सतपाल की पत्नी-जोशी का क्षेत्रवासी युवक कोरोना पॉज़िटिव

कोरोना कहर ने पकड़ी रफ्तार, आज भी 53,टोटल 802

पॉज़िटिव बेटे की माँ का सैंपल तक नहीं लिया जा रहा

Chetan Gurung

कोरोना प्रकोप के सामने केंद्र-राज्य सरकार ने एक किस्म से हथियार डाल दिए हैं। संदेश साफ है। खुद ही बचिए। सतर्क रहिए। सरकार पर अधिक भरोसा खतरनाक साबित हो सकता है। मंत्री सतपाल महाराज और मसूरी विधायक गणेश जोशी ने समझदारी दिखाई और खुद ही कोरेंटिन हो गए। कोरोना के तूफानी हमले का आलम ये है की आज दोपहर तक फिर 53 पॉज़िटिव केस सामने आ गए। टोटल 802 हो गए। प्रशासन की लापरवाही को बताने के लिए इतना काफी है कि पॉज़िटिव बेटे की माँ का सैंपल दूसरे दिन भी नहीं लिया गया।

बीजेपी MLA गणेश जोशी

मोदी सरकार ने 400 पॉज़िटिव केस में देश भर को ताले में बंद कर दिया था। देश की अर्थ व्यवस्था आज तबाह हो चुकी है। कोरोना काबू में भी नहीं आया। अब पौन दो लाख पॉज़िटिव केस देश भर में हो चुके हैं। इसके बाद ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने लॉक डाउन के उलट अनलॉक-1 अपना के देश को तकरीबन पूरी तरह खोल दिया है।

कोरोना के हमले का अंदाज जबकि बिल्कुल नहीं लग रहा। मंत्री सतपाल महाराज की पत्नी और पूर्व राज्यमंत्री अमृता रावत कोरोना पॉज़िटिव निकल आई। गणेश जोशी के चुनाव क्षेत्र डाकरा कैंट में संजय विहार कॉलोनी में भी एक युवक पॉज़िटिव निकला। इस पर दोनों ही घबराए हुए हैं। दोनों ने समझदारी का सहारा लेते हुए खुद को कोरेंटिन कर लिया है। कोरोना की अच्छी बात ये है कि इसके पीड़ित अधिकांश लोग ठीक हो के घर जा रहे हैं।

अमृता को ऋषिकेश एम्स में भर्ती किया हुआ है। संजय विहार के युवक का ईलाज दून अस्पताल में हो रहा है। खतरनाक बात ये है कि उसकी माँ होम कोरेंटिन के दौरान भी जम के बाजार में निकलीं। लोगों से मिलीं। विधायक जोशी, राज्यमंत्री दर्जा वाले टीडी भूटिया, कैंट बोर्ड सदस्य मेघा भट्ट, पूर्व बोर्ड उपाध्यक्ष बिष्णु प्रसाद और CEO तनु जैन से भी पीने की पानी की समस्या को ले के वह काफी मुखर हो के मिलीं।

पॉज़िटिव युवक की माँ को कोरेंटिन अवधि में देखने के लिए न पुलिस आई न ही उसका अभी तक सैंपल ही लिया गया है। इससे कॉलोनी और खास तौर पर उनकी गली के बाकी लोगों में बेचैनी और घबराहट-दहशत का आलम है। बेटे के कोरोना पॉज़िटिव पाए हुए 7 दिन हो चुके हैं। सरकार के अफसरों का कहना है कि बिना लक्षण वालों के भी सैंपल चेक करने के कारण संदिग्ध पॉज़िटिव के सैंपल जल्दी नहीं देखे जा रहे हैं।

प्रशासन और पुलिस का हाल ये है कि न तो कोरेंटिन महिला की समस्या पूछने कोई आ रहा है, न ही उनका सैंपल लेने में ही कोई दिलचस्पी दिखाई जा रही है। बेटे के हॉस्पिटल जाने के बाद वह अकेली घर में किस हाल में है, ये पड़ोसी भी नहीं बता पा रहे हैं। इस बीच आज 53 लोग उत्तराखंड में फिर पॉज़िटिव निकले। अच्छी और सुकूनदायक बात ये है कि सभी की ट्रेवल हिस्ट्री सरकार को पता है। सभी दूसरे राज्यों से आए हैं। प्रदेश में कुल 36 कंटेनमेंट जोन भी हो चुके हैं। हरिद्वार में सबसे ज्यादा 15 और देहरादून में 13 ऐसे जोन हैं।

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