बिना परमिट चलेंगे ई वाहन,जीएसटी में मिलेगी छूट:नितिन गडकरी

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केंद्रीय मंत्री ने सियाम के वार्षिक सम्मेलन में संबोधित करते हुये कहा, ‘हमने इलेक्ट्रिक वाहनों तथा एथनॉल, बॉयो-डीजल, सीएनजी, मेथनॉल और जैव-ईंधन जैसे वैकल्पिक ईंधन से चलने वाले सभी वाहनों को परमिट आवश्यकताओं से छूट देने का फैसला किया है, हमने इन वाहनों को परमिट से मुक्त रखने का निर्णय लिया है.’

देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने ई-व्हीकल्स और वैकल्पिक ईंधन से चलने वाले वाहनों को परमिट जरूरतों से छूट देने का फैसला किया है. केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने यह बात कही.

गडकरी ने सब्सिडी पर रुख स्पष्ट करते हुये कहा, ‘ई-वाहनों पर 12 प्रतिशत जीएसटी है, मुझे नहीं लगता कि किसी सब्सिडी की जरूरत है… मेरे मंत्रालय ने अगले पांच वर्षों में बिना वित्तीय प्रोत्साहन के उत्पादन बढ़ाने के लिये विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है.’

गडकरी ने वाहन निर्माता कंपनियों से ई-व्हीकल्स की दिशा में ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा कि ओला और उबर जैसी कंपनियों के लिए अपने बेड़े में निश्चित मात्रा में ई-व्हीकल्स शामिल करना अनिवार्य बनाकर भी इस तरह के वाहनों की मांग बनाई जा सकती है.

गडकरी ने कहा कि राज्यों ने भी ई-व्हीकल्स को छूट देने पर सहमति व्यक्त की है. उन्होंने ई-व्हीकल्स उत्पादन के अवसर लाभ उठाने के लिये वाहन कंपनियों से आगे आने का आग्रह करते हुये किसी भी तरह के वित्तीय प्रोत्साहन से इनकार किया है.

वहीं पावर सेक्रेटरी अजय कुमार भल्ला ने कहा कि इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को बढ़ावा देने के लिए ज्यादा से ज्यादा संख्या में चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे. उन्होंने कहा कि चुनिंदा शहरों और हाईवेज पर हर 3 किलोमीटर पर चार्जिंग स्टेशन लगाने की कोशिश होगी.

गडकरी का यह बयान उस समय आया है जब सरकार पर्यावरण अनुकूल वाहनों को बढ़ावा देने के लिए फेम इंडिया योजना के दूसरे चरण की शुरुआत करने जा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात सितंबर को इसकी शुरुआत करेंगे. पांच साल के दौरान इस योजना पर 5500 करोड़ रुपये का व्यय किया जाएगा.

उन्होंने कंपनियों से नौ परिवहन में प्रवेश करने का भी सुझाव दिया है. गडकरी ने कहा, ‘आप विविधता क्यों नहीं लाते. इलाहाबाद से वाराणसी तक हमने पानी के स्तर की गहराई को कम से 1.5 मीटर रखा है। 15 करोड़ लोग कुंभ मेला में जुटेंगे. आप (कंपनियां) आए और 500-600 सीटर नाव चलाये, मैं सिर्फ आठ दिन में आपको सभी मंजूरियां दूंगा.

गडकरी ने यह भी कहा कि मंत्रालय ने ई-वाहन की भारत में बिक्री के लिए लाने को लेकर स्थानीय परीक्षण की जरूरत को समाप्त कर दिया है. घरेलू बाजार में फिलहाल यह सीमित संख्या में वाहनों के लिये उपलब्ध होगी और यदि ग्राहकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली तो ये कंपनियां भारत में वाहन बनाना शुरू कर सकती हैं.

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