झीलों का शहर नैनीताल 117 के स्कोर संग बना कोरोना तबाही का एपी सेंटर

डबलिंग रेट भी ध्वस्त, 45 से 4.18 पर पहुंचा

Chetan Gurung

उत्तराखंड में कोरोना ने खौफनाक पंजे इस कदर जमा लिए हैं कि पिछले 3 लॉक डाउन की तपस्या बर्बाद होती दिख रही है। आज आधे दिन तक की रिपोर्ट में ही 53 कोरोना पॉज़िटिव केस राज्य भर में सामने आए। इनमें से 32 अकेले झीलों के शहर नैनीताल में मिले। इस जिले में अब तक 117 केस पॉज़िटिव के सामने आ चुके हैं। राज्य में अब कुल 298 कोरोना पॉज़िटिव केस हो चुके हैं।

कल जब 92 केस सामने आए तो तभी लग गया था कि अब प्रवासी जितनी बड़ी तादाद में आएंगे, उतने ही कोरोना केस बढ़ते जाएंगे। इसमें कोई शक नहीं कि देर रात तक पॉज़िटिव का आंकड़ा एक बार फिर काफी ऊपर जाएगा। फिक्र इस बात की है कि जिस कोरोना डबलिंग रेट पर कुछ ही दिनों पहले तक सरकार नाज कर रही थी, वह 5 से नीचे आ गया है।

आज डबलिंग रेट 45 से गिर के 4.18 पर आ गया है। डबलिंग रेट यानि, तेजी से कोरोना फैलने की रफ्तार। जितना कम उतना घातक। सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक अब तक 56 लोग ठीक हो कर घर गए हैं। 239 लोग अभी भी अस्पतालों में भर्ती हो के ईलाज करा रहे हैं। ऋषिकेश में 3, देहरादून शहर में 2, रूड़की में 3, भगवानपुर में 1, लंढोरा में 1, बाजपुर, जसपुर, काशीपुर और किच्छा में 1-1 कंटेनमेंट जोन अभी हैं।

71 पॉज़िटिव के साथ देहरादून दूसरे और 35 पॉज़िटिव के साथ उधम सिंह नगर तीसरे नंबर पर है। नैनीताल में जो लोग पॉज़िटिव पाए गए वे मुंबई से हरिद्वार रेल से फिर वहाँ से बसों से पहुंचे थे। अल्मोड़ा (3), उधम सिंह नगर (1), चंपावत (1), टिहरी (3), पौड़ी (1) में पॉज़िटिव पाए गए लोग भी मुंबई से आए लोग हैं। चमोली (3) दिल्ली से आए लोग हैं। देहरादून का पॉज़िटिव केस नोएडा से आया है।

अभी तक 3 कोरोना पॉज़िटिव की मृत्यु भी हो चुकी है, लेकिन सरकार के मुताबिक ये मौतें कोरोना पॉज़िटिव होने के कारण नहीं हुई। उनकी मौत की वजह अन्य रोग थे।

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