उठने लगी संदिग्ध चयन प्रक्रिया के खिलाफ आवाज-शिकायतें

Director-Dean कौन बनेंगे, पहले से तय!

विवादास्पद नामों के interviews,चयन समिति पर अंगुली

विधानसभा सत्र के दौरान उछल सकता है मामला

कृषि मंत्री सुबोध उनियाल तक पहुंचा मामला

Chetan Gurung

पंत नगर विवि (GBPUAT) में Directors-Dean की भर्तियों से एक बार फिर सरकार घिर सकती है। Forest Guards भर्ती निचले स्तर की हो रही, जिसमें साजिश की जांच शुरू हो गई है। पंत नगर विवि की भर्तियाँ उन पदों पर हो रही, जिनके हाथों में देश के युवाओं और भविष्य के भारत का भविष्य है। समाजसेवी मधुलिका शर्मा ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए, इसकी चयन समिति में विशेषज्ञों के समान होने के साथ ही कुछ शॉर्ट लिस्टेड नामों पर ऐतराज जताया है। साथ ही नामों के ऐलान से पहले निष्पक्ष जांच समिति का गठन करने की मांग की।

मिसालें कई हैं। जब भर्तियों को ले के गड़बड़ियाँ हुईं, बचा कोई नहीं। दारोगा भर्ती और पौड़ी का पटवारी भर्ती घोटाला और उसके जिम्मेदारों का अंजाम शायद सभी को याद न हो। भूल गए हों। दारोगा भर्ती घोटाला जो पिछले दशक के शुरूआत में हुआ था। उस पर जब रोज कहानी छपनी शुरू हुई तो 8 दारोगा तो बर्खास्त हुए। जो भर्ती किए गए थे। फिर DGP प्रेम दत्त रतुड़ी को कुर्सी से हटा दिया गया। IGP और वरिष्ठ IPS राकेश मित्तल मुअत्तल हुए। मित्तल बहुत प्रतिभावान और चमकदार ट्रैक रेकॉर्ड रखते थे।

इस घोटाले ने उनका भविष्य खत्म कर दिया। वह DGP भी नहीं बन सके। घोटाला सामने न आता तो वह CBI-IB के Boss बनने की कुव्वत रखते थे। इतने पर ही कहानी खत्म नहीं हुई। CBI ने इस घोटाले को खुद ही हाथ में लिया। पुलिस मुख्यालय पर छापा मारा। देश के इतिहास में ये इकलौती मिसाल है, जब पुलिस मुख्यालय पर CBI ने छापा मारा हो। ये जांच आज भी चल रही है।

पटवारी भर्ती घोटाला भी कई नौकरशाहों का भविष्य चौपट कर गया। 78 पटवारियों की भर्ती तब निरस्त कर दी गई, जब इसमें घूसख़ोरी के मामले सामने आए। कलेक्टर SK Lamba मुअत्तल कर दिए गए थे। उनको सचिव बनना था। घर जाना पड़ा। बे-आबरू हो के। CDO राजकुमार सिंह जांच में घिर गए। रो-धो के बाद में PCS से IAS में चयनित हो सके। एक और PCS विनोदचन्द्र सिंह रावत का कैरियर चौपट हो गया। वह गुमनामी में ही रिटायर हो गए। बिना IAS बने।

दोनों मामलों ने उस वक्त की NDTiwari सरकार की प्रतिष्ठा को धूल-धूसरित कर दिया था। जब बीजेपी की BCKhanduri सरकार आई तो इन पर भी जांच आयोग बैठा था। अभी भी अधीनस्थ चयन सेवा आयोग की फॉरेस्ट भर्ती घोटाला सामने आने पर सरकार ने जांच बैठा दी गई है। कई मुकदमे हो चुके हैं। ऐसे माहौल में पंत नगर विवि में भर्ती को ले के जिस तरह अभी से अंगुली-ऐतराज उठ रहे, उससे विवि प्रशासन के लिए भी भविष्य में संकट पैदा हो जाए तो अचंभा नहीं होगा। ऐसा पता चला है कि सरकार तक इसकी भनक पहुँच चुकी है।

सूत्रों के मुताबिक कुछ लोगों ने कृषि मंत्री सुबोध उनियाल तक बात पहुंचा दी है। नैनीताल हाई कोर्ट में PIL भी मुमकिन लग रही है। इसकी तैयारी भी कुछ NGO से जुड़े लोग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) तक भी लोग शिकायत पहुंचा रहे हैं। देर-सवेर इस पर जीरो टालरेंस मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत कठोर कदम उठा सकते हैं, ऐसा समझा जा रहा है। Director-Dean के पदों पर जिस तरह भर्ती के लिए विशेषज्ञों की समिति गठित की गई है, वह वाकई हैरान करने वाली है।

एकाध को छोड़ सभी लोग अन्य विशेषज्ञ समिति में भी हैं। जिनके बारे में उनको जरूरी विशेषज्ञता हासिल भी नहीं है। एक बर्खास्त Director और एक Dean को भी इंटरव्यू में बुलाया गया। समाजसेवी मधुलिका शर्मा ने आवाज उठाते हुए कहा कि चयन प्रक्रिया सिर्फ दिखावा है। नाम तय हैं, जिनको रखा जाना है। चयन में न तो पारदर्शिता है, न ही कई उम्मीदवारों के असली शैक्षिक दस्तावेजों का परीक्षण-जांच ही की गई है। उन्होंने दो मांग प्रमुखता से की है। एक-ये भर्तियाँ उत्तराखंड लोक सेवा आयोग से कराई जाए। दो-पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

उत्तराखंड में उत्तराखंड तकनीकी विवि के साथ अब पंत नगर विवि भी विवादों की कतार में कंधे से कंधा मिला के खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री रावत और कुलाधिपति राज्यपाल बेबी रानी मौर्य पंत नगर विवि भर्ती मामलों में क्या और किस तरह का सख्त कदम उठाते हैं, ये देखने वाली बात होगी। खास तौर पर ये देखते हुए कि विधानसभा के अगले सत्र में इस मुद्दे को उठाने के लिए काँग्रेस ही नहीं बीजेपी के भी विधायक तैयारी कर रहे हैं।

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