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AR रहमान तैयार करेंगे राष्ट्रीय खेल थीम सॉन्ग!

15 अक्तूबर को दिल्ली में खेल सचिव संत के साथ बैठक मुमकिन

आयोजन को ले के अब गंभीर दिख रही सरकार

Chetan Gurung

राष्ट्रीय खेल (2021) के लिए दुनिया में विख्यात संगीतकार एआर रहमान थीम सॉन्ग तैयार कर सकते हैं। इस बारे में सचिव (खेल) बृजेश संत की 15 अक्तूबर को दिल्ली में मुलाक़ात संभावित है। त्रिवेन्द्र सरकार खेलों के लिए अब गंभीर दिखने लगी है। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की अध्यक्षता में सचिव समिति (इसमें सभी महकमों के सचिव शामिल होते हैं) की बैठक खेलों के आयोजन को ले कर हो चुकी है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत भी आयोजन समिति की बैठक में कह चुके हैं कि इसका सफल आयोजन होना है। इसके प्रति सरकार बहुत गंभीर है।

रहमान के साथ एक दौर की बातचीत संत के मित्र एक राजस्थान काडर के IAS अफसर के जरिये हो चुकी है। ये नौकरशाह भी तमिलनाडु से है। उनके रिश्ते रहमान से काफी करीबी हैं। रहमान ने अभी जो चर्चा हुई, उसमें राष्ट्रीय खेलों के लिए थीम सॉन्ग तैयार करने के बाबत दिलचस्पी दिखाई है। इस पर अब अंतिम फैसला होना है। दिल्ली में संत और रहमान की बैठक के बाद काफी कुछ तस्वीर साफ हो पाएगी। ये भी संभावना जताई जा रही है कि शायद रहमान खेलों के प्रति अपने लगाव के चलते थीम सॉन्ग बिना पैसे लिए भी बना सकते हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत:राष्ट्रीय खेलों के लिए गंभीर

सरकार ने राष्ट्रीय खेलों के लिए रायपुर में राष्ट्रीय खेल सचिवालय स्थापित कर दिया है। इस बात पर भी विचार चल रहा है कि कम से कम 12 खेलों में  राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन किए जाएँ। जिन खेलों में पदक जीतने की संभावना अधिक है, उसमें अधिक ज़ोर लगाया जाए। उत्तराखंड की ताकत निशानेबाजी, एथलेटिक्स, जूडो, बैडमिंटन, मुक्केबाज़ी है। इन खेलों में उनसे पदक जीतने की उम्मीद की जा सकती है। इन खेलों के साथ ही अन्य पदक संभावित खेलों के लिए स्तरीय प्रशिक्षण शिविर विशेष रूप से आयोजित करने पर भी विचार शासन स्तर पर है।

खेल सचिव बृजेश संत

इन शिविरों में भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) और विदेशी पेशेवर प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए आमंत्रित करने पर भी विचार पाइप लाइन में है। आयोजन को पेशेवर और सफल स्पर्श देने के लिए सलाहकार समिति का गठन भी होगा। इसमें प्रशासनिक और खेलों के लिहाज से अनुभवी तथा काबिल लोगों को शामिल किया जाएगा। 38वें राष्ट्रीय खेलों का नंबर आने से पहले दो और राष्ट्रीय खेल होने हैं, लेकिन एक संभावना ये भी है कि छत्तीसगढ़ तथा गोवा अगर और विलंब करते हैं तो उत्तराखंड को उनकी जगह पहले खेल आयोजित करने का मौका दिया जाएगा।

दोनों राज्यों को उत्तराखंड से पहले खेल कराने हैं, लेकिन वे इसमें विलंब करते जा रहे हैं। भारतीय ओलिम्पिक संघ के महासचिव नैनीताल के राजीव मेहता हैं। उनकी कोशिशों के कारण ही ये खेल उत्तराखंड को मिल पाए हैं। अब सरकार इस आयोजन को कितनी रफ्तार दे पाती है, ये देखने वाली बात होगी।   

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