सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन सख्ती से करें कंपनी-उद्योग-दफ्तर

केन्द्रीय गृह सचिव ने राज्यों को जारी किया परवाना

Chetan Gurung

कॉरोना (Covid-19) से जुड़ी गाइड लाइंस उल्लंघन पर केंद्र सरकार ने तस्वीर साफ की है। महामारी को बहुत गंभीर करार देने के साथ ही standard operating procedure के अनुपालन में सख्ती को जरूरी बताया है। इस बीच होटल, उद्योग, खनन से जुड़े उद्यमियों को राहत देते हुए उनकी पर्यावरण संबंधी वैधता बढ़ा के सरकार ने 30 जून 2020 कर दी है।

केंद्र सरकार के गृह सचिव अजय भल्ला की तरफ से राज्य सरकार को भेजे गए आदेश में इस बात पर नाखुशी जताई गई है कि कुछ लोग कॉरोना गाइडलाइंस का अपने हिसाब से अर्थ निकाल रहे हैं, जो पूरी तरह गलत है। उन्होंने साफ कहा कि केंद्र सरकार ने इस मामले में कोई नया संशोधन ऐसा नहीं किया है ।

कहा जा रहा है कि लॉकडाउन-2 के कायदों का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया तो कंपनी को 3 महीने के लिए सीज कर दिया जाएगा। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को जेल होगी। ऐसा प्रावधान नहीं किया गया है। कंपनियों को कार्य स्थल पर न सिर्फ सोशल डिस्टेन्सिंग के कानून का सख्ती से पालन करना होगा ।

उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आज उद्योग, धर्मशाला, होटल, अस्पताल, खनन ईकाई और आश्रम को राहत दे दी। जल एवं वायु प्रदूषण व नियंत्रण-संरक्षण (अलग-अलग एक्ट) के अंतर्गत वे अब मौजूदा मंजूरी पर ही 30 जून तक काम कर सकते हैं। ये सुविधा उनको प्रदान की गई है, जिनकी मंजूरी वैधता 31 मार्च 2020 तक थी। लॉक डाउन के कारण उनकी वैधता को बढ़ाने का अवसर न मिलने के चलते बोर्ड ने ये फैसला किया।

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