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सावधान:खौफ न बन जाएँ प्रवासी उत्तराखंडी

बिगड़ रहा है उत्तराखंड का कोरोना डबलिंग रेट

अपने घर-गाँव में स्वागत है, लेकिन कृपया ईमानदार बनें

बिना जांच के भेज खौफ पैदा कर रहे दूसरे राज्य

Chetan Gurung

कोरोना के आतंक के दौर में बेहाल-परेशान प्रवासी उत्तराखंडी खौफ की वजह बन रहे हैं। आज फिर 4 लोग कोरोना पॉज़िटिव पाए गए. एक देहरादून की महिला है। बाकी तीनों ही वे हैं, जो गुरुग्राम (हरियाणा) से आए हैं। एकाध मामलों को छोड़ दिया जाए तो जितने भी कोरोना पॉज़िटिव केस हाल के दिनों में मिले हैं, वे प्रवासी उत्तराखंडियों से ताल्लुक रखते हैं। ऐसा साबित हो रहा है कि दूसरे राज्य बला टालने की नीयत से उनको बगैर कोरोना जांच के गाड़ियों-ट्रेन में बिठा के भेज रहे हैं। इससे उत्तराखंड में लोग खौफजदा हो रहे हैं। त्रिवेन्द्र सरकार को इस मामले में नंबर दिए जा सकते हैं कि वह ऐसे प्रवासियों को लगातार तलाश पाने में सफल हो रही है।

आज 4 लोगों के कोरोना पॉज़िटिव पाए जाने से उत्तराखंड में इनकी तादाद 82 हो गई है। डबलिंग रेट के बिगड़ जाने से आने वाले दिनों में इस समस्या को काबू करना राज्य सरकार के लिए और विकट हो सकता है। आज देहरादून में एक के साथ ही दो नैनीताल में और एक पौड़ी में कोरोना पॉज़िटिव पाए जाने से शांत और सुरक्षित पहाड़ में कोरोना की घुसपैठ की आशंका खतरनाक हद तक बढ़ गई है। फिक्र की बात ये है कि कोरोना अब युवाओं और उस उम्र के बच्चों में भी घुसपैठ कर रहा, जिनके बारे में शुरुआत में आम तौर पर ये धारणा थी कि उनको जल्दी से कोरोना नहीं हो सकता है।

पौड़ी में आज जो युवक पॉज़िटिव पाया गया वह 23 साल का है। नैनीताल जिले में 24 साल के युवक और 11 साल की बच्ची में कोरोना पॉज़िटिव पाया जाना चिंता पैदा करता है। तीनों की ट्रेवल हिस्ट्री गुरुग्राम से आने की है। देहरादून की पॉज़िटिव महिला भी दिल्ली से आई है। महाराष्ट्र के साथ ही गुजरात और दिल्ली से आने वालों में भी कोरोना पॉज़िटिव के लक्षण काफी मिले हैं। कोरोना पॉज़िटिव होने के बावजूद वे कैसे उत्तराखंड आने वाली गाड़ियों और ट्रेन में बैठ गए, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।

जाहिरा तौर पर ये माना जा रहा है कि उन राज्यों की सरकारों ने कोरोना टेस्ट को ले कर अधिक गंभीरता नहीं दिखाई, जहां से प्रवासी उत्तराखंडी सवार हो के आए। उन्होंने उनको बिठाया और रवाना कर अपने सिर का बवाल टालने में अधिक दिलचस्पी दिखाई। प्रवासियों के कोरोना पॉज़िटिव पाए जाने से उनके ही घर और गाँव के लोग उनसे दूरी बनाने को बेहतर मान रहे हैं।

एक शख्स के मुताबिक वह अपने गाँव गया तो, नातेदार-गाँव वालों ने ही उनसे मिलने में अरुचि दिखाई। हालांकि वे अच्छी तरह मुतमईन हैं कि वे कोरोना से बहुत दूर हैं। प्रवासियों में कुछ लोग चोरी-छिपे उत्तराखंड के शहरों में घुसने की कोशिश करते पकड़े गए और परीक्षण में वे कोरोना पॉज़िटिव पाए गए। इससे उनके खिलाफ माहौल बन रहा है। लोगों को अपने लोगों की वापसी पर उतना गुस्सा नहीं है, जितना उनको उनकी खुद को बिना टेस्ट और चोरी छिपे घर आने की कोशिश करने से।

उत्तराखंड सरकार की कामयाबी इस पर है कि वह तकरीबन सभी ऐसे लोगों को सीमा पर ही रोक के परीक्षण करने में सफल रही, जो टेस्ट रिपोर्ट में कोरोना पॉज़िटिव निकले। अब दौर और जरूरत इस बात की दिख रही है कि हर शख्स ये कोशिश करे कि उसको दूसरे से आमने-सामने बात भी नहीं करनी है। पहाड़ों में भी कोरोना के डंक के असर से ये जरूरत और बढ़ गई दिख रही है।   

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