आयुक्त रमन ने प्राधिकरण को दिए क्लब पर कार्रवाई का हक  

पूर्व जांच रिपोर्ट की पुष्टि के लिए एक और जांच के आदेश

नए साल की पूर्व संध्या के आयोजन पर संकट के बादल

Chetan Gurung

राजधानी के सबसे पाश ईलाकों में रहने वाले रईसों के क्लब वर्ल्ड इंटीग्रिटी सेंटर (WIC) पर MDDA के सख्त तेवरों के बाद मंडलायुक्त के फरमान ने संकट के काले बादल और गहरे कर दिए हैं। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ने इसको अवैधानिक ढंग से संचालित होने और निर्माण के कारण सीज करने का फरमान दिया है, लेकिन क्लब नए साल के आयोजनों की तैयारियों में व्यस्त है। गढ़वाल मण्डल के आयुक्त रमन रविनाथ ने भी इस मामले में सुनवाई के बाद प्राधिकरण को हक दिया है कि वह सुनवाई पूरी होने तक नियमानुसार कदम उठाने के लिए सक्षम है। कल इस पर संयुक्त स्थालीय जांच होगी। उसकी रिपोर्ट अगर क्लब के हक में नहीं आई तो न्यू इयर ईव आयोजन पर कुल्हाड़ी भी गिर सकती है।  

राजपुर रोड पर स्थित क्लब को ले कर कई किस्म की शिकायतें हैं। इन पर MDDA में विचार हुआ। अधिकांश आपत्तियाँ और शिकायतें प्राधिकरण के मुताबिक सही पाई गईं। इनमें राजपुर रोड से क्लब के भीतर जाने वाली सड़क की चौड़ाई पर्याप्त न होना (कहीं 4.50 और कहीं 5.50 मीटर), स्थल और निर्माण का व्यावसायिक इस्तेमाल किया जाना तथा अशमनीय निर्माण शामिल है। क्लब का स्वामित्व SM Hospitality के पास है। क्लब का पहुँच मार्ग 5 फरवरी 19 की नियमानुसार 12 मीटर होना अनिवार्य है। उससे पूर्व हुए निर्माणों के लिए यही नियम है। अब इसको शासन ने छह मीटर कर दिया है। ऐसा MDDA का कहना है। कंपनी ने शासन से मार्ग संबंधी नियमों में शिथिलीकरण की गुजारिश भी की है। इस पर मंजूरी नहीं मिली है।

प्राधिकरण की दलील है कि जिस राजेंद्र नौटियाल से भूमि खरीदी गई, उसने भी दस्तावेजों में पहुँच मार्ग की चौड़ाई 15 फीट ही दिखाई है। क्लब प्रबंधन की आपत्ति है कि क्लब परिक्षेत्र का परीक्षण करने के लिए जब प्राधिकरण ने टीम (अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता, अवर अभियानता शामिल) भेजी तो पूर्व में उसको सूचित नहीं किया गया। टीम की रिपोर्ट पर उसने ऐतराज जताया है। टीम ने रिपोर्ट में ये भी कहा कि क्लब जिस भूमि पर है, वह आवासीय है। उस पर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित नहीं की जा सकती। ये भूमि सार्वजनिक और अर्ध सावर्जनिक है। साथ ही कई निर्माण विधिवत नहीं हैं और दर्शाए नहीं गए हैं। एकल समाधान योजना में ये शमनीय नहीं है। 27 अप्रैल 2019 को MDDA ने मंजूर नक्शे के विपरीत निर्माण और अन्य कारणों के कारण क्लब को सील करने के आदेश जारी कर दिए थे। ये बात हैरान करती है कि इसके बावजूद इस पर अमल नहीं हुआ। फिर क्लब प्रबंधन आयुक्त की अदालत में चला गया।

क्लब प्रबंधन ने आयुक्त न्यायालय को तमाम दलीलें अपने हक में दी हैं। उन पर पहले दौर की सुनवाई के बाद आयुक्त ने फिलहाल प्राधिकरण की टीम को 28 दिसंबर 2019 की सुबह 11 बजे क्लब का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। अगर प्राधिकरण की पूर्व जांच से नई जांच रिपोर्ट मेल खा जाती है तथा आवासीय का उपयोग व्यासायिक तौर पर किया जा रहा है तो फिर प्राधिकरण उपयुक्त विधिक कार्रवाई करने को आजाद होगा।

इस नए फरमान से क्लब प्रबंधन बहुत परेशान और विचलित बताया जा रहा है। पहले ही कई विवाद उससे जुड़ चुके हैं, और अब सवाल क्लब के अस्तित्व का आ गया है। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि क्लब को सीज कर दिया गया तो तमाम कानूनी और पेचीदा मामलों का सामना क्लब प्रबंधन को कई दिशाओं से करना पड़ सकता है। नए साल की पूर्व संध्या पर भी विशेष आयोजनों की तैयारियां चल रही हैं। उनको भी रद्द करना पड़ जाएगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here