CM त्रिवेन्द्र का `ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ पूरा, 10 अफसर इधर से उधर

`Newsspace’ ने दोनों के कारनामों को किया था प्रमुखता से पेश

Chetan Gurung

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने ऑपरेशन क्लीन स्वीप-2 चलाते हुए सरकार के लिए बदनामी की वजह बने दागी दुर्गेश्वर त्रिपाठी और प्रभाशंकर मिश्र को जिला आबकारी अधिकारी की कुर्सी से आज फुर्सत दे दी। दोनों पर ही सरकारी खजाने को करोड़ों का चूना लगाने के आरोप थे। सरकार ने 6 डीईओ समेत 10 सहायक आयुक्तों की ज़िम्मेदारी बदल दी या फिर नई ज़िम्मेदारी दे दी।

CM Trivendra Singh Rawat:आबकारी महकमे में ऑपरेशन क्लीन स्वीप किया पूरा

`Newsspace’ ने दोनों के कारनामों को लगातार और प्रमुखता से पाठकों के सामने बेधड़क पेश किया था। ऑपरेशन क्लीन-1 के पहले भी उन सभी दागी अफसरों के खेल को सरकार और दुनिया के सामने `Newsspace’ ही ले के आया था, जिन पर आखिर मुख्यमंत्री का नजला गिरा था और वे आज दरबदर की ठोकरें खा रहे। उनके आला नंबरदार को सरकार ने किसी काम के लायक ही नहीं समझ खाली रखा हुआ है।  

दुर्गेश्वर अल्मोड़ा में थे, लेकिन उन पर नैनीताल में DEO रहने के दौरान सरकार को करोड़ों के राजस्व का नुक्सान कराने के गंभीर आरोप थे। पिछली बार जब मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन क्लीन स्वीप-1 चलाया था, तो वह किसी तरह कुर्सी बचाने में सफल हो गए थे। इस पर जहां हैरानी जताई जा रही थी, वहीं सरकार पर अंगुली भी उठ रही थी। उनको आखिर हटा के मंडलीय प्रवर्तन में डाल दिया गया है, जो दंडात्मक पोस्टिंग समझी जाती है।

उन पर मिश्र की तरह कोई कार्रवाई भी सरकार करेगी या बख्श देगी, इस पर भी नजर रहेगी। मिश्र के खिलाफ पौड़ी में दुकानों के आवंटन में जबर्दस्त घपले के आरोप पहले से थे। वहाँ उनके खिलाफ चार्जशीट तैयार हो गई है। उनको उपायुक्त होने के बावजूद हरिद्वार के DEO का चार्ज दे दिया गया था। वहाँ उन पर सेनीटाइजर घोटाले के आरोप लगे।

हरिद्वार के DEO ओमकार सिंह सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनकी जगह मिश्र को भेजा गया था। मिश्र के कारण भी मुख्यमंत्री पर तमाम सवाल उछाले जा रहे थे। मिश्र की जगह टिहरी के DEO पवन कुमार को भेज दिया गया है। वहाँ के स्थाई DEO ओमकार को मुख्यालय में भेज दिया गया है। ओमकार अभी भी कोमा में बताए जाते हैं। वह देहरादून में सिनर्जी अस्पताल में भर्ती हैं।  

नैनीताल के DEO राजीव चौहान को भी पिछली बार हटाया नहीं गया था। इस पर भी ताज्जुब जताया जा रहा था। इस बार वह भी बच नहीं पाए। मीनाक्षी टम्टा और रेखा जुयाल को बेहतर पोस्टिंग मिली। रेखा को नैनीताल और मीनाक्षी को अल्मोड़ा का DEO बनाया गया है। बागेश्वर के DEO अशोक कुमार को हटा दिया गया। उनकी जगह बाध्य प्रतीक्षा वाले गोविंद सिंह मेहता को भेजा गया है।

बाध्य प्रतीक्षा वाली प्रतिमा गुप्ता को भी उत्तरकाशी का DEO बना दिया गया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने आबकारी महकमे को अंगुली पर नचाने वाली पूर्व शक्तिशाली लॉबी के आखिरी सूबेदारों को भी कालापानी दे कर छवि बेहतर करने की कोशिश की है। मुख्यालय में पहले ही वह पहले ही तख़्ता पलट करवा चुके हैं।

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