लॉक डाउन के बाद पर्यटन को पुनर्जीवित करने की कोशिश

सचिव जावलकर की हिदायत:अधिक लोगों को दें योजनाओं का लाभ

Chetan Gurung

कॉरोना महामारी और लॉक डाउन ने पर्यटन उद्योग को तो पूरी तरह तबाह-बर्बाद कर दिया है। मई और जून पर्यटन के नजरिए से सुनहरे महीने हुआ करते हैं लेकिन इस साल ये दोनों महीने लोगों के खौफ के साए में घरों में बंद रह के निकल जाएंगे, ये तय है। पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने इस उद्योग से जुड़ लोगों को लॉक डाउन के बाद  राहत देने के लिए आज मातहतों को फौरी हिदायतें दीं।

Secretary (Tourism) Dilip Javalkar in VC

उत्तराखंड में खास तौर पर मसूरी, नैनीताल और कुछ पहाड़ी जिलों में सिर्फ मई और जून के दौरान ही पर्यटक आते हैं। वे परिवार के साथ आते थे, यहाँ के होटलों, होम स्टे योजनाओं और अन्य सुविधाओं का भरपूर लुत्फ लेते थे। उनके बूते ही हिल स्टेशन्स के कारोबारी साल भर की कमाई कर लेते हैं। मैदानी जिलों में शादी के सीजन में भी जरूर बढ़िया कारोबार हो जाता है, लेकिन इस बार शादियों का सीजन भी कॉरोना लील गया।

कॉरोना के कारण होटल और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोग पूरी तरह तबाही के कगार पर हैं। होटल कारोबारियों ने कुछ वक्त पहले मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से मुलाक़ात कर अपना दुखड़ा रोया भी था। सरकार ने उनकी समस्या को देख उनको कैसे राहत दी जाए, इस पर कार्य शुरू कर दिया है। पर्यटन सचिव जावलकर ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान जिला पर्यटन अधिकारियों से न सिर्फ बात की बल्कि जरूरी हिदायतें भी दीं।

उन्होंने कहा होम स्टे, वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली स्व रोजगार योजना, 13 जिले 13 डेस्टिनेशन और दीनदयाल गृह आवास विकास ऋण योजना की समीक्षा के साथ ही इसका अधिक से अधिक लाभ लोगों को मुहैया कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन उद्योग को कॉरोना संक्रमण के कारण जबर्दस्त मार पड़ी है। लिहाजा, पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों को अधिक से अधिक राहत कैसे दी जाए, इसकी कोशिश की जाए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here