सुनी पूरी अत्याचार गाथा,कार्रवाई का आश्वासन

THDC-IHET में तानाशाही-मनमानियों का खेल!

Chetan Gurung

THDC-IHET टिहरी से बर्खास्त एसोसिएट प्रोफेसर अरविंद कुमार सिंह ने तंत्र से परेशान हो के अब मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से मुलाक़ात कर इंसाफ की दुहाई दी है। उनको न सिर्फ मुख्यमंत्री ने लंबा वक्त दे के पूरी अत्याचार गाथा सुनी बल्कि इंसाफ दिलाने का वादा भी किया।

UTU के सम्बद्ध कॉलेजों में सबसे वरिष्ठ प्रो.अरविंद ने मुख्यमंत्री से मुलाक़ात के दौरान अपने साथ हुई ना-इंसाफ़ी को खुल कर बताया। उन्होंने बताया कि उनको पाँच बार एक ही जुर्म में बर्खास्त किया गया। हाई कोर्ट-सुप्रीम कोर्ट में जीतने के बावजूद उनको जॉइनिंग नहीं दी जा रही। THDC-IHET कॉलेज प्रशासन उन पर लगाए आरोपों को अब वापिस ले चुका है। सुप्रीम कोर्ट के सामने कह चुका है कि उनकी नियुक्ति कोई विषय ही नहीं है।

ये विषय इस लिए अहम हो जाते हैं कि उन मुद्दों पर ही सिंह को बर्खास्त किया जाता रहा है। अहम बात ये भी है कि आखिरी बार जिस बैठक में उनको एक बार फिर बर्खास्त किया गया, वह उत्तराखंड तकनीकी विवि के कुलपति की अध्यक्षता वाली वाजिब बोर्ड ऑफ गवर्नर की बैठक न हो के TEQIP की थी, जो विश्व बैंक प्रोजेक्ट की निगरानी के लिए गठित है। उसके अध्यक्ष एक रिटायर्ड प्रोफेसर डीपी कोठारी हैं। खास बात ये है कि खुद प्रो. कोठारी कह चुके हैं कि प्रो. अरविंद की बर्खास्तगी गलत हो गई है। ये मुद्दा एजेंडे में भी नहीं था। न ही उनको ये बताया गया था कि ये मामला अदालतों में चल रहा है।

इस मामले में कॉलेज के काम चलाऊ निदेशक KK Mer जो गोपेश्वर कॉलेज के निदेशक भी हैं, के साथ ही कॉलेज के बर्खास्त निदेशक और खुद कुलपति नरेंद्र चौधरी का नाम घेरे में है। ये माना जा रहा है कि सरकार को अंधेरे में रख के साजिशन प्रो. अरविंद को बर्खास्त किया गया। Mer पर कॉलेज न आने और कॉलेज को और बदहाल कर दिए जाने तथा मनमाने-तानाशाही पूर्ण फैसले लेने के आरोप लगाए जा रहे हैं। उनकी कॉलेज स्टाफ से बुरी तरह झगड़े का वीडियो भी वायरल हुआ था। प्रो.अरविंद ने अपने साथ हो रहे बर्ताव का पूरा जिक्र मुख्यमंत्री से किया, साथ ही सुप्रीम कोर्ट-हाई कोर्ट के आदेश की नाफरमानी का भी जिक्र किया।

उन्होंने `Newsspace’ से कहा कि मुख्यमंत्री ने उनकी एक-एक गुजारिश और तथ्यों को गंभीरता से सुना। साथ ही सोमवार को इस पर आवश्यक कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने उनके साथ हुए बर्ताव पर कहा कि वह किसी के साथ ना-इंसाफ़ी नहीं होने देंगे। प्रो.अरविंद इसे पहले तकनीकी शिक्षा के अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश से भी मुलाक़ात कर चुके हैं। ओमप्रकाश ने भी उनकी बातों को गंभीरता से सुन के इस बारे में सचिव अशोक कुमार को जरूरी कार्रवाई के लिए निर्देश दिए हैं।

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