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Inside Story:IMA:खाली मैदान पर होगी पासिंग आउट परेड!

अपने लाल को कमीशन होते नहीं देख सकेंगे GC’s के Parents-परिवार वाले!

30 मई की बैठक में होगा अंतिम फैसला!

Chetan Gurung

Indian Military Academy की 13 जून को होने वाली पासिंग आउट परेड (PoP) पर इस बार कोरोना ग्रहण का साया है। इस बात की प्रबल संभावना है कि परेड चैटवुड भवन के सामने के एतिहासिक ड्रिल मैदान पर खाली दर्शक दीर्घाओं के सामने होगी। 30 मई को इस बारे में अंतिम फैसला लेने के बाबत बैठक बुलाए जाने की खबर है।

भारत सरकार ने हर तरह के आयोजनों पर रोक लगाई हुई है। चाहे वह धार्मिक हो या फिर सामाजिक अथवा सरकारी। कोई भी ऐसा आयोजन, जिसमें भारी तादाद में लोग एक साथ मौजूद रहे। इस फेर में बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम के कपाट के खोले जाने तक के मौके पर VVIP को नहीं आने दिया गया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत भी नहीं गए। कोरोना प्रोटोकॉल की सख्ती को समझने के लिए इतना काफी है कि दोनों धामों के रावल तक को कोरेंटाइन किया गया। बद्रीनाथ धाम के कपाट खोलने की तारीख बदल के आगे खिसकानी पड़ी।

परेड के बाद के ये यादगार-शानदार नजारे इस बार शायद न दिखाई दे

हालांकि, केंद्र सरकार के ताजा लॉक डाउन एड्वाइजरी IMA को राहत देने वाली है। सरकार ने खेल स्टेडियम-sports कॉम्प्लेक्स खोलने की मंजूरी दी है, लेकिन दर्शकों की मौजूदगी पर रोक लगाई है। इसकी वजह IPL-PBL-कबड्डी पेशेवर लीग को माना जा रहा है, लेकिन इसका फायदा IMA की PoP के आयोजन करने का रास्ता खुलने के तौर पर सेना व अकादमी प्रशासन को मिल रहा है।

कुछ साल पहले इंग्लैंड के प्रिंस चार्ल्स भी पत्नी कैमिला पार्कर के साथ IMA आए थे।

जब खेलों का आयोजन खाली स्टेडियम में हो सकता है तो PoP के आयोजन में उस नजरिए से देखे तो कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। IPL क्रिकेट में फिर भी गेंद का कई लोगों के हाथों में जाना तय होता है, वैसा PoP में नहीं होता है। सूत्रों के अनुसार GC’s को पहले ही कड़ी देख रेख में रखा गया है। इससे उनके कोरोना पॉज़िटिव होने की संभावना बेहद कम है।

जब सभी कैडेट कोरोना नेगेटिव होंगे तो फिर परेड के आयोजन में दिक्कत नहीं होगी। इसके बावजूद IMA प्रशासन सतर्कता बरत सकता है। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि अकादमी प्रशासन कोरोना के मद्देनजर पास आउट हो रहे GC’s के माता-पिता और परिवार के लोगों को शायद इस बार आमंत्रित न करे। ऐसा होता है तो इस एतिहासिक पलों के आँखों के सामने देखने और महसूस करने, कैमरों में कैद करने के स्वर्णिम अवसर को वे चूक जाने का मलाल जिंदगी भर रख सकते हैं।

सूत्रों के अनुसार 30 तारीख को होने वाली अहम बैठक में सिर्फ अकादमी के अधिकारी शामिल नहीं होंगे। विभिन्न खुफिया एजेंसीज के लोग और राज्य सरकार के अधिकारी भी मौजूद रह सकते हैं। इसी बैठक में तय होने की संभावना है कि PoP का वास्तव में स्वरूप क्या होगा। PoP साल में दो बार होती है। हर छह महीने में एक बार।

यहाँ से पास आउट हो कर ही GC’s भारतीय सेना की विभिन्न यूनिटों और कोर में लेफ्टिनेंट के तौर पर जाते हैं। ये फुल टाइमर सैन्याधिकारी होते हैं। शॉर्ट सर्विस कमीशन के सैन्याधिकारियों की ट्रेनिंग और परेड OTA चेन्नई (तमिलनाडु) में होती है।

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