कम नहीं हो रही पूर्व मंत्री किशोर के भाई की परेशानी

Chetan Gurung

दिल्ली पुलिस ने आवास के बाद आज सचिन उपाध्याय के स्वामित्व वाले बहुचर्चित क्लब WIC पर भी छपा मारा। यहाँ भी उन्होंने दस्तावेजों को खंगाल डाला। क्लब के कर्मचारियों से गहन पूछताछ की। एक के बाद के आरोपों और मामलों में घिरे काँग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मंत्री किशोर उपाध्याय छोटे भाई के लिए आने वाले दिन और परेशानी भरे साबित हो सकते हैं।

दिल्ली पुलिस ने सहस्त्रधारा बाई पास की दिशा में स्थित चालंग गाँव में आवास को कल खंगाल डाला था। आज भी वह World integrated Centre जा धमकी। उत्तराखंड पुलिस भी साथ ही थी। इतनी तादाद में पुलिस को देख क्लब में हड़कंप मच गया। पुलिस ने क्लब के दस्तावेज़ और अन्य दस्तावेजों के बारे में पूछताछ की। स्टाफ से जांकरियां हासिल की।

दिल्ली पुलिस की आर्थिक आपराधिक शाखा के इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार की अगुवाई में दल सर्च वारंट के साथ पाहुचा था। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली पुलिस में धारा 420, 406, 467, 468, 471 और 120 बी के अंतर्गत सचिन के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। सचिन पर पार्टनर के फर्जी दस्तखत कर कंपनी को हड़पने और इसको फिर पत्नी नाजिया युसुफ के नाम करने के आरोप हैं। इस मामले में नाजिया तथा अन्य नामजद किए गए हैं।

इनमें CA अनिल गुप्ता तथा दिल्ली का विजय शर्मा भी शामिल है। सचिन के खिलाफ और भी कई संगीन आरोप संपत्ति को ले कर पुलिस में दर्ज है। सचिन के चलते किशोर उपाध्याय के राजनीतिक जीवन पर भी आंच आने की आशंका पैदा हो गई है। ये बात अलग है कि अभी तक एक भी मामले में किशोर की संबद्धता की मिसाल सामने नहीं आई है। सचिन के खिलाफ राजेंद्र नौटियाल नाम के शख्स ने भी उसकी संपत्ति के साथ भी करार का उल्लंघन कर छेड़छाड़ करने के आरोप लगाते हुए, संपत्ति पर कब्जा वापिस दिलाने की मांग की है।

उन्होंने MDDA से भी उनकी संपत्ति के मामले में जरूरी कार्रवाई करने की मांग की है। WIC राजपुर रोड पर है। इसको देहरादून के नए रईसों और शौकीनों का केंद्र कहा जा सकता है। सचिन और नाजिया के पुलिस मुकदमों में फंसे के बाद क्लब के संचालन में भी दिक्कतें आने की आशंका पैदा हो गई है।  

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