Home उत्तराखंड BCCI उपाध्यक्ष माहिम वर्मा की बर्खास्तगी तय!

BCCI उपाध्यक्ष माहिम वर्मा की बर्खास्तगी तय!

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तीन महीने से गायब हैं दफ्तर से,अभिनंदन-दौरों में मस्त  

UTU रजिस्ट्रार ने शुरू की कार्रवाई  

UPNL एमडी ने कहा-`छुट्टी का प्रावधान ही नहीं’

कुलपति चौधरी के रवैये पर भी उठ रही अंगुली

Chetan Gurung

क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड को BCCI की मान्यता मिलने के बाद से ही विवादों की धुरी बन गए बोर्ड उपाध्यक्ष माहिम वर्मा की उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी से छुट्टी तय दिख रही है। वह पिछले तीन महीनों से दफ्तर से गैर हाजिर हैं और अब विवि ने उनकी आउटसोर्स एजेंसी UPNL को उनकी शिकायत करते हुए आवश्यक कार्रवाई करने को विधिवत चिट्ठी भेज दी है। UPNL के प्रबंध निदेशक ब्रिगेडियर पीपीएस पाहवा ने इस बारे में कार्रवाई शुरू कर दी है। इस बीच वर्मा और CaU के उपाध्यक्ष संजय रावत के बीच भी अनबन की खबर छन के सामने आ रही हैं। माना जा रहा है की मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के भतीजे संजय CaU में अभी भी वर्मा के दखल से नाखुश हैं।

UTU की रजिस्ट्रार ने `Newsspace’ से कहा-`विवि के पास न तो माहिम के बारे में कोई विधिवत जानकारी है न ही उनकी कोई छुट्टी ही मंजूर की गई है। वह आउटसोर्स कर्मचारी हैं। UPNL ने उनको भेजा है। UPNL को चिट्ठी भेज दी गई है कि उनका श्रमिक महीनों से गायब है। इस संबंध में एजेंसी उचित कार्रवाई करें’। ताज्जुब है कि वर्मा देहरादून में ही हैं। हाल ही में देहरादून जिला क्रिकेट संघ ने उनका अभिनंदन किया था। सूत्रों के मुताबिक CaU के एक पैट्रन ने, जिनके नाती को भी एसोसिएशन में शामिल कर लिया गया है, के कहने पर ये समारोह आयोजित किया गया था।

UPNL के प्रबंध निदेशक पाहवा ने `Newsspace’ से कहा-`कंपनी को विधिवत पत्र का इंतजार था। UTU में अगर उनका श्रमिक ड्यूटी पर नहीं जा रहा है। गैर हाजिर है। उस पर निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के तौर पर बर्खास्तगी ही होती है। उन्होंने कहा कि UPNL के श्रमिकों को सिर्फ रविवार और तीन राष्ट्रीय अवकाश ही दिए जाने के प्रावधान हैं। सुनने में आ रहा है कि वे उपार्जित और आकस्मिक अवकाश भी अपने दफ्तरों से ले रहे हैं। उनके मुताबिक अगर वर्मा क्रिकेट से जुड़ा है तो ये उनका निजी मामला है। इसका उनके नियोक्ता कार्यालय और UPNL की सेवा शर्तों से कोई वास्ता नहीं है।

इस मामले में UTU के कुलपति भी इस मामले में विवादों में आ गए हैं। उन्होंने ये कह दिया था कि वर्मा ने उनसे मौखिक मंजूरी ली थी। UTU एक्ट के मुताबिक छुट्टी देने या न देने के समस्त अधिकार रजिस्ट्रार में निहित हैं। रजिस्ट्रार के अनुसार उन्होंने कोई छुट्टी किसी को नहीं दी है। अनीता राणा (रावत) के अनुसार वर्मा की छुट्टी पर जवाब तलब किए जाने पर जवाब आ गया है, लेकिन छुट्टी का प्रावधान ही नहीं है। लिहाजा इस पर एक्ट के मुताबिक कार्रवाई की जा रही है। UTU-UPNL का रुख सामने आने के बाद BCCI उपाध्यक्ष वर्मा के खिलाफ सेवा से बर्खास्तगी तय समझी जा रही है। उनके साथ ही UTU के जो अन्य UPNL श्रमिक वर्मा के साथ गायब हैं, उनकी भी बर्खास्तगी तय है।

वर्मा को दस्तावेजों में सहायक लिपिक दिखाया गया है, लेकिन विवि में उनसे काम अलग-अलग किस्म के लिए जाते हैं। इस बीच ये खबर भी सूत्रों ने बताई कि वर्मा के गैर जरूरी दखल के कारण एसोसिएशन के उपाध्यक्ष रावत के साथ ही पूर्व अध्यक्ष हीरा सिंह बिष्ट ने भी नाराजगी जताई है। रावत और वर्मा में इस मामले में गरमा-गर्मी भी हुई बताई जा रही है। मुख्यमंत्री के करीबी रिश्तेदार होने के कारण संजय और त्रिवेन्द्र को भी विरोधी निशाने पर लेने की कोशिश कर रहे हैं।

दूसरी ओर संजय को भी एसोसिएशन की गतिविधियों के बारे में कुछ नहीं बताया जा रहा है। कानपुर-सहारनपुर लॉबी तथा CEO के ईशारे पर सारे काम किए जा रहे हैं। अध्यक्ष जोत सिंह गुनसोला भी माहिम के BCCI जाने के बाद खाली सचिव का कार्य खुद देख रहे हैं। सचिव का चुनाव न कराने के कारण उन पर भी अंगुली उठ रही है। कोषाध्यक्ष पृथ्वी सिंह नेगी ने `Newsspace’ से कह दिया है कि न तो उनसे आज तक एक भी बिल या उसकी फ़ाइल पर दस्तखत कराए, न ही उनको खर्चे के बारे में ही कुछ जानकारी है। अगर कुछ वित्तीय घोटाला होता है तो उनका उससे कोई वास्ता नहीं है।

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