दफ्तरों-बैंक-वैकल्पिक सब्जी मंडी-गाड़ियों-शराब दुकानों पर फैसला आज

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मंडी के लिए धर्मपुर-6 नंबर पुलिया पर विचार  

Chetan Gurung

सरकार ने देहरादून को शनिवार-इतवार बंद करने का फैसला तो कर लिया है लेकिन दफ्तरों-बैंकों-वैकल्पिक सब्जी मंडी-शराब दुकानों-गाड़ियों की आवा-जाही पर कुछ साफ नहीं किया है। देहरादून के DM डॉ.आशीष श्रीवास्तव ने `Newsspace’ से कहा-`इस बारे में आज सब कुछ तय हो जाएगा’। बंदी का फैसला कल से अमल में आना है।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कल सिर्फ इतना कहा कि देहरादून को शनिवार-इतवार बंद कर के इन दो दिनों में राजधानी को सेनिटाइज्ड किया जाएगा। अभी ये भी साफ होना है कि सेनिटाइजेशन पूरे जिले में होगा या फिर नगर निगम ईलाके में। दफ्तरों के बारे में भी कुछ नहीं कहा गया कि वे खुलेंगे या बंद रहेंगे।

शराब की दुकानों पर भी फैसला होना है

सचिवालय और केंद्र सरकार के कई प्रतिष्ठानों में 5 कार्य दिवस हैं। उनके साथ दिक्कत नहीं है। राज्य सरकार में छह और निजी प्रतिष्ठानों में सातों दिन कार्य होते हैं। उनका क्या होगा? बैंकों के बारे में भी तस्वीर साफ नहीं हुई है। वे भी बंदी के फैसले में शामिल किए गए हैं या नहीं? केंद्र सरकार के प्रतिष्ठान भी इस फैसले के घेरे में आएंगे या उनको छूट होगी?

DM डॉ.श्रीवास्तव ने कहा कि इन सभी विषयों पर आज फैसला ले लिया जाएगा। वैकल्पिक सब्जी मंडी के बारे में उन्होंने दो स्थानों पर विचार की बात बोली। एक तो धर्मपुर और दूसरा नेहरू कॉलोनी से आगे छह नंबर पुलिया। इन स्थानों पर लेकिन जगह की भारी किल्लत है। खुला स्थान नहीं है। ऐसे में प्रशासन किस तरह इन स्थानों का इस्तेमाल मंडी के तौर पर करेगा, ये देखने वाली बात होगी।

डॉ. आशीष ने ये भी कहा कि कुछ और स्थानों को भी वैकल्पिक मंडी के तौर पर देखा जा रहा है। सरकार ने दो दिन राजधानी बंदी का फैसला यहाँ लगातार बढ़ रहे कोरोना पॉज़िटिव मामलों को देखते हुए लिया है। ये बात अलग है कि केंद्र सरकार ने लॉक डाउन खोल दिया है। 8 जून से बचा-खुचा लॉक डाउन भी खत्म हो जाएगा।

केंद्र और राज्य सरकार से अधिक संवेदनशील तो कारोबारी नजर आ रहे हैं। कई जगह बाजार चार बजे ही खुद कारोबारी बंद कर रहे हैं। केंद्र ने रात 9 और राज्य ने शाम 7 बजे तक बाजार खोलने की मंजूरी दी है। कारोबारियों के फैसले के पीछे दो वजह है। एक तो कोरोना संक्रमण के खतरे से वे बहुत भयभीत हैं।

दूसरा बाजार में ग्राहक ही नहीं है। ऐसे में दुकान खोल के रखने का फायदा नहीं दिख रहा है। कोरोना संक्रमण का आलम ये है कि उत्तराखंड में 12 सौ तक पॉज़िटिव पहुँच चुके हैं। उनकी तादाद जेट स्पीड से बढ़ रही है। अस्पताल भरते जा रहे हैं।

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