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नड्डा दो बार बलूनी से मिल लिए पर घर वालों के पास वक्त नहीं

उत्तराखंड देहरादून राजनीती

मुंबई में कैंसर से जूझ रहे बीजेपी के युवा प्रवक्ता-मीडिया प्रमुख

कैंसर ग्रस्त पीसीएस हरक सिंह रावत के लिए दिखाई फिक्र

बेहतर ईलाज के लिए टाटा अस्पताल किया फोन

Chetan Gurung

बीजेपी के मंत्रियों और नेताओं के पास कैंसर से जूझ रहे अपने राष्ट्रीय प्रवक्ता तथा मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी का हाल-चाल पूछने के लिए मुंबई जाने के चंद पल भी नहीं हैं। बलूनी मुंबई में रिलायंस हॉस्पिटल में ईलाज करा रहे हैं। ये हाल तब है जब पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा तक बलूनी से अस्पताल में दो बार मिल चुके हैं। अलबत्ता, महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी भी दो बार उनको मिलने और हाल-खबर लेने जा चुके हैं। बलूनी राज्य सभा सदस्य भी हैं।

उत्तराखंड बलूनी की असली कर्म भूमि और जन्मभूमि है। कैंसर होने से पहले वह लगातार उत्तराखंड के लिए विकास योजनाएँ लाने और नई योजनाओं के बारे में सोचने में खूब मेहनत किया करते थे। उनको पीएम नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की खसमखास में शुमार किया जाता है। यही बात है कि उनके गंभीर रोग से ग्रस्त होने की जानकारी मिलने पर दिल्ली और अन्य प्रमुख राज्यों के बीजेपी नेता उनसे मिलने मुंबई पहुँच गए। पीयूष गोयल भी इनमें शामिल हैं।

करीबी सूत्रों के मुताबिक बलूनी का ईलाज विशेषज्ञ चिकित्सकों का दल कर रहा है। उन पर लगातार निगाह रखी जा रही है। इसके बावजूद उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता लगातार कम होती जा रही है।  उनका वजन भी बहुत ज्यादा गिर चुका है। त्वचा का रंग भी काफी उड़ के स्याह होता जा रहा है। इसके कारण फिक्र जताई जा रही है। उनके ईलाज में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। केंद्र सरकार और पार्टी हाई कमान भी उनके स्वास्थ्य के बारे में नियमित रिपोर्ट ले रहे हैं। ऐसी परिस्थितियों में भी उत्तराखंड के नेताओं और मंत्रियों का उनसे मुलाक़ात करने मुंबई न जाना ताज्जुब की बात है।

बलूनी खुद के गंभीर रूप से रोग ग्रस्त होने के बावजूद उत्तराखंड के पीसीएस अफसर हरक सिंह रावत की मदद के लिए आगे आए। रावत को भी कैंसर है। वह ईलाज के लिए मुंबई पहुंचे हैं। टाटा अस्पताल में उनका ईलाज हो रहा है। जब इसकी जानकारी बलूनी को मिली तो उन्होंने खुद बिस्तर पर होने के बावजूद फोन कर के टाटा अस्पताल प्रबंधन को फोन किया। उसके चिकित्सकों को रावत के ईलाज में कोई कसर न छोड़ने को कहा। रावत का ईलाज पहले दिल्ली में एम्स में चल रहा था। मामला और गंभीर हुआ तो वह टाटा अस्पताल शिफ्ट हो गए।

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