Big ब्रेकिंग:Cricket:SGM में कई दिग्गजों को बुलावा नहीं

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एजेंडा 10 दिन पहले भेजना जरूरी:बाई लॉज

OP सूदी ने CEO माथुर की नियुक्ति पर दर्ज की आपत्ति

21 जुलाई की बैठक हंगामाखेज होगी!जिला इकाइयों को बुलाने पर एतराज  

Chetan Gurung

क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड की 21 जुलाई को होने वाली स्पेशल जनरल मीटिंग में आज तक भी 10 लोगों को न बुलावा न ही एजेंडा भेजा गया है। दूसरी तरफ जिला ईकाइयों को बैठक में बुलावा भेज दिया गया है, जिस पर गहरा एतराज शुरू हो गया है। ये तय दिख रहा है कि कर्ता-धर्ताओं के कई फैसलों को ले के बैठक में हंगामा होगा। एसोसिएशन के वरिष्ठ सदस्य ओपी सूदी ही नहीं बल्कि खुद कोषाध्यक्ष एसोसिएशन की कार्यशैली से नाराज-नाखुश दिखाई देते हैं। सूदी ने CEO अमृत माथुर की नियुक्ति पर भी अंगुली उठाते हुए पत्र लिखा है।

अभी तक जिन लोगों को SGM में आने के लिए मेल या कोरियर नहीं मिला है, उनमें सिद्धार्थ बिष्ट और अमर सिंह मेंगवाल खास तौर पर शामिल हैं। सिद्धार्थ के पिता पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को वर्मा-शुक्ला लॉबी की मनमानियों के खिलाफ बेहद नाराज बताया जाता है। वह अपनी भावनाएँ प्रकट करने से अब नहीं चूकते हैं। वह पूर्व अध्यक्ष हैं और मौजूदा अध्यक्ष जोत सिंह गुनसोला और सचिव माहिम वर्मा तथा उनके पिता पीसी वर्मा को क्रिकेट की दुनिया में आगे बढ़ाने वाले इकलौते शख्स हैं।

ये बात अलग है कि CAU को BCCI मान्यता मिलने और अध्यक्ष की कुर्सी से हटने के बाद बिष्ट को गुनसोला और माहिम ने पूरी तरह दरकिनार-उपेक्षित किया हुआ है। बिष्ट हालांकि काफी शक्तिशाली काँग्रेस नेता रहे हैं। उनके चेले अभी भी CAU में हैं। सिद्धार्थ को न तो मेल और न ही व्हाट्स एप पर ही कोई बुलावा सचिव की तरफ से आज रात तक भेजा गया है। इस बात पर भी हैरानी जताई जा रही है कि मेंगवाल को भी बैठक के लिए औपचारिक बुलावा नहीं भेजा गया है।

मेंगवाल पहले वर्मा लॉबी से नाखुश रहते थे। उनके करीबी रिश्तेदार को एसोसिएशन में नौकरी मिलने के बाद वह खामोश हो गए। मेंगवाल की तबीयत खराब बताई जाती है, लेकिन बुलावा भेजना जरूरी होता है। दूसरी तरफ सभी जिला एसोसिएशनों को बैठक में बुलाया गया है। सूदी ने इस पर एतराज जताया है कि CAU की बैठक में जिले वाले बैठने का हक ही नहीं रखते हैं। इसके विरोध में उन्होंने एसोसिएशन के संरक्षक हीरा सिंह बिष्ट, अध्यक्ष गुनसोला और सचिव वर्मा को चिट्ठी भी लिखी है।

सूदी ने CEO माथुर को बिना चयन प्रक्रिया के नियुक्ति दिए जाने पर भी गहरी आपत्ति दर्ज की है। सूदी ने `Newsspace’ से पूछे जाने पर कहा कि अब लोगों को बुलाया जाता भी है तो बाई लॉज का उल्लंघन किया जा चुका है। बाई लॉज के मुताबिक SGM-AGM के लिए सदस्यों को कम से कम 10 दिन पहले सूचित करना और एजेंडा भेजना अनिवार्य है। ये उल्लंघन हो चुका है।

बैठक में माहिम को BCCI-CAU के बाई लॉज और लोढ़ा कमेटी की सिफ़ारिशों के खिलाफ लगातार चौथी बार ओहदेदार चुने जाने को भी चुनौती दी जा सकती है। नियमानुसार कोई भी शख्स सिर्फ 2 बार लगातार और जीवन में कुल 3 बार ही पदाधिकारी रह सकता है। माहिम के एक साथ CAU सचिव और BCCI उपाध्यक्ष की कुर्सी पर बैठने को भी चुनौती दी जा सकती है। इसकी भी तैयारी पूरी की जा चुकी है।

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