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लजीज खाने का लुत्फ लेना है? `AURIC’ है न

जबर्दस्त है हर्ष-यश मिश्र के स्टार्ट अप का लोकेशन-इंटीरियर

अनिल कुमार मिश्र..मित्र हैं अपने..उनको देहरादून पसंद है..उनके पूरे परिवार को..दो सुशिक्षित बेटे हैं..हर्ष-यश..मूड आया अपना काम शुरू किया जाए..अच्छा-खासा कैरियर छोड़ा..दिमाग लगाया..क्या किया जाए..कहाँ किया जाए..दोनों ही काम बहुत बढ़िया वाला कर दिया है..महसूस किया कि देहरादून के लोगों को लजीज खाना बहुत पसंद है..हर तरह का..सो खोल दिया रेस्तरां.

`AURIC’ नाम से..राजपुर से पहले..मसूरी डायवर्जन से 500 मीटर आगे..सड़क पर..जायकेदार खाना तो है ही..(मैंने तकरीबन सभी देहरादूनी रेस्तरां-होटल को डुल लिया है)..वहाँ बैठने का जो लुत्फ आता है..उसको सिर्फ महसूस किया जा सकता है..पढ़-सुन के नहीं..सशरीर जा के..गारंटी देता हूँ..इतना अच्छा इंटीरियर आपको किसी रेस्तरां में मिल जाए..टैरेस पर कैफेटेरिया शुरू करने वाले हैं..ओपन..आज रात दफ्तर से लौटा तो सीधे `AURIC’ पहुंचा..परिवार के साथ..हर्ष-यश दोनों मिले..बड़े जोश और उत्साह के साथ अपने स्टार्ट अप रेस्तरां-भविष्य की योजनाओं के बारे में बताया..इंटीरियर पर अनुभवी और अपनी पसंद के लिए जाने जाने वाले उनके पिता की छाप है..देहरादून के रेस्तरां कई बहुत अच्छे हैं..उनके साथ लेकिन पार्किंग की दिक्कत रहती है.

यहाँ पार्किंग के लिए बेहतर जगह है..ज़्यादातर का खाना तकरीबन एक जैसा रहता है..`Town Table’ अलबत्ता अलग सा है.. `AURIC’ का स्वाद एकदम जुदा..रेस्तरां के टैरेस पर बैठ कर आप सामने के घने जंगलों से लदे-फदे हरे-भरे पहाड़ निहारें..आँखों को फिर से युवा और रोशनी तेज करें..ठंडी-साफ हवा को फेफड़े में जी भर के खींचिए.

शहर के दम घोटू और बेचैन करने वाले ट्रैफिक से कहीं दूर..अच्छे जायके के साथ ये सब तो USP हुई..देहरादून में इस लोकेशन पर तो इस तरह का रेस्तरां अनिवार्य था..नौजवान मिश्र बंधुओं ने इस कमी को दूर कर दिया..इसके आसपास राजन और साजन मिश्र का घर है..उम्मीद है जल्द ही एक और मिश्र बंधु अपने स्वादिष्ट भोजन और सौंदर्य से भरपूर स्थान पर खुले AURIC के कारण नया मुकाम अर्जित करेंगे..मिश्र परिवार को बधाई और शुभकामनाएँ.

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