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Special Story:चिकित्सा-स्वास्थ्य:दुनिया के किसी भी कोने में हों,`हिम संजीवनी’ एप से घर पर ही ईलाज, मुफ्त चिकित्सा परामर्श

कोरोना संकटकाल में वरदान होगी हिमालयन हॉस्पिटल की टेलीमेडिसिन स्वास्थ्य सेवा

फौरन ईलाज के साथ ही किफ़ायती भी है सेवा, डाउनलोड करें `एप’

Chetan Gurung

कोरोना आपातकाल पूरी दुनिया पर भारी पड़ रहा है। अर्थ व्यवस्था तो तबाह हो ही गई है, सबसे बड़ी समस्या स्वास्थ्य-चिकित्सा की आ रही है। कोरोना न भी हो, लेकिन बाकी रोग हैं तो उनका ईलाज भी करने के लिए डॉक्टर या अस्पताल या तो तैयार नहीं हैं या फिर दोनों के पास पहुँचना आज की तारीख में टेढ़ी खीर या कठिन चुनौती है। डॉक्टर ईलाज करने से ही बच रहे हैं। कोरोना का खौफ उनको सबसे ज्यादा दिख रहा है। ऐसे दौर में हिमालयन हॉस्पिटल ने हर मर्ज की दवा निकाली है। नाम है `हिम संजीवनी एप’। स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) के कुलपति डॉ.विजय धस्माना ने इस बेहद उपयोगी ‘हिमसंजीवनी’ एप को लॉन्च कर दिया है। इसका फायदा! आप दुनिया में कहीं भी हों। एप के जरिये घर या कहीं भी बैठे-बैठे आप हिमालयन हॉस्पिटल के चिकित्सकों से टेली कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्वास्थ्य परामर्श ले सकेंगे।

राज्यपाल बेबीरानी मौर्य के साथ कुलपति डॉ. विजय धस्माना


सोचिए जरा। आप लॉक डाउन में फंसे हैं। किसी डॉक्टर को न तो जानते हैं न ही वे उपलब्ध हैं। आपकी या आपके परिवार के किसी सदस्य को तत्काल फौरी ईलाज की दरकार है। या फिर वाहन भी जाने के लिए उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में आपको अगर मेडिकल कॉलेज या जाने-माने अस्पताल के डॉक्टरों का परामर्श मिल जाए तो वह वरदान नहीं होगा? वह भी महज 30 रुपए के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पर। अगर आप इतने के लिए किसी नामचीन अस्पताल या फिर क्लीनिक चले जाएँ तो 500 रुपए तो सिर्फ रजिस्ट्रेशन के ही देने होंगे। ईलाज भी जल्दी मिलेगा या नहीं पता नहीं।

कुलपति डॉ.विजय धस्माना ने `Newsspace’ से कहा, `दूरस्थ क्षेत्र में रोगियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की स्वास्थ्य सुविधा मिल सके, इसके लिए योगी स्वामीराम ने हिमालयन हॉस्पिटल की स्थापना की थी। मॉक्सी के सहयोग से हिमालयन हॉस्पिटल ने टेलीमेडिसिन सेवा का आज शुभारंभ किया। टेलीमेडिसिन सेवा की टैगलाइन ‘हिमालय हॉस्पिटल आपके द्वार’ साफ करता है। एप के जरिये रोगी दुनिया में किसी भी कोने से हिमालयन हॉस्पिटल के विशेषज्ञ डॉक्टरों से स्वास्थ्य परामर्श ले सकते हैं’।

युवा कुलपति डॉ.धस्माना ने दावा किया, `कोरोना संकटकाल या फिर सामान्य दिनों में भी हिम संजीवनी टेलीमेडिसिन स्वास्थ्य सेवा उत्तराखंड के साथ ही बाहर के रोगियों के लिए भी मील का पत्थर साबित होगी’। शुरुआत में जनरल फिजिशियन, हृदय रोग, बाल रोग, न्यूरोलॉजी, नेत्र रोग व कैंसर रोग से संबंधित रोगी इसका लाभ ले सकते हैं। धीरे-धीरे टेलीमेडिसिन सेवा का विस्तार करने की योजना है। तब अन्य रोगियों को भी चिकित्सकों की सेवा मिल सकेगी। इस सेवा के लिए हॉस्पिटल के पास प्रशिक्षित स्टाफ है।

डॉ.विजय के मुताबिक एप के इस्तेमाल से रोगियों का हॉस्पिटल आवाजाही का खर्चा और समय की एक साथ बचत होगी। समय पर फौरन उपचार शुरू हो पाएगा। उनकी मेडिकल रिपोर्ट भी आवाजाही के दौरान खोने का भय नहीं रहेगा। रिपोर्ट अपलोड होने पर वो हमेशा के लिए सुरक्षित भी रहेंगी। हरिद्वार, मसूरी, कोटद्वार में भी टेलीमेडिसिन सेंटर सेवा जल्द शुरू करना उनकी प्राथमिकता में शामिल है। हॉस्पिटल की इमरजेंसी में भी यह सेवा देना प्रारंभ करेंगे। गुजरे साल  से संस्थापक डॉ.स्वामी राम के पैतृक गांव तोली, पौड़ी में टेलीमेडिसिन सेंटर काम कर रहा है।

—ऐसे डाउनलोड करें हिमसंजीवनी” एप–

एंड्रायड वर्जन के फोन वाले सीधे गूगल प्ले स्टोर से एप डाउनलोड कर सकते हैं। आई फोन मालिक सफारी ब्राउजर के जरिये इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। वेब ब्राउजर के माध्यम से www.himsanjeevani.com पर लॉग इन कर इस स्वास्थ्य सेवा का लाभ घर बैठे भी उठा सकते हैं। किसी भी तरह की समस्या होने पर 0135-2471110, 200, 300 पर कॉल करके अधिक जानकारी हासिल कर सकते हैं।

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