बोले CM-और मजबूत होंगे पंडा पुरोहितों के हक-हकूक

Chetan Gurung
चार धामों के संचालन पर देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के गठन को वाजिब ठहराते हुए नैनीताल हाई कोर्ट ने आज सरकार के हक में फैसला दे दिया। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इस फैसले के आए ही तत्काल प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई और कहा-`इस फैसले को सरकार की जीत और प्रतिष्ठा से जोड़ कर नहीं देखा जाना चाहिए। हमारा मकसद पवित्र है। अब तीर्थ पुरोहितों और पंडाओं के हक-हकूकों को और बल दिया जाएगा।

CM Trivendra Singh Rawat

मुख्यमंत्री आवास में पत्रकारों से मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और बुनियादी सुविधाओं के विकास के मद्देनजर बोर्ड का गठन किया गया है। पिछले वर्ष 36 लाख श्रद्धालु चारधाम यात्रा पर आए। आने वाले समय में इसमें बहुत वृद्धि होने की सम्भावना है। इतनी बड़ी संख्या मे आने वाले यात्रियों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। उच्च न्यायालय ने एक तरह से राज्य सरकार के निर्णय पर अपनी मुहर लगाई है।

त्रिवेन्द्र ने कहा, बोर्ड में तीर्थ पुरोहित और पण्डा समाज के लोगों के हक हकूक और हितों को सुरक्षित रखा गया है। जहां भी धर्म और संस्कृति का विषय होता है, वहां परम्पराओं का बहुत महत्व है। हमने चारधाम के संबंध में सभी परम्पराओं का बनाए रखा है। सैंकड़ों सालों से स्थानीय तीर्थ पुरोहितों और पण्डा समाज ने चारधाम की पवित्र परम्पराओं का संरक्षण किया है। विपरीत परिस्थितियों के होने पर भी दूर दूर से आने वाले श्रद्धालुओं का ध्यान रखा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीर्थ पुराहितों ने यहां की परम्पराओं का संरक्षण किया है और देवभूमि का मान बढ़ाया है। उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। उनके हितों की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य गठन के बाद चारधाम देवस्थानम बोर्ड का गठन सबसे बड़ा सुधारात्मक कदम है। यह राजनीतिक विषय नहीं है।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में चारधाम देवस्थानम बोर्ड चारधाम यात्रा के प्रबंधन की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण होने जा रहा है। देवस्थानम बोर्ड के गठन के खिलाफ पहाड़ों में विरोध के सुर सरकार के खिलाफ उठ रहे थे। इसके चलते उच्च न्यायालय के रुख और फैसले पर सभी की निगाहें टिकी हुई थीं।

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