शर्तों-सोशल डिस्टेन्सिंग संग चालू होंगे जरूरी काम-धंधे

बाहर फंसे लोगों पर विचार करेगा केंद्र

CM’s वीडियो कॉफ्रेंस में नहीं आया उत्तराखंड का नंबर

30 अप्रैल तक `लॉक डाउन’ तय

Chetan Gurung

कुछ दिन पहले जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कॉरोना संकट पर मुख्यमंत्रियों से मुखातिब थे तो उन्होंने मंत्र दिया था, `जान है तो जहान है’। मतलब साफ था कि काम-धंधा-अर्थ व्यवस्था की फिक्र छोड़ो, जान बचाओ। आज मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस में उन्होंने नया चिंतन दिया, `जान तो देखो ही साथ में अब जहान भी देखो’। कहने का मतलब डूब रही अर्थ व्यवस्था को भी देखना होगा। कारोबारी-औद्योगिक गतिविधियों को लॉक डाउन-2 में शर्तों के साथ खोलना होगा।

केंद्र से लॉक डाउन-2 एड्वाइजरी कल या बहुत हद तक परसों जारी हो जाने की उम्मीद है। संभावना यही है कि जो लॉक डाउन-2 प्लान त्रिवेन्द्र सरकार ने कल भेजा है, उसको ही थोड़ी-बहुत हेर-फेर के साथ मंजूरी मिल जाएगी। माना जा रहा है कि केंद्र की एड्वाइजरी को नजर में रख कर ही लॉक डाउन-2 का प्रस्ताव तैयार किया गया है। उत्तराखंड सरकार ने `ए’ श्रेणी के शहरों में कुछ रियायत देने और `बी’ श्रेणी के शहरों में लॉक डाउन को मौजूदा सूरत में ही बरकरार रखने समेत तमाम सुझाव केंद्र को भेज दिए हैं।

साढ़े तीन घंटे चली कॉन्फ्रेंस में लगभग 15 मुख्यमंत्रियों से मोदी ने विचार जाने। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत भी दल-बल सहित अपने आवास पर पूरी तैयारी संग मौजूद थे। सभी मुख्यमंत्रियों ने लॉक डाउन आगे बढ़ाने की राय का पूर्णतया समर्थन किया। उन्होंने कम से कम 2 हफ्ते तक लोक डाउन और कायम रखने का समथन किया। मौजूदा लोक डाउन 14 अप्रैल को खत्म होना है। मोदी ने सभी की सुनी। फिर बोले, `जान का ख्याल तो रखना ही है, लेकिन साथ में ये भी देखना होगा कि कृषि कार्य, उद्योग, अन्य कामकाज भी किस तरह सोशल डिस्टेन्सिंग रखते हुए अंजाम दिए जाएँ। जान के साथ जहान को भी देखना होगा’।

प्रधानमंत्री ने इस सुझाव पर विचार करने का आश्वासन दिया कि जो लोग घरों से बाहर ही रह गए और अन्य शहरों में फंसे हुए हैं, उनको किसी तरह घर जाने का मौका दिया जाए। उन्होंने इसमें जोखिम भी जताया कि ऐसा न हो कि इतने दिनों से की गई मेहनत पर पानी फिर जाए। कई मुख्यमंत्रियों ने इस प्रस्ताव के खिलाफ मत प्रकट किए। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) का कहना है कि प्रस्तावित कार्यक्रम के मुताबिक उत्तराखंड के CM को इस VC में बोलना नहीं था। वह सिर्फ PM को सुनने के लिए मौजूद थे।

उत्तराखंड सरकार लॉक डाउन को 30 अप्रैल तक बढ़ाने का प्रस्ताव केंद्र को भेज चुकी है। इस प्रस्ताव के मुताबिक सभी स्कूल-कॉलेज-विश्वविद्यालय अब 15 मई तक बंद रहेंगे। सीमाएं (नेपाल और अन्य राज्यों से लगी) सील्ड रहेंगी। 30 अप्रैल तक सरकारी, गैर सरकारी दफ्तर,मॉल,मल्टीप्लेक्स, वाणिज्यिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। `बी’ श्रेणी के शहरों में वाहनों का संचालन बंद ही रहेगा।

सिर्फ कार्गो वाहन चलेंगे। जिलाधिकारी की मंजूरी से `ए’ श्रेणी के जिलों के भीतर या फिर अन्य ए श्रेणी वाले जिलों में वाहनों का संचालन हो सकेगा। `ए’ श्रेणी के जिलों से `बी’ श्रेणी के जिलों में वाहनों का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। `ए’ श्रेणी में वे शहर होंगे, जहां कॉरोना का एक भी मामला सामने नहीं आया है। `बी’ श्रेणी में वे जिले शामिल हैं, जहां कॉरोना के मामले सामने आए हैं।

लॉक डाउन-2 में खनन, औद्योगिक और निर्माण कार्यों को सभी जिलों में मंजूरी दी जाएगी। सिर्फ हॉट स्पॉट (कॉरोना से बुरी तरह प्रभावित) इलाकों को छोड़ के। सरकार मेडिकल और अन्य बेहद जरूरी वस्तुओं के निर्माण और संचालन से जुड़े मामलों में छूट कायम रखेगी। जिम, रेस्तरां, बार, होटल, धर्मशाला, धार्मिक स्थान, होम स्टे, सिनेमा हाल बंद ही रहेंगे। ए श्रेणी शहरों में सुबह 7 से दोपहर 1 बजे तक अकेले वहाँ चलाने की छूट होगी।

एयर कंडीशन का इस्तेमाल किसी भी स्थान और स्तर पर प्रतिबंधित होगा। निजी अस्पताल, नर्सिंग होम और क्लीनिक्स खुले रहेंगे। जो लोग क्वारेंटाइन में हैं, वे किसी भी सूरत में इसका उल्लंघन नहीं करेंगे। 31 मई तक सार्वजनिक स्थलों पर मास्क पहनना बाध्यता होगी। स्टांप और रजिस्ट्रेशन का काम शुरू होगा। 5 से ज्यादा लोगों के इकट्ठे होने पर रोक रहेगी।

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