, , ,

दून मेडिकल कॉलेज बना `CORONA’ अस्पताल

डिलिवरी केस गांधी शताब्दी अस्पताल में

बाकी मरीज Coronation अस्पताल शिफ्ट

30 वेंटिलेटर के ऑर्डर और दिए

भीड़ के सड़कों पर उमड़ने से नाखुश सरकार

Chetan Gurung

दून मेडिकल कॉलेज को सरकार ने CORONA अस्पताल में तब्दील कर दिया है। कॉलेज तकरीबन खाली हो चुका है। एकाध दिन में बचे हुए अन्य मरीज भी गांधी शताब्दी और Coronation अस्पताल शिफ्ट कर दिए जाएंगे। सरकार जनता कर्फ़्यू के दौरान रविवार शाम को लोगों के सड़कों-सार्वजनिक स्थानों पर उमड़ने से नाखुश है।

दून मेडिकल कॉलेज में 3 IFS जो CORONA से संक्रमित हैं, के साथ ही दो दर्जन के करीब संदिग्ध मरीज भर्ती हैं। इसके चलते आशंका जताई जा रही है कि अन्य बीमारियों और कारणों से भर्ती लोगों को भी CORONA का संक्रमण हो सकता है। इसको देखते हुए सरकार पर ये दबाव था कि वह अन्य मरीजों की जान बचाने या संक्रमण से रोकने के लिए उनको किसी अन्य जगह ले जाया जाए।

इस पर अमल शुरू हो गया है। दून मेडिकल कॉलेज के दो फ्लोर खाली करा लिए गए हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी सचिव डॉ. पंकज पांडे ने `Newsspace’ से कहा, `बच्चों की डिलिवरी से जुड़े केसों को अब गांधी शताब्दी अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है। वहाँ डिलिवरी संबंधी सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। बाकी सामान्य मरीजों को Coronation अस्पताल भेज दिया गया है। कुछ मरीज अभी दून मेडिकल कॉलेज में बचे हैं। उनको भी एकाध दिन में शिफ्ट कर देंगे’।

डॉ. पांडे ने कहा कि सरकार CORONA संकट से निबटने के लिए सख्ती और गंभीरता से जुटी हुई है। दून मेडिकल कॉलेज में इस्तेमाल के लिए 30 वेंटिलेटर और ऑर्डर किए गए हैं। 10 वेंटिलेटर पहले से उपलब्ध हैं। जरूरत पड़ने पर और वेंटिलेटर तथा जरूरी उपकरण खरीदे जाएंगे। PPE किट भी और उपलब्ध कराए जा रहे हैं। दून मेडिकल कॉलेज में 3 IFS ट्रेनी संक्रमण की गिरफ्त में पाए जाने के बाद भर्ती हैं।

तीनों को एक साथ ही कोरेंटाइन किया गया है। सबसे पहले भर्ती एक ट्रेनी IFS के बर्ताव से डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ काफी परेशान बताया जा रहा है। प्रभारी स्वास्थ्य सचिव के अनुसार Coronation अस्पताल में सिर्फ जरूरी तथा गंभीर केस से जुड़े मरीजों को भी भर्ती किया जा रहा है। डॉ. पांडे ने इस पर भी चिंता जताई कि कल शाम पाँच बजे जनता कर्फ़्यू के दौरान लोग घंटी-थाली बजाते हुए सड़कों पर निकल आए।

इससे CORONA के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इस मामले में सख्ती अपनाने के लिए डॉ. पांडे ने प्रशासन से बात करने की बात कही। सरकार की मंशा अभी निजी मेडिकल कॉलेजों-अस्पतालों-नर्सिंग होम को अधिग्रहित करने की नहीं है। स्वास्थ्य सचिव के अनुसार इसकी जरूरत अभी नहीं है। प्राइवेट मेडिकल कॉलेज,अस्पताल और नर्सिंग होम भी CORONA जांच करेंगे। अटल आयुष्मान चिकित्सा योजना में फ्लू भी शामिल है। CORONA फ्लू श्रेणी में आता है।   

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *