न महानगर अध्यक्ष-न मेयर को ही थी भनक!

दोनों ने कहा-हमारा इस मामले से कोई मतलब ही नहीं था

Chetan Gurung

राजधानी में जहरीली अवैध शराब का कारोबार करने वाले और पथरिया पीर मोहल्ले में शराब पीने से छह लोगों की मौत के जिम्मेदार समझे जा रहे अजय सोनकर और घोंचू को बीजेपी में लाने वाले विधायक के नंबर मंत्रिपरिषद विस्तार के दौरान काटने की हिम्मत बीजेपी करेगी? ये सवाल बहुत मौजूं किस्म का है कि क्या मंत्रिपरिषद की तीन खाली सीटों को भरने के दौरान इस हादसे के बाद विधायक के नाम पर विचार किया जा सकता है कि नहीं?  

खास बात ये है कि जिस घोंचू के कारण बीजेपी को समाज में मुंह दिखाना भारी पड़ रहा, उसके दिग्गज नेताओं तक को लोगों से मुंह मोड़ के निकलने को मजबूर होना पड़ रहा, उसको लाने वाले पार्टी विधायक पहले भी कई मामलों में कुख्याति अर्जित करते रहे हैं। दबंग और काम कराने में तेज होने की ख्याति रखने वाले इस विधायक का नाम गाहे-बगाहे मंत्री पद के दावेदारों में लिया जाता रहा है।

इसमें शक भी नहीं कि उनकी वरिष्ठता ठीक-ठाक हो चुकी है। आम लोगों में तगड़ी पैठ भी बनाई है। इसके बावजूद ये भी सच है कि उनकी प्रतिष्ठा और छवि ने उनको ही नहीं बल्कि बीजेपी को भी कई मर्तबा झटका बहुत तगड़ा दिया है। पथरिया पीर मोहल्ले में अवैध शराब का धंधा चरम पर होने के बावजूद वहीं घर वाले इस विधायक को इस तस्करी-अवैध कारोबार की भनक नहीं थी, ये मुमकिन किसी भी कोण से नहीं लगता है।

कहा तो ये जा रहा है कि घोंचू को संरक्षण इसी विधायक का था। इसके कारण ही वह न सिर्फ बीजेपी में आया बल्कि धड़ल्ले से अवैध शराब का धंधा कर रहा था। समझा जा रहा है कि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के बेहद सख्त रुख के कारण घोंचू को इतनी जल्दी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में बीजेपी के महानगर अध्यक्ष विनय गोयल ने `Newsspace’से कहा-मुझे न घोंचू को बीजेपी में शामिल कराने के बारे में कोई पूर्व जानकारी दी गई, न ही मुझे ये जानकारी थी कि उसको बीजेपी में लाया जा चुका है। वह मण्डल स्तर का पदाधिकारी था।इसकी कोई सूचना महानगर नेतृत्व को नहीं थी।

मेयर सुनील उनियाल `गामा’ ने भी `Newsspace’ से साफ कहा कि घोंचू बीजेपी में था, उनको इसकी भी खबर नहीं थी। उन्होंने इस आरोप को सिरे से नकार दिया कि घोंचू को बीजेपी में लाने में उनकी कोई भूमिका थी। गामा के मुताबिक वह ऐसी प्रतिष्ठा वाले को कभी भी पार्टी में देखना पसंद नहीं करेंगे। उन्होंने भी नाम न लेते हुए इशारा किया कि एक पार्टी विधायक ही उनको ले के आए।

ये बात अलग है कि ये मानने वाले भी काफी लोग हैं, जो ये कहने से नहीं हिचकते कि घोंचू का फायदा सभी भाजपाइयों ने उठाया। आज जब वह इतने बड़े मामले में मुख्य आरोपी हो गया तो अब सभी उससे पल्ला छुड़ाने में लगे हैं। ये मुमकिन ही नहीं है कि पार्टी के प्रमुख लोगों के संज्ञान में लाए बिना कोई भी विधायक ऐसी दागी और विवादित को पार्टी में शामिल करा सकता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here