मास्क और सोशल डिस्टेन्सिंग संग होगी GC’s ड्रिल

कंधों पर सितारे खुद ही सजाएँगे नौजवान अफसर

LIVE TV कवरेज की कोशिश में सेना-एकेडमी प्रशासन

Chetan Gurung

विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 का असर IMA की पासिंग आउट परेड में इस बार विशेष रूप से दिखाई देगा। इस बार सर्वश्रेष्ठ जेंटलमैन कैडेट और बाकी सम्मान विजेताओं को RO (Chief Guest) अवार्ड देंगे तो सोशल डिस्टेन्सिंग का भरपूर ख्याल रखा जाएगा। न तो प्रदान करने वाले न लेने वाले GC’s ही अवार्ड को परेड समारोह में स्पर्श करेंगे। खाली ड्रिल स्क्वायर में होने वाली PoP की Live कवरेज टीवी पर हो, इसके लिए एकेडमी प्रशासन कोशिश कर रहा है।

इस बार IMA PoP में ये भावुक कर देने वाले नजारे नहीं दिखाई देंगे

13 जून को होने वाली परेड की तैयारी में इन दिनों GC’s जी जान और हौसले के साथ जुटे हैं। इस परेड के बाद उनको अपनी-अपनी यूनिट में बतौर लेफ्टिनेंट कमीशन मिल जाएगा। इसके साथ ही उनका ख्वाब साकार हो जाएगा। कोरोना महामारी के दौर में हो रही परेड में किसी भी GC को सिर्फ covid-19 के कारण शरीक होने का मौका न मिले, ऐसा एकेडमी प्रशासन बिल्कुल नहीं होने देना चाहता है।

चैम्पियन कंपनी को बैनर देते समय इस बार ऐसी करीबी नहीं होगी

इसके लिए उनको एक किस्म से आइसोलेशन में रखा हुआ है। किसी भी बाहरी स्टाफ या लोगों से उनका किसी किस्म का कोई संपर्क नहीं रखा गया है। ड्रिल के दौरान उनको न सिर्फ मास्क पहनाया जा रहा है, बल्कि दो कैडेटों के बीच में पर्याप्त दूरी भी रखी जा रही है। सूत्रों के मुताबिक आज शनिवार को एकेडमी ने अपनी परेड संबंधी अहम बैठक की। इसमें राज्य सरकार और केंद्र सरकार की खुफिया एजेंसियां और अफसर भी शरीक हुए।

ये बैठक भी एहतियात के तौर पर एकेडमी परिसर से बाहर बड़े हाल में की गई। सोशल डिस्टेन्सिंग के लिए यहाँ पर्याप्त जगह देखी गई।  अंदरखाने की खबर के मुताबिक कोरोना कहर को देखते हुए ये तय हो चुका है कि पास आउट हो रहे GC’s के माता-पिता या अन्य पारिवारिक सदस्य आमंत्रित नहीं किए जाएंगे। इस तरह परेड के दौरान ड्रिल स्क्वायर खाली रहेगा। सिर्फ सेना और एकेडमी के चुनिन्दा अफसर ही शामिल होंगे।

अभी तक की खबर ये ही है कि सेना प्रमुख मनोज मुकुन्द नरवणे ही RO होंगे। परेड के दौरान सर्वश्रेष्ठ GC को सोर्ड ऑफ ऑनर दिया जाता है। सर्वश्रेष्ठ कंपनी को बैनर (ध्वज) तथा इसके साथ ही GC’s को गोल्ड-सिल्वर मेडल भी बतौर अवार्ड दिए जाते हैं। इस बार व्यवस्था ऐसी की गई है कि इनमें से किसी भी अवार्ड को देते समय शारीरिक दूरी पर्याप्त रहेगी। सम्मान तलवार प्रदान करते समय भी इसको स्पर्श न करना पड़े, ऐसी व्यवस्था की जा रही है।

एकेडमी और सेना प्रशासन का पूरा ज़ोर इस बार मीडिया कवरेज और Live TV टेलीकास्ट पर है। ऐसा कर के वह देश के लोगों और युवाओं में सेना में जाने के लिए प्रेरित करने की कोशिश करेंगे। GC’s के माता-पिता अपने लाडले को सामने मैदान पर न सही TV पर ही Live देख सके। सेना के हेलिकॉप्टर इस बार परेड की समाप्ती पर फ्लाई फास्ट करेंगे या नहीं, ये अभी तय नहीं है।

पीपिंग सेरेमनी में कमीशन मिलने के बाद पास आउट GC के कंधों पर परिवार के लोग और माता-पिता सितारे सजाया करते हैं। इस बार उनकी गैर मौजूदगी में ये कार्य पास परेड के बाद खुद को ही करना पड़ेगा।

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