12वीं के रुके पेपर्स नई तारीखों में होंगे

शिक्षकों को मिलेगी लॉक डाउन अवधि की तनख्वाह:मीनाक्षी सुंदरम

Chetan Gurung

भारत को भी अपने खूनी आगोश में लेने वाली महामारी `Corona (Covid-19)’ के कारण लॉक डाउन लंबा चला तो स्कूलों की गर्मी की छुट्टियों में कटौती की जाएगी। शिक्षा सचिव मीनाक्षी सुंदरम ने `Newsspace’ से कहा कि उत्तराखंड बोर्ड की 12वीं के रुके इम्तिहान जरूर होंगे। प्राइवेट स्कूल्स के शिक्षकों को लॉक डाउन अवधि की तनख्वाह भी प्रबंधन को देना ही होगा।

कॉरोना के कारण देश भर में लॉक डाउन है। 21 दिन का लॉक डाउन 14 अप्रैल को खत्म होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा तो है कि 15 अप्रैल से लॉक डाउन धीरे-धीरे खत्म कर दिया जाएगा। फिर जन-जीवन सामान्य करने के लिए व्यवस्था की जाएगी।

इसके बावजूद ये भी हकीकत है कि जिस तरह नए कॉरोना मरीज लगातार मिल और बढ़ रहे हैं, वे लॉक डाउन खत्म करने के केंद्र सरकार के फैसले को कहीं बदल न दें। हालात 14 अप्रैल तक नहीं सुधरे तो ये भी मुमकिन है कि लॉक डाउन आगे भी चलता रहे। तब स्कूलों की छुट्टियाँ और लंबी हो जाएंगी। पढ़ाई का सीजन बहुत छोटा हो जाएगा।

इसका हल सरकार के मुताबिक गर्मी की छुट्टियों को कम कर के निकाला जाएगा। शिक्षा सचिव सुंदरम ने कहा कि जितनी न्यूनतम अवधि के पढ़ाई होनी है, उतनी तो करनी जरूरी है। थोड़ा बहुत ऊपर-नीचे हो सकता है, लेकिन लॉक डाउन लंबा खिंचा तो फिर दिक्कत होगी। गर्मी की छुट्टियों को ले के भी समस्या आ सकती है।

हरिद्वार-उधम सिंह नगर मैदानी और बेहद गरम इलाके हैं। नैनीताल में भी हल्द्वानी मैदानी तथा गरम हिस्सा है। वहाँ स्कूलों में बच्चों के लिए गर्मियों में आना और पढ़ पाना तकरीबन नामुमकिन होगा। इस बारे में सचिव सुंदरम के मुताबिक कुछ अधिकार जिलाधिकारियों को भी दिए जाएंगे। उनको लगता है कि गर्मी बहुत ज्यादा हो गई है और पढ़ने-पढ़ाने की हालत नहीं है तो स्कूल चलाने या न चलाने का फैसला वे खुद ले सकेंगे।

इस बारे में अंतिम फैसला मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद होना है। शिक्षा सचिव ने ये भी कहा कि स्कूल साल भर की फीस बच्चों से लेते हैं। लॉक डाउन में भले स्कूल बंद रहे, लेकिन इस अवधि की तनख्वाह वे शिक्षकों और कर्मचारियों को देंगे। उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाएँ अभी खत्म नहीं हुई हैं। लॉक डाउन के कारण अभी 3 पेपर बचे हुए हैं।

सुंदरम ने कहा कि CBSE ने नवीं और 11वीं की परीक्षाओं को पास किए बिना ही बच्चों को अगली कक्षा में भेज दिया है, लेकिन 12वीं की परीक्षा अहम होती है। इसके अंकों और प्रतिशत के आधार पर कॉलेजों-यूनिवर्सिटीज़ में प्रवेश मिलता है। लिहाजा, ये इम्तिहान कराए जाएंगे। बाकी कक्षाओं के नतीजों को उनके पूर्व की परीक्षाओं और टेस्ट के आधार पर घोषित कर दिया जाएगा।

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