बोर्डिंग स्कूल,होटल,पर्यटन, आर्थिक गतिविधियां खोलने की मांगी मंजूरी

3 लाख प्रवासियों के राशन कार्ड बनाने की मांग रखी

Chetan Gurung

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान पूरा फोकस उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को दुरुस्त-मजबूत करने पर रखा। उन्होंने मांग की कि बोर्डिंग स्कूलों के साथ ही होटल, पर्यटन और कंटेनमेंट जोन के बाहर आर्थिक गतिविधियां खोलने की मंजूरी दी जाए।

त्रिवेन्द्र ने कहा कि खनन में एनजीटी से प्राथमिकता के आधार पर मंजूरी दिलाई जाए। खनन में काफी बड़ी तादाद में श्रमिकों की जरूरत रहती है। खनन ढंग से हो तो काफी श्रमिकों को रोजगार मिल जाएगा। किसानों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम की तरह किसान पोर्टल तैयार किए जाए। किसानों की मजबूरी से भी आर्थिक गतिविधियों में इजाफा होगा।

उन्होंने ऋण सीमा को बढ़ाने की दरकार जताई, जिससे टैक्स कलेक्शन में कमी के संकट को कुछ हद तक दूर किया जा सके। ग्रीन जोन के भीतर सीमित पर्यटन गतिविधियों को जरूरी करार दिया। परिवहन, होटल, पर्यटन तथा रेस्तरां क्षेत्र में काफी लोगों को रोजगार मिलता है। इनको चालू करने के लिए सोचा जाए। ढाई लाख लोगों को रोजगार दे रहे एमएसएमई उद्योगों को चालू करने पर भी विचार की दरकार जताई।

मनरेगा में होम स्टे और अन्य गतिविधियों को भी मंजूरी देने की गुजारिश मुख्यमंत्री ने की। मनरेगा की तरफ पर शहरी मजदूरों के लिए भी नई योजना की पैरवी करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में 3 लाख प्रवासी लौट आए हैं। उनमें ज्यादातर बेहद गरीब हैं। केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल से राशन कार्ड बनाने पर रोक लगाई है। इस रोक को हटाया जाए।

त्रिवेन्द्र ने कॉरोना (Covid-19) की उत्तराखंड में दशा और इसमें मिली कामयाबी तथा प्रगति की भी रिपोर्ट दी। उन्होंने बताया कि अब तक 68 पॉज़िटिव मामले राज्य में मिले। 46 लोग अब तक ठीक हो के घर चले गए। 45 हजार प्रवासियों को उत्तराखंड वापिस लाया गया है। दो लाख श्रमिकों की खातों में 2000 रुपए जमा कराए गए। 3500 उद्योग 45 फीसदी क्षमताओं के साथ शुरू कर दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि लॉक डाउन के दौरान राज्य में कोई भी भूखा नहीं सोया। सरकार के साथ ही सामाजिक स्तर पर भी इसकी व्यवस्था की गई है। 500 डॉक्टर सिर्फ कोविड-19 की रोकथाम के लिए तैनात किए गए हैं। कॉरोना का डबलिंग रेट 45 दिन है और रिकवरी 67.6 फीसदी है।  

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