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क्रिकेट:कहाँ है CAU?हमारा हीरा मेघालय के लिए चमक रहा

उत्तराखंड खेल देहरादून

मुश्ताक अली में अपने अभय नेगी का 14 गेंदों पर झन्नाटेदार अर्ध शतक

Chetan Gurung

उत्तराखंड का हीरा मेघालय में जा के उस राज्य के लिए क्रिकेट में चमक बिखेर रहा, जो घर से हजारों किमी दूर है। कर्नल डीएस नेगी के बेटे अभय नेगी ने सैय्यद मुश्ताक अली T-20 क्रिकेट में वह कारनामा कर दिखाया, जो कोई-कोई ही कर पाया है। 14 गेंदों पर अर्ध शतक। दुनिया में सबसे तेज अर्धशतक 12 गेंदों पर लगा है। ऐसा करने वालों में भारत के ही युवराज सिंह भी शामिल हैं।

अन्य दो में क्रिस गेल (वेस्ट इंडीज) और हजरतुल्लाह जजई (अफगानिस्तान) शामिल हैं। मरकस ट्रेस्कोथिक (इंग्लैंड) ने 13 गेंदों पर पचास बनाए थे। अभय की पारी इस टूर्नामेंट का अब तक का सबसे तेज अर्ध शतक है। इससे पहले 16 गेंदों पर फिफ़्टी का रेकॉर्ड था। उसके अंकल और क्रिकेट प्रशिक्षक नरेंद्र नेगी के मुताबिक, `अभय की इच्छा अपनी मिट्टी और देवभूमि के लिए खेलने के बहुत प्रबल थी। उसको याद ही नहीं किया गया’। अभय बल्ले और गेंद से कमाल दिखने में समर्थ खिलाड़ी है। विकेट के पीछे भी वह ग्लव्स में कमाल दिखा सकता है।

बाहर के खिलाड़ियों और लोगों को उत्तराखंड क्रिकेट के लगाम सौंप देने वाली क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड आखिर कर क्या रही, अभय के साथ बर्ताव से पता चल जाता है। CAU पर तमाम आरोपों की बौछार हो रही है। उनमें एक आरोप खिलाड़ियों का सही चयन न करना और गेस्ट प्लेयर्स का चुनाव भी ठीक न होना शामिल है। उत्तराखंड मूल के कई खिलाड़ी दूसरे राज्यों से खेल रहे हैं। उनको वापिस लाने में CAU ने कोई खास मशक्कत तो दूर, मामूली कोशिश भी की हो, ऐसा नहीं लगता है।

CAU में न सिर्फ पैसे ले के टीम चयन के आरोप लगे बल्कि गुटबाजी भी चरम पर जा चढ़ी है। अब जा के पूर्व अध्यक्ष हीरा सिंह बिष्ट को पैट्रन में कहीं समायोजित किया जा रहा है। CEO अमृत माथुर, प्रशिक्षकों और चयनकर्ताओं की नियुक्तियाँ कैसे और किसने की, ये आज तक बहुत बड़ा रहस्य होने के साथ ही बड़े घोटाले की ओर इशारा कर रहा है। वेन्यू मैनेजर और प्लेयर्स एसोसिएशन में रोहित प्रकाश-निष्ठा फ़रासी को रखे जाने पर भी सीएयू आरोपों के साए में है।

इन सारे आरोपों को ले कर सुप्रीम कोर्ट में मामला स्वीकार हो चुका है। ये स्वयं में बहुत बड़ी बात है। ऐसे में CAU के लिए सुनवाई के दौरान तमाम आरोपों का जवाब देना आसान कहीं से नहीं रहने वाला है। सीएयू आजीवन सदस्य बनाने और रजिस्ट्रार ऑफ सोसाइटी ऑफिस में फर्जी जानकारी देने का वाजिब जवाब भी सुप्रीम कोर्ट में 27-28 नवंबर को शायद ही दे पाए। CAU में पूरी तरह UPCA का दबदबा है और राजीव शुक्ला के साए की तरह बीसीसीआई उपाध्यक्ष भी बन गए सीएयू सचिव माहिम के साथ रहने से ये आरोप सही साबित हो रहा है।

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