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भाग गईं पॉश क्लब `WIC’ की मालकिन नाजिया युसुफ

उत्तराखंड देहरादून

अदालत ने घोषित किया करोड़ों की धोखाधड़ी में भगौड़ा

पति सचिन उपाध्याय भी इसी मामले में जेल जा चुके

मुकेश जोशी की FIR पर चल रही SIT कार्रवाई

दिल्ली पुलिस भी अलग मामले में कर रही छापेमारी

Chetan Gurung

राजधानी में अपनी शानदार और पॉश इलाकों में रहने वालों की पसंद की गतिविधियों के कारण सुर्खियों में रहने वाले `World Integrated Centre’ क्लब के मालिक सचिन उपाध्याय की गिरफ्तारी के बाद फरार उनकी पत्नी नाजिया युसुफ को भी देहरादून की अदालत ने भगौड़ा घोषित कर दिया है। दो दिनों से दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा की टीम भी WIC और उपाध्याय दंपत्ति के चालंग स्थित आवास पर छापे मार चुकी है। वह दूसरे मामले में देहरादून आई है।

राजपुर रोड पर ओशो रेजोर्ट से सटे क्लब लगातार कई मामलों में गलत वजहों से सुर्खियों में बना हुआ है। कभी लाखों की लूट सारे आम हो जाने तो कभी सीज्ड संपत्ति पर क्लब के संचालन को ले कर। मालिक सचिन और नाजिया क्लब में निदेशक हैं। उन पर उनके ही किसी वक्त के साथी और कारोबारी देहरादून-दिल्ली निवासी मुकेश जोशी ने मुकदमा दर्ज करने के बाद विशेष जांच दल मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के फरमान पर बिठाने में सफलता पाई है।

इस मामले में SIT ने सचिन को तो गिरफ्तार कर लिया लेकिन नाजिया उसके हाथ नहीं लगी। तमाम कोशिशों के बावजूद उनका पता नहीं चला। वह 17 जनवरी 2020 से फरार है। इसके बाद ACJM-3 के आदेश पर नाजिया को भगौड़ा घोषित कर दिया गया। इससे संबन्धित नोटिस को उनके आवास के मुख्य फाटक पर चिपका भी दिया गया। पुलिस टीम ने आवास पर मौजूद लोगों से पूछताछ भी की।

चस्पा नोटिस में अदालत की तरफ से कहा गया है कि या तो नाजिया फरार हो गई है, या फिर वह खुद को छिपाए हुए है। नाजिया को 13 मार्च तक अदालत के सम्मुख उपस्थित होने का आदेश भी नोटिस में दर्ज है। इस मामले में `Newsspace’ को मुकेश जोशी ने बताया कि उनका और सचिन-नाजिया में अदालत के जरिये समझौता हो गया था। उनकी कंपनी SN Hospitality ने उनको 2.65 करोड़ रुपए देने थे। इसके बाद मैंने उनको अपने शेयर सौंपने थे।

मुकेश ने कहा कि करार के मुताबिक दोनों ने न तो मुझे मेरे पैसे वापिस दिए न ही मैंने शेयर उनको हस्तांतरित किए। इस बीच कंपनी ने शेयर गिरवी रख के PNB से 34 करोड़ रुपए का ऋण ले लिया। जो उनके साथ साफ तौर पर धोखाधड़ी है। इसकी रिपोर्ट उन्होंने राजपुर थाने में दर्ज कराई है। दिल्ली पुलिस आज भी देहरादून में ही एक अन्य धोखाधड़ी के मामले में सचिन के खिलाफ कार्रवाई के लिए डटी रही। उसने कल भी आवास और क्लब में दस्तावेजों को खंगाला था।

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