शिकायत मिली तो खत्म होगी सेवा:उपनल MD पाहवा

उत्तराखंड क्रिकेट की तकदीर पर अब 10 जनवरी को फैसला!

सुप्रीम कोर्ट ने BCCI की गुजारिश पर खिसकाई सुनवाई

Chetan Gurung

उत्तराखंड क्रिकेट की तकदीर पर सुप्रीम कोर्ट अब 10 जनवरी 2020 को सुनवाई करेगा। उसी दिन वह कुछ अहम फैसला भी सुना सकता है। BCCI की गुजारिश पर सर्वोच्च अदालत ने नई तारीख दी। इस बीच BCCI के उपाध्यक्ष माहिम वर्मा को ले कर रहस्य गहरा गया है। वह महीनों से अपने दफ्तर उत्तराखंड तकनीकी विवि से ब देखा जाएगा कि वर्मा के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाए। आउट सोर्स एजेंसी उपनल के प्रबंध निदेशक ब्रिगेडियर पीएस पाहवा ने भी `Newsspace’ से कहा-यूटीयू से आधिकारिक शिकायत मिलती है तो वह वर्मा की सेवा समाप्त कर देंगे।

BCCI ने कुछ नए प्रावधानों, जिनमें ओहदेदारों के कूलिंग ऑफ अवधि में संशोधन भी शामिल है, को मंजूरी के लिए सुप्रीम कोर्ट को भेजा है। इस गुजारिश को मंजूर करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई खिसका दी। अब अगले साल 14 जनवरी को इस संबंध में सुनवाई होगी। इसी मामले के साथ उत्तराखंड समेत अन्य कई राज्यों से जुड़े अहम मामलों पर भी सुनवाई और फैसला आने की संभावना जताई जा रही थी। उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन और उत्तरांचल क्रिकेट एसोसिएशन पूरी कोशिश कर रही है कि BCCI की मान्यता हासिल कर चुके क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड को सुप्रीम कोर्ट में दस्तावेजों के आधार पर फर्जी साबित किया जा सके।

CAU पर फर्जी दस्तावेजों और फर्जी वॉटर लिस्ट तैयार करने समेत ढेरों आरोप हैं। रजिस्ट्रार ऑफ सोसायटीज़ के एक प्रमुख अधिकारी ने कहा कि अगर CAU ने उनके यहाँ जो दस्तावेज़ जमा कराए हैं, उनमें किसी किस्म की तथ्यात्मक कमी पाई जाती है या फिर दस्तावेज़ झूठे साबित होते हैं तो उसका रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है। इसके साथ ही पुलिस में रिपोर्ट लिखाने का प्रावधान भी है। रजिस्ट्रेशन रद्द होने पर CAU की BCCI मान्यता भी खतरे में पड़ना तय है।

CAU के सचिव रह चुके माहिम को ले कर ताजा विवाद बिना बताए अपने दफ्तर UTU से गैर हाजिर रहना है। माहिम ने मीडिया में बयान दिया है कि उन्होंने बिना वेतन के तीन महीने की छुट्टी ली है। न उनकी मूल एजेंसी उपनल और न ही UTU के पास इस संबंध में कोई आधिकारिक सूचना है। विवि की रजिस्ट्रार अनीता राणा ने कहा कि उनके पास अभी तक वर्मा की तरफ से कोई जवाब उस नोटिस का नहीं आया है, जो विवि ने जारी किया है। अब ये देखा जा रहा है कि वर्मा के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाए।

माहिम उपनल से भेजे हुए आउट सोर्स कर्मचारी हैं। उपनल के प्रबंध निदेशक ब्रिगेडियर पाहवा ने भी साफ कहा कि उनके पास भी वर्मा की छुट्टी या फिर गैर हाजिरी के बारे में कोई औपचारिक सूचना नहीं है। विवि की तरफ से जैसे ही उनके पास इस संबंध में औपचारिक शिकायत आएगी, उनकी सेवा तत्काल खत्म कर दी जाएगी। उन्होंने ये भी कहा कि अगर कोई उपनल कर्मचारी ये कहता है कि वह बिना वेतन की छुट्टी पर है, तो इस तरह का कोई प्रावधान उपनल से भेजे गए कर्मचारियों के लिए सामान्य दशा में है ही नहीं। अहम पहलू ये है कि जिस माहिम को यूटीयू और उपनल तलाश रहा, वह देहरादून में ही हैं। आज भी वह एक होटल में समारोह में थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here