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बीसीसीआई उपाध्यक्ष माहिम वर्मा बिना सूचना दफ्तर से गायब!

उत्तराखंड खेल देहरादून

यूटीयू ने दिया जल्द उपस्थित होने का नोटिस

बीच में सिर्फ एकाध बार आए दफ्तर

स्पष्टीकरण तलब,उपनल कर्मचारी हैं, किसी पद पर नहीं

Chetan Gurung

बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंडिया (BCCI) के उपाध्यक्ष माहिम वर्मा बिना किसी सूचना या फिर छुट्टी मंजूर कराए अपने दफ्तर उत्तराखंड तकनीकी विवि से महीनों से गायब हैं। कुलपति नरेंद्र चौधरी ने वर्मा को मौखिक चेतावनी देते हुए जल्द काम पर लौटने को कहा है। विवि की रजिस्ट्रार अनीता राणा ने विधिवत नोटिस दे कर इस संबंध में माहिम से सफाई मांगी है।

माहिम आउट सोर्स एजेंसी पूर्व सैनिक कल्याण निगम (उपनल) के कर्मचारी हैं। विवि के जिम्मेदार अधिकारी ने `Newsspace’ से कहा कि आउटसोर्स कर्मचारी का कोई पद नहीं होता है। माहिम से लिपिक से ले कर परीक्षा संबंधी कोई भी कार्य ले लिया जाता था। उन्होंने एक महीने की छुट्टी मांगी थी, लेकिन उसके खत्म होने के बाद भी वह दफ्तर नहीं आए हैं। अभी उनका दर्जा गैर हाजिर कर्मचारी का है।

कुलपति चौधरी के मुताबिक आउटसोर्स कर्मचारी को छुट्टी जैसे प्रावधान नहीं होते हैं। वह जितने दिन गैर हाजिर रहे, उतने दिन का वेतन नहीं मिलेगा। उनको कह दिया गया है कि वह दफ्तर जॉइन करें। रजिस्ट्रार ने विधिवत नोटिस दे के बिना छुट्टी मंजूर कराए गैर हाजिर रहने पर स्पष्टीकरण तलब किया है। माहिम ने अभी इस नोटिस का जवाब भी नहीं दिया है। रजिस्ट्रार के मुताबिक विधिवत स्पष्टीकरण के बाद आगे क्या कार्रवाई की जाए, उस पर फैसला होगा। 

सूत्रों के अनुसार माहिम बीच में एक बार जरूर दफ्तर आए थे, लेकिन सिर्फ मेल-मुलाक़ात करने के लिए। उसके बाद वह फिर नहीं आए। इतना ही नहीं। उनके साथ विवि के भी कुछ उपनल कर्मचारी ड्यूटी से गायब हैं। वे भी माहिम के साथ ही बताए जा रहे हैं। माहिम के बारे में रजिस्ट्रार का कहना है कि उपनल कर्मचारियों का कोई पद नहीं होता है। उनसे कोई भी काम ले लिया जाता है। ताज्जुब की बात है कि इसके बावजूद माहिम ने रजिस्ट्रार ऑफ सोसाइटी ऑफिस में खुद को राजकीय अधिकारी बताया है।

तथ्यात्मक झूठ कितना गंभीर होता है ये इससे साबित हो जाता है कि हाई कोर्ट ने कल ही दून विवि के कुलपति चन्द्रशेखर नौटियाल को गलत तथ्य दे कर सेवा में आने के आधार पर हटा दिया। माहिम क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के सचिव भी थे, लेकिन बीसीसीआई उपाध्यक्ष बनते ही नियमानुसार उनके सचिव की कुर्सी खुद ब खुद खत्म हो गई। उन्होंने विधिवत इस्तीफा भी दिया। हालांकि CAU में एक लॉबी इस पर भी ये भ्रामक प्रचार कर रही है कि इस्तीफा सिर्फ AGM या फिर एपेक्स काउंसिल में ही मंजूर होगा।

CAU गठन के तत्काल बाद से ही विवादों में बुरी तरह घिरा हुआ है। उसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में मामला स्वीकार हो चुका है। BCCI की तरफ से कुछ नए मामलों पर विचार की गुजारिश के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई कुछ दिन टाल दी। संभावना है कि अब शुक्रवार को शायद इस पर सुनवाई हो।  

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