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गज़ब:रामलीला समिति पर गबन का आरोप,उसका पदाधिकारी सीएयू में एंटी करप्शन अफसर

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तबादलों में लॉबिंग वाला देख रहा प्रचार का अनाधिकारिक जिम्मा

जिस खेल मंत्री ने मान्यता में मदद की, उस पर ही उठाई अंगुली

सचिव माहिम भी सोसाइटी रेकॉर्ड में राजकीय अधिकारी

Chetan Gurung

क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड ने जिस लीला कांडपाल को अंडर-16 क्रिकेट प्रतियोगिता में भ्रष्टाचार रोकने के लिए एंटी करप्शन अधिकारी बनाया है, उसकी अगुवाई वाली रामलीला समिति पर डेढ़ लाख रुपए से ज्यादा के गबन के गंभीर आरोप हैं। खुद कांडपाल पर दीपावली मेले में दुकानों का आवंटन मनमाने ढंग से करने की आरोप हैं। इस मामले की जांच नैनीताल के एडीएम कैलाश टोलिया कर रहे हैं। ताज्जुब की बात है कि CAU के पास एक और बंदा जो उसका प्रचार देख रहा है, वह भी दलाली और खेल मंत्री अरविंद पांडे के बारे में प्रचार करता रहता है। पांडे ने हालांकि, उत्तराखंड को BCCI मान्यता दिलाने के लिए अपनी तरफ से भरपूर कोशिश की थी।

अपने चुनाव, चुनाव में यूपीसीए और उसके निदेशक राजीव शुक्ला के बेहिसाब दखल, सचिव और BCCI उपाध्यक्ष बनने वाले माहिम वर्मा के बारे में रजिस्ट्रार ऑफ सोसाइटी ऑफिस में गलत सूचना (राजकीय अधिकारी बताया है, और है तो फिर वह BCCI या CAU में पद धारण नहीं कर सकते) से विवादों में चल रहे CAU मान्यता मिलने के बाद से ही तमाम विवादों और आरोपों के बरसात में भीग चुका है। नियुक्तियों और चयन को ले कर ही नहीं बल्कि चयन में घूसख़ोरी के आरोप तक लग चुके हैं। RTI में मिली CAU सदस्यों की सूची में माहिम राजकीय अधिकारी बताए गए हैं।

CAU आरोपों से बेपरवाह है। राज्यों की अंडर-16 प्रतियोगिता में नैनीताल के लीला को ये जानते हुए भी एंटी करप्शन अधिकारी बनाया कि उसकी ही मौजूदगी वाली नैनीताल जिले में रामलीला कमेटी पर पैसों का गबन करने aur दीपावली मेले के दौरान दुकानों का आवंटन बिना कार्यकारिणी को विश्वास में लिए करने के आरोप हैं। हल्द्वानी से सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह ने `Newsspace’ से कहा कि गबन के इस आरोप की जांच टोलिया कर रहे हैं। इस गबन पर धरने-प्रदर्शन खूब हुए। जिस शख्स की निष्ठा और प्रतिष्ठा इस किस्म की हो, उसको ऐसी अहम ज़िम्मेदारी सौंपे जाने से CAU और उसके पदाधिकारियों पर अंगुली उठ रही है।

एक ऐसा शख्स CAU के लोगो के साथ सोशल मीडिया में एसोसिएशन के प्रचार का जिम्मा उठाए हुए है, जिसने खुद खेल मंत्री पांडे पर अंगुली उठाई है। साथ ही जल विद्युत संस्थान में तबादलों को ले कर लॉबिंग करने के आरोप हैं। `Newsspace’ के पास इसके सुबूत भी हैं। वैसे, CAU अध्यक्ष जोत सिंह गुनसोला और पूर्व अध्यक्ष हीरा सिंह बिष्ट ने इससे इंकार किया है कि एसोसिएशन ने किसी को प्रचार करने या फिर लोगो का इस्तेमाल करने का हक दिया है। उन्होंने कहा कि अगर कोई ऐसा कर रहा है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

एक पूर्व क्रिकेटर ने इस बारे में `Newsspace’ से कहा-CAU की कार्यशैली ऐसी है कि सिर्फ भ्रष्टाचार के गंध इतनी जल्दी आ रही है। या तो वह UP और अन्य राज्यों के लोगों को उत्तराखंड में अहम ज़िम्मेदारी दे रहा, या फिर उत्तराखंड के अगर हैं भी तो कांडपाल जैसे। एक चयनकर्ता का ऑडियो भी `Newsspace’ के पास है। इसमें वह सचिव वर्मा की तरफ से एक पदाधिकारी का फोन एक अयोग्य खिलाड़ी के चयन के लिए आने का जिक्र कर रहा है। BCCI इसको बहुत गंभीर और अक्षम्य अपराध मानता है।

सुप्रीम कोर्ट की तरफ से गठित प्रशासकों की समिति (CoA) के अध्यक्ष विनोद राय ने सुप्रीम कोर्ट को पेश अपनी रिपोर्ट में भी CAU की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाया है। आरोपों का जिक्र किया है। BCCI चुनाव नामांकन में अध्यक्ष गुनसोला के बजाए माहिम के पिता पीसी वर्मा के मुंबई जाने और वहाँ सक्रिय रहने पर भी अंगुली उठाई जा रही है। इन विवादों और CoA रिपोर्ट के मामले में सुप्रीम कोर्ट क्या कदम उठाता है, इस पर सभी की सांस रोक देने वाली नजरें जमी हैं।

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1 comment

Js gusain October 21, 2019 at 4:22 pm

You are right very bad luck Uttarakhand cricket the kids are fighting for thier future from past 5 to 10 years ask them for vedios that have been made so they say everything is going fair but corruption is making the future loss for kids as the kids tell the selector about thier performace in matches so the selector say that are you sachin Tendulkar this is approach of selectors don’t know why people don’t raise voice against such corrupt people in uttrakhand for future of kids as the south region teams are made with performance of students and the uttrakhand is going with the corrupt state like up and delhi we need some question to be answered that why only those people are selected who have thier own grounds and have some link with the association what about other future people will do its very shameful for all the ministers are also invoved in this field how will the kids make future or will it remain the sports only for rich people

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