चार्मवुड इंटरनेशनल का अभिभावकों को जा रहे मेसेज

Chetan Gurung

सरकार ने कॉरोना आपदा और लॉक डाउन के कारण स्कूली बच्चों के माता-पिता को राहत देते हुए तुरंत फीस जमा करने के दबाव से मुक्त रखा है। कई स्कूलों ने इसका पालन किया है, लेकिन कई स्कूल लगातार व्हाट्सएप संदेश भेज कर फीस जमा करने का दबाव बनाने से नहीं चूक रहे हैं। इससे पहले से परेशान अभिभावक बहुत दबाव में हैं।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के निर्देश के बाद शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम की तरफ से शासनादेश जारी हुआ है। इसमें कहा गया है कि स्कूल ट्यूशन फीस तो लेंगे लेकिन जो लोग तत्काल फीस जमा करने की सूरत में नहीं हैं, उनको फीस जमा करने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।

इसके बावजूद कुछ स्कूल फीस लेने के लिए आमादा नजर आ रहे हैं। इस मामले में देहारादून के शिवालिक इंटरनेशनल स्कूल के प्रबंधन के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है, लेकिन राजधानी के ही चार्मवुड इंटरनेशनल स्कूल की तरफ से अभी भी अभिभावकों को वाहट्स एप संदेश फीस जमा करने के बाबत भेजे जा रहे हैं।

स्कूल की तरफ से कहा जा रहा है कि स्टाफ और शिक्षकों की तनख्वाह भी देनी है और बाकी खर्चें भी हैं। इसके लिए फीस लेना जरूरी है। इस मामले में स्कूल की तरफ से वे गौरव सेठी से बात कर सकते हैं। साथ ही बैंक का नाम और अकाउंट नंबर भी फीस जमा करने के लिए दिया गया है।

इस स्कूल के कई अभिभावकों ने `Newsspace’ से कहा, `लॉक डाउन के कारण हमारा कामकाज ठप्प है। आय का कोई और साधन नहीं है। ऐसे में हमारे लिए फीस दे पाना बहुत ही मुश्किल हो गया है। घर का राशन और अन्य जरूरी खर्चों को देखें या फिर फीस, समझ नहीं आ रहा है। स्कूल भी फीस का दबाव बनाए जा रहा है। सरकार के आदेश से कोई राहत नहीं मिल रही है’।   

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