HRD मंत्री निशंक भी देहरादून से हैं, पहले पड़ोस का हाल तो देखें

हालात के लिए स्कूल प्रबंधन भी जिम्मेदार,बदलाव की आवाजें उठीं

त्रिवेन्द्र सरकार-बीजेपी नेता आए समर्थन में, कहाँ हैं काँग्रेस दिग्गज?

Chetan Gurung

CM त्रिवेन्द्र सिंह रावत:स्कूल बचेगा तो श्रेय पूरा मिलेगा

अविभाजित उत्तर प्रदेश और आज उत्तराखंड की अनमोल विरासत-धरोहर गोरखा मिलिट्री इंटर कॉलेज (GMIC) पर तालाबंदी के संकट के डरावने काले बादल छाए हैं, लेकिन ऐसे आड़े वक्त पर स्थानीय MP महारानी माला राज्य लक्ष्मी हो या फिर मसूरी के MLA गणेश जोशी, मीलों दूर तक नजर नहीं आ रहे हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मामले का संज्ञान लिया है। इससे स्कूल के बच जाने की उम्मीद की किरण जगी है। बीजेपी के नेता भी स्कूल के समर्थन में सामने आए हैं। काँग्रेस के बड़े सूरमाओं का अता-पता नहीं है।

देश के हर किस्म के शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक देहरादून में ही रहते हैं। स्कूल से 7-8 मिनट की दूरी पर उनका अपना बंगला विजय कॉलोनी में है। ऐसे में उनसे भी उम्मीद की जा रही है। माना जा रहा है कि वह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से बात करें तो अधिक फर्क पड़ेगा। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इस मामले में शिक्षा विभाग के अफसरों को ड्यूटी पर लगा दिया है। वह स्कूल को हर हाल में बचाने के हक में हैं।

समाज सेवी और काँग्रेस नेत्री गोदावरी थापली:स्कूल बचाने के लिए संघर्ष

मुख्य शिक्षा अधिकार आशा पैन्यूली ने शुक्रवार को स्कूल के प्रधानाचार्य जेपी जगूड़ी से पूरा ब्यौरा लिया। सरकार ने उनको ही इस मामले में जिम्मा सौंपा है। स्कूल प्रबंधन के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल (रि) शक्ति गुरुंग ने पीएम नरेंद्र मोदी और सांसद राजू बिष्टा समेत कुछ केंद्र सरकार के कुछ अन्य अहम लोगों को स्कूल को बचाने के बाबत चिट्ठी भेजी है। राज्य सरकार के अफसरों के मुताबिक उनके पास अभी तक केंद्र सरकार या फिर पीएमओ से कुछ निर्देश नहीं आए हैं। वे खुद ही प्रयास कर रहे हैं।

टिहरी सांसद माला राज्यलक्ष्मी:चुनाव जीतने के बाद फिर नहीं दिखीं महारानी

ये तय है कि लीज रेंट में राहत नहीं दी गई तो देश को अनेक नायक देने वाला स्कूल इतिहास के पन्नों में समा जाएगा। लीज रेंट सालाना 180 रुपए से सीधे 96 लाख रुपए कर दिया गया है। 1.60 करोड़ रुपए का पुराना भुगतान भी बताया जा रहा है। जो इसी रेट से 2017 से लागू किया गया है। हैरत की बात ये है कि इतने अहम मसले पर टिहरी लोकसभा की MP महारानी और विधायक जोशी ने अभी तक अपनी तरफ से कोई भी ठोस कदम मदद के तौर पर नहीं उठाया है।

स्थानीय विधायक गणेश जोशी:कब लेंगे स्कूल बचाने में दिलचस्पी?

ऐसा लग रहा है कि उनको स्कूल से कोई वास्ता नहीं है। बीजेपी की तरफ से जरूर कुछ नेता स्कूल के समर्थन में सामने आए हैं। मंत्री दर्जा वाले विश्वास डावर ने `शाह टाइम्स’ से कहा कि स्कूल को बंद नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए वह मुख्यमंत्री से बात करेंगे’। बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी डॉ. देवेंद्र भसीन ने कहा कि जीएमआईसी प्रदेश और देश का गौरव है। ये सांझी विरासत है। मुख्यमंत्री इस बारे में जरूरी कदम उठा रहे हैं। स्कूल पर ताला नहीं लगने दिया जाएगा।

बीजेपी के मंत्री दर्जा वाले विश्वास डावर:स्कूल बंद नहीं होने देंगे

ताज्जुब की बात ये है कि काँग्रेस के बड़े नेता इस स्कूल की तरफ से मुंह मोड़ के बैठे हुए हैं। सिर्फ गोदावरी थापा थापली ही स्कूल के लिए लोगों को जागरूक करने में जुटी हैं। लोगों की नाराजगी है कि दो बार स्थानीय विधायक रहे काँग्रेस के जोत सिंह गुनसोला फोन तक नहीं उठा रहे हैं। दूसरी तरफ काँग्रेस नेत्री गोदावरी के मुताबिक स्कूल बंदी का संकट निबट जाए तो वह जीर्णोद्धार के लिए अपनी जेब से पैसा लगाने को भी राजी हैं। स्कूल की इस दशा के लिए स्कूल प्रबंधन को भी जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।

बीजेपी प्रदेश मीडिया प्रभारी डॉ. देवेंद्र भसीन स्कूल को हर हाल में बचाने के हक में हैं

सोशल मीडिया में लोग लिख रहे हैं कि स्कूल को अब नए और युवा लोगों के हाथों में सौंप देने का वक्त आ गया है। बुजुर्ग और रिटायर्ड़ लोग इसकी देखभाल नहीं कर पा रहे हैं। लेफ्टिनेंट जनरल (रि) राम सिंह प्रधान ने कहा कि स्कूल से उनका भावनात्मक जुड़ाव है और रहेगा। सेना के डीईओ विंग का फैसला उचित नहीं है। प्रधान इसी स्कूल के पूर्व छात्र हैं। गढ़ी कैंट में रहते हैं।

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