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एपेक्स काउंसिल बैठक:सचिव-रणजी में बदतर प्रदर्शन पर भी फैसला

उत्तराखंड खेल देहरादून

शर्मनाक प्रदर्शन पर जवाब तलब करेंगे:CAU अध्यक्ष गुनसोला

एक दिन पहले तक भी न एजेंडे का पता, न जगह का

माहिम बैठक में रहेंगे या बाहर? रहेगी नजर

Chetan Gurung

उत्तराखंड क्रिकेट के रहनुमा क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड (CAU) की मंगलवार को होने वाली एपेक्स काउंसिल की बैठक में कई अहम फैसले या विचार मुमकिन है। सचिव की खाली कुर्सी को भरने के साथ ही रणजी ट्रॉफी में उत्तराखंड के शर्मनाक प्रदर्शन पर समीक्षा की जा सकती है। एसोसिएशन के अध्यक्ष जोत सिंह गुनसोला ने `Newsspace’ से कहा कि रणजी ट्रॉफी में टीम का प्रदर्शन वाकई बहुत खराब रहा है। इस मामले में चयनकर्ताओं से जवाब तलब किए जाएंगे। हैरत की बात ये है कि बैठक से एक दिन पहले न तो बैठक के एजेंडे और न ही बैठक स्थल के बारे में कुछ भी बता पाने में अध्यक्ष ने असमर्थता जताई।

BCCI की मान्यता मिलने के बाद से ही गलत कारणों से CAU सुर्खियों में है। कभी टीम चयन में घूसख़ोरी, कभी एसोसिएशन के चुनाव में UP और शुक्ला धड़े के जबर्दस्त दखल, कभी चयनकर्ताओं-प्रशिक्षकों तो कभी मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमृत माथुर की नियुक्ति को ले के शुरू से ही बवाल और सवाल उठते रहे हैं। सचिव पद से माहिम वर्मा के हटने के बाद कोषाध्यक्ष पृथ्वी सिंह नेगी का एक किस्म से CAU की कार्रवाई पर अंगुली उठाते हुए किसी भी दस्तावेज़ और बिलों पर दस्तखत न करना और अध्यक्ष गुनसोला का ही सचिव का जिम्मा भी संभाल लेना विवादों को और बढ़ता रहा है। नियमों के मुताबिक सचिव न होने पर संयुक्त सचिव अवनीश वर्मा को प्रभार मिलना चाहिए था। वर्मा को भी दरकिनार कर दिया गया।

इस बात पर भी गहरी साजिश जताई जाती रही है कि माहिम के स्थान पर किसी अन्य को महीनों बाद भी सचिव नहीं बनाया गया है। ये इसलिए अहम पहलू है कि BCCI अध्यक्ष सौरव गांगुली के हटने के बाद अब बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष की कुर्सी पर नई ताजपोशी हो चुकी है। उत्तराखंड में ही सचिव पद पर नए चेहरे के बारे में कोई अता-पता नहीं है। इस बीच इन आरोपों को बहुत बल मिल गया है कि उत्तराखंड टीमों के चयन में पक्षपात और घूसख़ोरी चली। रणजी ट्रॉफी में टीम के हार पर लोगों को ऐतराज नहीं है। वे टीम के लज्जाजनक ढंग से आत्म समर्पण करने के कारण नाराज और नाखुश हैं।

इसके लिए चयनकर्ताओं पर सीधा आरोप है लेकिन ये भी कहा जा रहा है कि चयन में आजादी न होने और एसोसिएशन के ओहदेदारों के गैर जरूरी दखल के कारण वे अपना काम ईमानदारी से नहीं कर पाए। चयन को ले के कई ऑडियो सामने आ चुके हैं। एसोसिएशन की प्रदेश के साथ ही जिला ईकाइयों में भी क्रिकेट पृष्ठभूमि से दूर-दूर तक का वास्ता न रखने वालों और आयु वर्ग मैचों के ट्रायल में फुटबाल पृष्ठ भूमि वालों के हाथ में ज़िम्मेदारी से भी विवाद उठा हुआ है। BCCI अध्यक्ष भले सौरव गांगुली है, लेकिन CAU के अध्यक्ष या फिर हटाए गए सचिव माहिम या फिर उपाध्यक्ष संजय रावत ने मोहल्ला स्तर के क्रिकेट भी कभी नहीं खेली।

एपेक्स काउंसिल का गठन भी विवादों में है। मानकों को पूरा करने वाले और अधिक काबिल लोगों के मौजूदगी के बावजूद ऐसे लोगों को इसमें शामिल किया गया है, जिनकी क्रिकेट पृष्ठभूमि बहुत कमजोर रही है। कंट्रोलर एवं ऑडिटर जनरल महकमे से भी कोई प्रतिनिधित्व एपेक्स में नहीं है। जो जरूरी है। एपेक्स की बैठक में क्या मुद्दे पेश होंगे और क्या फैसले होंगे, इसके बारे में अध्यक्ष कुछ भी कहने की सूरत में नहीं हैं। ये हैरत की बात है।

उन्होंने ये जरूर कहा कि रणजी में उत्तराखंड के बदतर प्रदर्शन को ले कर चयनकर्ताओं से जवाब जरूर तलब किया जाएगा। रणजी टीम का कप्तान सीजन के बीच में बदल दिए जाने और अंतिम रणजी मैच में महाराष्ट्र के खिलाफ अंडर-19 के 4 खिलाड़ियों को शामिल करने पर गुनसोला ने कहा कि प्रदर्शन को ठीक करने के लिए चयनर्ताओं ने ये प्रयोग किए हैं। वह ये भी नहीं बता पाए कि एपेक्स की बैठक कहाँ होगी? CAU दफ्तर में होगी या किसी होटल में? सिर्फ ये बता पाए कि दोपहर 3 बजे से बैठक होगी।

इस बात पर भी नजर रहेगी कि BCCI चले गए पूर्व सचिव माहिम क्या इस बैठक में भी मौजूद रहेंगे? वह अभी तक शामिल होते रहे हैं। इसको ले कर अंगुली उठ रही है कि BCCI जाने के बावजूद माहिम और वर्मा लॉबी CAU में दखल कायम रखे हुए है। CAU को घर की खेती बनाए हुए हैं। संयुक्त सचिव अवनीश वर्मा ने ये भी कहा है कि यूपी में टीम चयन में घूसख़ोरी में मुकदमा झेल रहे अकरम सैफी की CAU संग करीबी पर भी एपेक्स काउंसिल बैठक में अहम विचार होगा।

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