, ,

उफ़्फ़:कोरोना हुआ बेलगाम:आधे दिन तक 20 पॉज़िटिव

उफ़्फ़:कोरोना हुआ बेलगाम:आधे दिन तक 20 पॉज़िटिव

अभी ये आलम तो लॉक डाउन-4 के बाद क्या होगा?

खौफ-दहशत में शांत पहाड़ी वादियाँ भी

Chetan Gurung

उत्तराखंड में कोरोना महामारी तमाम कोशिशों के बावजूद बेलगाम और खौफनाक और ओक्टोपसी शक्ल अख़्तियार कर रही है। आज आधे दिन तक ही 20 नए कोरोना पॉज़िटिव केस सामने आने से सरकार के भी होश उड़े हुए हैं। उसकी समझ में नहीं आ रहा है कि इस संकट को किस तरह काबू किया जाए। रात तक ये आंकड़ा और बढ़ जाने की पूरी संभावना है।

अकेले शांत और दूरस्थ जिले चंपावत में 7 कोरोना पॉज़िटिव मिलने से जिला प्रशासन में हड़कंप की स्थिति है। ये सभी रिपोर्ट हल्द्वानी लैब से मिली हैं। उत्तरकाशी और अल्मोड़ा से 3-3 पॉज़िटिव मिले हैं। उत्तरकाशी की रिपोर्ट ऋषिकेश से और अल्मोड़ा की रिपोर्ट हल्द्वानी लैब से आई।

देहरादून (देहरादून,ऋषिकेश लैब), पिथौरागढ़ और नैनीताल (हल्द्वानी लैब) से भी 2-2 केस सामने आए। हरिद्वार (ऋषिकेश लैब) में भी 1 पॉज़िटिव केस मिला। एक कोरोना पॉज़िटिव की मौत पर सरकार ने रिपोर्ट दी है कि उसकी वजह कोरोना न हो के अन्य स्वास्थ्य संबंधी कारण था। ये मरीज एम्स, ऋषिकेश में एड्मिट था।

प्रवासियों के वापिस उत्तराखंड अपने घर आने के बाद कोरोना पॉज़िटिव की तादाद ने अभूतपूर्व उछाल मार के सरकार और लोगों के माथे पर चिंता की लकीर गहरी कर दी है। ये समझ नहीं आ रहा है कि आखिर किस तरह प्रवासियों को भी लाया जाए और कोरोना केस भी तूफानी रफ्तार से न बढ़े। ये ही आलम कोरोना के डबलिंग रेट का रहेगा तो सरकार के लिए मुसीबत हो जाएगी।

लॉक डाउन-4 भी अब समाप्ति की ओर है। ऐसे में 1 जून से जब और छूट मिलेगी तो कोरोना का प्यासा-खूनी शिकंजा और खतरनाक हो सकता है। उत्तराखंड में त्रिवेन्द्र सरकार शुरू में बहुत खुश थी कि उसने इस महामारी को न सिर्फ काबू में रखा है, बल्कि डबलिंग रेट के मामले में भी उसका रेकॉर्ड बेहतरीन है। अब सरकार के लिए अधिक फिक्र इस बात की है कि शांत पहाड़ी वादियाँ भी कोरोना खौफ में जी रही हैं।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *