Home उत्तराखंड अल्मोड़ा में भी `कॉरोना पॉज़िटिव’,दिल्ली तब्लीगी मरकज गया था,31 हुए मरीज

अल्मोड़ा में भी `कॉरोना पॉज़िटिव’,दिल्ली तब्लीगी मरकज गया था,31 हुए मरीज

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नर्सों के आरोप:उपर से थूक रहे कोरेंटाइन वाले तब्लीगी

महिला कोरेंटाइन संदिग्धों के वार्ड में ही ड्यूटी की मांग

Chetan Gurung

कुमाऊँ की पहाड़ियों में भी कॉरोना (Covid-19) ने तब्लीगी जमातियों के कारण घुसपैठ कर ली है। अल्मोड़ा में भी एक तब्लीगी जमाती इसका पॉज़िटिव पाए जाने से स्थानीय प्रशासन के साथ ही सरकार के कान खड़े हो गए हैं। आज 5 और नए कॉरोना संक्रमित प्रदेश भर में मिले। इधर देहरादून के दून मेडिकल कॉलेज (दून अस्पताल) की नर्सों ने कोरेंटाइन में रह रहे संदिग्ध तब्लीगी जमातियों के बर्ताव पर गहरा ऐतराज जताते हुए उनकी ड्यूटी सिर्फ महिला संदिग्धों संग लगाने की मांग की है। उन्होंने गंभीर आरोप लगाए कि कोरेंटाइन संदिग्ध अस्पताल के ऊपर के माले से थूक कर लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं ।

अल्मोड़ा से पहले कोटद्वार और नैनीताल में भी कॉरोना पॉज़िटिव मिले हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निदेशक युगल किशोर पंत ने `Newsspace’ को बताया कि अल्मोड़ा में जो मरीज कॉरोना पॉज़िटिव पाया गया वह भी दिल्ली के निज़ामुद्दीन स्थित तब्लीगी मरकज गया था। उसका टेस्ट भी पॉज़िटिव आया है। इस मरकज में गए तमाम तब्लीगी कॉरोना पॉज़िटिव पाए जा चुके हैं।  

इसके साथ ही उत्तराखंड में कॉरोना पॉज़िटिव की तादाद बढ़ के 31 हो गई है। देहरादून में सबसे ज्यादा 18 और फिर नैनीताल में 6 मरीज हैं। रात तक और रिपोर्ट आने पर ये और बढ़ भी सकती हैं। अल्मोड़ा के डीएम नितिन भदौरिया ने `Newsspace’ से कहा कि ये मरीज 16 मार्च को दिल्ली से लौटा था। उसमें कोई लक्षण कॉरोना के दिख भी नहीं रहे थे। फिर भी टेस्ट कराया गया तो पॉज़िटिव आया। उसको अल्मोड़ा बेस अस्पताल में आइसोलेशन वर्ड में रख दिया गया है।

इस बीच दून मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में भर्ती कॉरेना संदिग्धों तब्लिगियों की हरकत पर नर्सों ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि उनके बर्ताव के चलते उनके लिए अपने फर्ज को अंजाम देना मुश्किल हो गया है।इतना ही नहीं, ये संदिग्ध तब्लीगी जमाती ऊपर के वार्डों में हैं। वे वहाँ से नीचे थूक देते हैं। इसके चलते उनके ऊपर थूक गिरने और खुद भी संक्रमित होने का खतरा हरदम बना रहता है। उनकी जान का संकट भी बन आया है। कोरेंटाइन वाले पुरुष, महिला, बच्चों को एक ही इमारत में रखा गया है। जो बिल्कुल ठीक नहीं है। नर्सों को भी उनके साथ ही रहना पड़ रहा है। ये सीधे उनकी सुरक्षा और जान के साथ खिलवाड़ है।

नर्सों के लिए रहने, खाने,पीने और सुरक्षा का पुख्ता बंदोबस्त नहीं किया गया है। उनको जो मास्क दिए गए हैं, वे साधारण हैं। विशेष मास्क का बंदोबस्त अभी तक नहीं किया गया है। उत्तराखंड नर्सेज सर्विसेज एसोसिएशन की अध्यक्ष मीनाक्षी जखमोला ने इस बाबत मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि नर्सें ड्यूटी करने से पीछे नहीं हट रही हैं।

उनकी मांग सिर्फ ये है कि उनकी सुरक्षा और अन्य जरूरी व्यवस्था कोरेंटाइन संदिग्धों के साथ सेवा के दौरान हो। पुरुषों के साथ पुरुष और महिलाओं के साथ महिला स्टाफ को ही तैनात किया जाए। नर्सें कॉरोना पॉज़िटिव के साथ भी ड्यूटी को तैयार हैं। उनकी सुरक्षा का बंदोबस्त और गारंटी सरकार ले।

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