संयुक्त सचिव रहते चयनकर्ताओं-प्रशिक्षकों-निदेशकों-प्रबन्धकों को खुद ही कर दिया नियुक्त

मार्च के पहले हफ्ते होगा सचिव का चुनाव,तब तक अवनीश संभालेंगे जिम्मा

रणजी ट्रॉफी में घटिया प्रदर्शन पर तलब होंगे प्रशिक्षक-चयनकर्ता

CEO अमृत माथुर पर भड़के कोषाध्यक्ष पृथ्वी,बैठक से बाहर किया

अपेक्स काउंसिल बैठक में लगातार दूसरे दिन गर्म रहा माहौल

Chetan Gurung

BCCI के उपाध्यक्ष माहिम वर्मा उत्तराखंड क्रिकेट में मनमानी नियुक्तियों को ले कर घिर गए हैं। क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के संयुक्त सचिव रहने के दौरान उन्होंने हर उस पद पर नियमों के खिलाफ खुद ही नियुक्तियाँ दे दी, जिसके लिए वह अधिकृत ही नहीं थे। अपेक्स काउंसिल की लगातार दूसरे दिन हुई गर्म बैठक में सर्व सम्मति से तय किया गया कि माहिम के खिलाफ जांच बिठाई जाएगी। साथ ही उनकी तरफ से की गई हर नियुक्ति की भी विशेष जांच होगी। CAU के इस सख्त फैसले से BCCI के भी बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। बैठक में तय किया गया कि सचिव की खाली कुर्सी पर मार्च के पहले हफ्ते में चुनाव करा दिए जाएंगे। खास बात ये रही कि बैठक में मौजूद CEO अमृत माथुर को कोषाध्यक्ष पृथ्वी सिंह नेगी के ऐतराज के बाद दरवाजे के बाहर कर दिया गया। रणजी ट्रॉफी में उत्तराखंड टीम के शर्मनाक प्रदर्शन पर चयनकर्ताओं के साथ ही प्रशिक्षकों से जवाब तलब करने का भी फैसला किया गया।

बैठक में इस बात पर हैरानी जताई गई कि माहिम ने हर स्तर की नियुक्तियाँ खुद ही नवाबों की तरह कर दी। इसके लिए न तो एसोसिएशन के अध्यक्ष (उस वक्त हीरा सिंह बिष्ट) और न ही सचिव (उस वक्त PC वर्मा) से ही कोई मंजूरी ली। माहिम इसके लिए सक्षम ओहदेदार भी नहीं थे। वह तब संयुक्त सचिव थे। नियुक्तियों का हक उनके पास नहीं था। खास बात ये है कि PC verma ने भी इस मामले में आँखें मूँदे रखी। माहिम उनके ही पुत्र हैं। माहिम ने चयनकर्ताओं, प्रशिक्षकों, टीम मैनेजरों, निदेशकों के साथ ही CAU के अन्य पदों पर भी नियुक्तियाँ की। इसकी मंजूरी न तो अध्यक्ष या सचिव से विधिवत ली न ही इसकी सूचना ही विधिवत दी। वह अपने साथ उत्तराखंड तकनीकी विवि से भी कुछ उपनल कर्मचारियों को ले के आए। उनकी नियुक्तियों पर भी बैठक में मुद्दा उठाया गया।

एपेक्स काउंसिल सदस्यों ने अध्यक्ष जोत सिंह गुनसोला से इस पर ऐतराज जताते हुए कहा कि ये सब गंभीर अनियमितता और घोटाले हैं। मामले की गंभीरता और माहौल को देखते हुए इन सभी नियुक्तियों और माहिम के खिलाफ जांच को काउंसिल ने मंजूरी दे दी। एसोसिएशन के सदस्यों की तरफ से दिए गए पत्र, जिसको Letter Bomb कहा जा रहा है, में दर्ज शिकायतों पर सभी ने गंभीरता के साथ कठोर कार्रवाई करने की हामी भरी। मुख्यमंत्री के भतीजे और CAU उपाध्यक्ष संजय रावत और संयुक्त सचिव अवनीश वर्मा भी पृथ्वी के साथ बहुत मुखर रहे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड क्रिकेट की भलाई के लिए अभी से सफाई और धांधलियों पर सख्त कार्रवाई करना होगा। संजय ने रणजी टीम के लगातार मैचों में शर्मनाक ढंग से आत्म समर्पण कर देने के लिए खराब चयन और इसके पीछे के खेल को भी जिम्मेदार माना।

