20 हजार गिरफ्तारी और 3 हजार मुकदमे:कोरेंटिन कायदे तोड़ने पर कार्रवाई

Chetan Gurung

उत्तराखंड मे प्रवासियों की घर वापसी के साथ ही अचानक कोरोना पॉज़िटिव की तादाद बढ़ जाने के बावजूद सरकार का दावा है कि ये महामारी अभी राज्य में खतरनाक नहीं है और पूरी तरह काबू में है। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, `कोरोना को ले कर किसी किस्म की अफरा-तफरी, भय और बदहवासी न फैलाई जाए’।

Chief Secretary:Utpal Kumar Singh

उन्होंने कहा कि भले दो दिनों में अचानक ही कोरोना पॉज़िटिव की तादाद बहुत बढ़ गई है, लेकिन एकाध जिलों को छोड़ बाकी जिलों में तादाद बहुत कम है। साथ ही कोरोना मरीज ठीक भी हो रहे हैं। केंद्र सरकार के मानकों को माना जाए तो उत्तराखंड में अभी भी हालात पूरी तरह काबू में हैं। डबलिंग रेट जरूर खराब हुआ है।

उत्पल के अनुसार राज्य में कोरोना पॉज़िटिव सैंपल के सिर्फ 1.71 फीसदी ही पाए गए हैं। मृत्यु दर भी बहुत कम है। जो मृत्यु कोरोना पॉज़िटिव की हुई हैं, उनका कारण अन्य बीमारियाँ थीं। उन्होंने कहा कि कोरेंटिन के नियमों को उद्योगों और व्यवसाय के नजरिए से उन लोगों के प्रति कुछ तब्दील किया गया है, जो तकनीकी कार्य विशेषज्ञ हैं और कार्य विशेष के लिए बाहर से आएंगे।

वे जिस फैक्ट्री या जगह विशेष में जाएंगे, वहीं 14 दिनों के कोरेंटिन का पालन करते हुए कार्य करेंगे। वहीं से सीधे वापिस जाएंगे। कोरेंटिन के कायदों को सख्ती और अनुशासन पूर्वक मानने की अपील करने के साथ ही मुख्य सचिव ने कहा कि इसके उल्लंघन पर अब तक 3000 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। 20 हजार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

उन्होंने कहा कि सीमा पर ही कोरेंटिन करने के हाई कोर्ट के आदेश पर अमल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के कार्मिक कोरोना योद्धा के तौर पर बहुत अच्छे ढंग से ज़िम्मेदारी पूर्वक फर्ज को अंजाम दे रहे हैं।

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