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राजधानी में किट्टी माफिया को पुलिस का संरक्षण!

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करोड़ों के वारे-न्यारे रोज और पुलिस-खुफिया महकमे को भनक नहीं!

साल भर होने को आया लेकिन पैसा लौटाने को राजी नहीं माफिया

`Newsspace’ के पास है ऑडियो, सदस्य महिलाओं को धमकाती हैं माफिया

Chetan Gurung

शहर भर में करोड़ों की किट्टी अभी भी रोज हो रहे और पुलिस-प्रशासन को भनक नहीं लग रही। आए दिन किट्टी माफिया करोड़ों खा के फरार हो रहे हैं। जो भागे नहीं हैं, वे अभी माल बटोरने में जुटे हुए हैं। पुलिस का जब तक दबाव नहीं बनेगा वे इसको कायम रखेंगे। जिस दिन करोड़ों का हिसाब बन जाएगा। पुलिस से दबाव बनेगा, वे भी फुर्र हो जाएंगे। पुलिस को ये लग रहा है शायद कि कुछ लोगों को जेल भेज दिए जाने के बाद किट्टी माफिया खामोशी संग घर बैठ गई हैं। लोगों के पैसे लौटाने में व्यस्त हैं। ऐसा सोच रही है तो ये उसकी नादानी से ज्यादा कुछ नहीं।

`Newsspace’ के पास आए दिन ऐसी महिलाओं के फोन काल्स और संदेश आ रहे, जिनके लाखों रुपए किट्टी माफिया दाब के बैठ गई हैं। महीनों पहले किट्टी पूरी हो चुकी हैं। इसके बावजूद उनको न तो पैसा दिया गया न ही मिलने की उम्मीद ही दिख रही है। आलम ये है कि उनका पैसा डूब चुका है जैसा लग रहा। वे किट्टी माफिया के घर और दफ्तर के साथ ही दुकानों के चक्कर लगा-लगा के और गुजारिश कर के थक चुकी हैं। पुलिस से शिकायत के बावजूद न तो उनका पैसा मिलने की कोई उम्मीद दिख रही न ही किट्टी माफिया ही कुछ दबाव में आ रही हैं।

कौलागढ़ की अंजली थापा के अनुसार उनका लाखों रुपया उषा-आशा नागर बहनें दाब के बैठ गई हैं। महीनों गुजर चुके हैं। सिर्फ आश्वासन मिलता है। धारा चौकी पुलिस में शिकायत का भी कोई फायदा नहीं हुआ। इसके उलट दोनों अभी भी किट्टी खिला रही हैं। किट्टी खेलने वाली सभी महिलाएं हैं। वे इनके आगे सहमी या फिर दबी रहती हैं। जो कुछ हिम्मती हैं, वे भी पुलिस की तरफ से कोई कार्रवाई न होने के कारण निराश दिखने लगी हैं। प्रेमनगर में भी लोग स्थानीय किट्टी माफिया के भाग जाने के बाद आए दिन शोर मचा रहे, लेकिन कुछ नतीजा नहीं निकल रहा है।

बीनू के मुताबिक उसका लाखों रुपया पूजा बेदी की किट्टी में फंसा हुआ है। कम से कम 17-18 लाख का हिसाब है। जो खुद का और रिश्तेदारों के हैं। बेदी पैसे दे नहीं रही। रिश्तेदार उन पर आए दिन पैसे वापसी का दबाव बना रहे हैं। क्रॉस रोड मॉल में पूजा की आभूषण की दुकान है। खिलौनों की दुकान है। वहाँ भी वह नहीं बैठ रहीं। वहाँ सिर्फ सुरक्षाकर्मी या फिर सेल्समैन मिलते हैं। `Newsspace’ को कई महिलाओं ने किट्टी के कार्ड, जिसमें पैसे दिए जाने के प्रमाण हैं, की कॉपी हैं। ऑडियो रिकॉर्डिंग भी मुहैया कराई हैं। इनमें पूजा पैसे मांगे जाने पर सदस्यों को उल्टे धमका रही हैं। जो कर सकते हो कर कर लो कह रही हैं। वह पहले तो पैसे के बदले सोना और सामान लेने का दबाव बना रही थीं। लोगों को जब लगा कि सोना ही ले कर काम चलाया जाए तो सोना भी नहीं दिया जा रहा है।

हैरानी की बात ये है कि जो भी किट्टी माफिया हैं, वे पहले ही साजिशन सारी संपत्ति किसी और के नाम रखे हुए हैं। पूजा के पास भी जो दुकानें क्रॉस रोड मॉल में हैं, वे किराए की हैं। जिनको वह अपनी खरीदी हुई बताती है। जेल गई साहिबा जैन के नाम भी संपत्ति नहीं है। भले उसने भी करोड़ों का माल अंदर किया है। हाल ही में जीएमएस रोड से भी किट्टी का माल बटोर के एक भाग चुकी है। नैशविला रोड की नेहा किट्टी और करनपुर की भट्ट किट्टी में भी लोगों का करोड़ों फंसा है।

पूजा नाम के महिला के मुताबिक भट्ट लोगों से कहती हैं कि वह संपत्ति बेच के भी पैसे दे देगी, लेकिन ये पता चला है कि ये संपत्ति लीज की है। अपनी नहीं है। उसकी किट्टी क्रॉस रोड मॉल के सामने गैलेक्सी अपार्टमेंट में चलती है। हजारों लोग उसके सदस्य हैं। ताज्जुब की बात है कि शहर भर में किट्टी चल रही और पुलिस तथा एलआईयू-स्पेशल ब्रांच को इसकी भनक तक नहीं है। वे तभी हरकत में आ रहे जब माल बटोर के किट्टी माफिया उड़ जा रहीं। सरकार सिर्फ किट्टी के अवैध धंधे पर ही रोक लगा ले तो ये सारा पैसा बैंकों में जाएगा या फिर किसी कारोबार में लगेगा। दोनों ही सूरत में सरकार को फायदा होगा। दूसरी ओर लोगों का पैसा इस अवैध कारोबार में डूबेगा भी नहीं।

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