स्थानीय स्तर पर भी बद्री-केदार में दर्शन के लिए संख्या तय

कैसे कर सकेंगे दर्शन पढ़िए देवस्थानम बोर्ड से जारी मानक  

Chetan Gurung  

महामारी कोविड-19 के बढ़ते खतरे को देख उत्तराखंड चार धाम देवस्थानम बोर्ड ने चार धाम यात्रा को 30 जून 2020 तक के लिए टाल दिया है। स्थानीय स्तर पर दर्शन की व्यवस्था सीमित रूप से की गई है।

बोर्ड के CEO और गढ़वाल मण्डल के आयुक्त रमन रविनाथ ने कहा, `चमोली, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग के DM को स्थानीय स्तर पर होटल, रेस्तरां से जुड़े लोगों, हक-हकूक धारियों से बात कर के बोर्ड को रिपोर्ट देने के लिए कहा गया था। उनकी रिपोर्ट के आधार पर ये फैसला हुआ कि कोविड-19 का खतरा बना हुआ है। इसको देखते हुए फिलहाल चार धाम यात्रा को टालना ही बेहतर होगा’।

केंद्र सरकार ने बाहरी राज्यों के दर्शनार्थियों के चार धाम में दर्शन पर रोक लगाई हुई है। ऐसे में सिर्फ स्थानीय लोग ही दर्शन कर सकेंगे। इसके लिए उनकी तादाद सीमा तय कर दी गई है। बद्रीनाथ में 12,00, केदारनाथ में 800, गंगोत्री में 600 और यमुनोत्री में 400 दर्शनार्थी एक दिन में दर्शन कर सकेंगे। साथ ही सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन किया जाएगा। मुख पर मास्क सभी के लिए अनिवार्य होगा।

चार धाम यात्रा टलने की अवधि तक होटल, गेस्ट हाउस मालिक और GMVN अपने यहाँ मरम्मत का कार्य कर सकेंगे। दर्शन का समय सुबह 7 से शाम 7 बजे तक होगा। निशुल्क दर्शन की व्यवस्था है। इसके लिए टोकन लेने होंगे। एक घंटे में 80 लोगों को दर्शन करने होंगे। एक व्यक्ति को एक समय में 3 से ज्यादा निशुल्क टोकन नहीं दिए जाएंगे।

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