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WIC के निदेशकों सचिन-नाजिया के खिलाफ गैर जमानती वारंट

पूर्व मंत्री किशोर उपाध्याय के भाई-बहू हैं

कर्ज के 50 लाख न लौटाने पर दिल्ली की फर्म ने की कार्रवाई

चेक दिए लेकिन पैसा नहीं था आरोपियों के खाते में

Chetan Gurung

एनडी तिवाड़ी सरकार में मंत्री रहे पूर्व प्रदेश काँग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के छोटे भाई सचिन उपाध्याय और उनकी पत्नी नाजिया युसुफ ईजुद्दीन के खिलाफ दिल्ली की साउथ डिस्ट्रिक्ट साकेत (CMM) कोर्ट से 50 लाख के कर्ज न चुकाने के मामले में गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। पति-पत्नी पिछले काफी समय से लगातार किसी न किसी विवाद में घिरते रहे हैं।

कुछ अरसा पहले उनके क्लब से ही निकले शख्स से पुलिस वालों ने राजपुर रोड पर लूट कर ली थी। राजपुर रोड पर स्थित WIC क्लब की जमीन की लीज को ले कर भी विवाद बना हुआ है। ये कहा जा रहा है कि लीज की अवधि पूरी होने वाली है, लेकिन क्लब अभी भी आजीवन सदस्य बनाए जा रहा है। ताजा मामला दिल्ली के पुरुषोत्तम इनवेस्टोफिन LTD की तरफ से प्रमोद कुमार जैन से जुड़ा है।

जैन ने S एंड N लाइफ़स्टाइल होस्पिटलिटी PVT LTD के निदेशकों सचिन और नाजिया पर आरोप लगाए हैं कि 15 जनवरी 2018 को सचिन और नाजिया ने कंपनी की तरफ से 40 लाख रुपए बतौर कर्ज लिए। फिर चेक दिए। चेक लगाए तो संबन्धित कंपनी के खाते में पर्याप्त पैसे ही नहीं थे। इसके बाद जैन ने उपाध्याय दंपत्ति को कुल कर्ज और अन्य देनदारी मिला के 50 लाख का नोटिस दिया।

इसके बावजूद ये पैसा अभी तक न मिलने के बाद उन्होंने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी कर दिया। देहरादून में दून क्लब के बाद WIC को दूसरे नंबर का शानदार क्लब माना जाता है। शहर के अनेक रईसों तथा नौकरशाहों के पास इस क्लब की सदस्यता है। सदस्यता शुल्क काफी अधिक है। क्लब प्रबंधन पर क्लब की जमीन से ले के भी विवाद जुड़े हैं। अब गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद उपाध्याय दंपत्ति क्या रुख अख़्तियार करते हैं, इस पर लोग कयास ही लगा रहे हैं।  

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