इस पर तय हुआ कि चयनकर्ताओं के साथ ही प्रशिक्षकों से हफ्ते भर में इस मुद्दे पर जवाब तलब किए जाएंगे। बैठक के दौरान एसोसिएशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमृत माथुर भी मौजूद थे। पृथ्वी ने उनको ये कहते हुए कक्ष से बाहर जाने के निर्देश दिए कि उनका बैठक से कोई वास्ता नहीं है। एसोसिएशन में गड़बड़ियों को ले के संबन्धित अधिकारियों से भी जवाब तलब करने का फैसला किया गया। संयुक्त सचिव अवनीश वर्मा ने टीम में खराब प्रदर्शन वालों को शामिल करने और अच्छे प्रदर्शन वालों को बाहर करने पर भी चयनकर्ताओं को निशाने पर लिया।

ये अहम फैसला भी हो गया कि माहिम के BCCI में जाने के बाद खाली CAU सचिव की कुर्सी पर चुनाव मार्च में पहले हफ्ते करा लिए जाएंगे। इसके लिए चुनाव अधिकारी से वक्त ले लिया जाएगा। एसोसिएशन का दफ्तर भी सिर्फ SBI पुरानी बिल्डिंग (कॉन्वेंट रोड) में रखने का फैसला हुआ। होटल `Ida’ में चार कमरों में चल रहे और अन्य स्थानों पर भी चल रहे अनाधिकारिक दफ्तरों को फौरन बंद करने का फैसला भी पारित हो गया। होटल में माथुर अपना दफ्तर चला रहे थे। जो बहुत खर्चीला बैठ रहा था। इसकी कोई मंजूरी भी नहीं ली गई थी। ये भी फैसला हुआ कि जब तक सचिव का चुनाव नहीं होता है, संयुक्त सचिव ही इसका अतिरिक्त कार्यभार संभालेंगे। माहिम के बाद अध्यक्ष गुनसोला इस ज्म्मेदारी को उठा रहे थे, जो BCCI बाई लॉज का उल्लंघन था।

पृथ्वी ने इन मामलों की पुष्टि करने के साथ ही बताया कि जिलों में चल रहे खिलाड़ियों के रजिस्ट्रेशन की भी रिपोर्ट CAU में भेजने को कहा है। इन रजिस्ट्रेशन चल रहा है। रजिस्ट्रेशन को ले कर भी CAU के पास शिकायतें आ रही हैं। मार्च में ही पहले हफ्ते एसोसिएशन की सालाना बैठक भी कराने पर फैसला हो गया। एपेक्स काउंसिल बैठक के बाद ओहदेदारों ने `Newsspace’ से कहा कि CEO का रुख भी नौकरशाह जैसा हो गया है। वह खुद को एसोसिएशन से ऊपर मान कर मनमाने कदम उठा रहे थे। उनको बैठक से बाहर इस लिए किया गया कि वह इसके लिए अधिकृत नहीं थे। पिछली बैठक में माहिम भी आ गए थे। जो कि गलत था। आइंदा ऐसा नहीं होगा।

नेगी के मुताबिक उत्तराखंड क्रिकेट को साफ-सुथरा बनाने के लिए हर मुमकिन ठोस कदम उठाने से एपेक्स काउंसिल हिचकेगी नहीं। न ही बड़े से बड़े नाम भी गलत मामलों में कार्रवाई से बचेंगे। उन्होंने बताया कि अब मीडिया से बात करने का आधिकारिक जिम्मा संयुक्त सचिव ही संभालेंगे। सूत्रों के मुताबिक ये भी कहा गया कि माहिम पर लिए जा रहे फैसलों से BCCI अध्यक्ष सौरव गांगुली को भी अवगत कराने के लिए उनको भी रिपोर्ट भेजी जाएगी। माना जा रहा है कि CAU के इस फैसले से न सिर्फ माहिम के लिए संकट पैदा होना तय है, बल्कि BCCI भी दाग से बच नहीं पाएगा। सुप्रीम कोर्ट की कमेटी CoA ने सर्वोच्च अदालत को दी अपनी रिपोर्ट में पहले ही माहिम के BCCI चयन पर आपत्ति जता दी थी। फिर भी उनको नियुक्त किया गया।

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