपत्ति की मालिक टीएचडीसी प्रबंधन की खामोशी पर हैरानी जताई जा रही है। इस बीच एसोसिएट प्रोफेसर पद से बर्खास्त कर दिए गए डॉ. अरविंद कुमार सिंह हाई कोर्ट पहुँच गए हैं। उन्होंने Tequip की बोर्ड ऑफ गवर्नर के उनको बर्खास्त करने के फैसले को अवैधानिक और अदालत की अवमानना करार दिया है। इस फैसले के विरोध में उन्होंने नैनीताल हाई कोर्ट में स्टे याचिका दायर कर दी है।

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admin

1 comment

devendar October 4, 2019 at 7:05 pm

mujhe kyon block kar diya, lagta hai himmat nahin hai kewal dalali hi rah gai hai sath.
THDC engg college ko aap jaise dalalon ne bardad kar diya jo kuchh din pahle ek number per tha aaj niche se ek number per hai aur apne ko debbhoomi ka hitaisi batate ho. Tariyal jaise marksheet ke dalalon se ap kya apeksha rakhte ho. ye jo char niyukti hui hai unka dard jante ho ya kewal dalalon ka jo apko free mai kuchh dete hai

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