नहीं आ सकते तो निजी तौर पर मंत्री को करना होगा सूचित  

अखाड़ों-कुम्भ की ज़िम्मेदारी कौशिक को सौंप के मनाने की त्रिवेन्द्र के कोशिश  

तय समय पर ही होगा कुम्भ मेला: मुख्यमंत्री

Chetan Gurung

शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक के साथ नौकरशाहों ने चूहा-बिल्ली खेल दी तो मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत आगे आए। उन्होंने एसीएस से ले के अपर सचिव तक को लिखित आदेश दिए कि वे मंत्रियों की बैठक में अनिवार्य तौर पर मौजूद रहेंगे। किसी वजह से नहीं रह सकते हैं तो मंत्री को निजी तौर पर इसकी वजह बताना होगा। उन्होंने आज ही मंत्री को साथ रख के अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी एवं अन्य अखाड़ों के प्रतिनिधियों के साथ आगामी कुम्भ मेले के आयोजन के संबंध में विचार-विमर्श किया। इसे मंत्री को शांत करने की उनकी कोशिश मानी जा रही है।

कौशिक की कुम्भ मेले की तैयारियों पर बुलाई गई बैठक में सिर्फ सचिव शैलेश बगौली पहुंचे। इस पर बिफर के मंत्री ने बैठक छोड़ दी और नौकरशाहों के रवैये को आपत्तिजनक करार देते हुए उनके खिलाफ खूब गला साफ किया। मुख्यमंत्री ने इसके बाद ही सभी नौकरशाहों को लिखित में मंत्रियों के सम्मान को कायम रखने के लिए ताकीद कर दी। इसके बाद कौशिक के साथ ही उन्होंने साधु-संतों की बैठक में कहा कि जो भी सुझाव-समस्या हो उसके बारे में कौशिक को ही बताया जाए। इस तरह त्रिवेन्द्र ने अपने मंत्री का गुस्सा शांत करने की कोशिश की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2021 में हरिद्वार में आयोजित होने वाला कुम्भ निर्धारित समय पर आयोजित होगा। इसका स्वरूप कैसा रहेगा यह उस समय की परिस्थितियों पर भी निर्भर रहेगा। श्रद्धालुओं के लिए अखाड़े अपनी भूमि उपलब्ध कराते हैं तो उनको अनुदान मिलेगा। कुम्भ से पूर्व हरिद्वार में संचालित सभी स्थाई निर्माण कार्य पूर्ण कर दिये जाएंगे। हरिद्वार को जोड़ने वाले पुलों एवं सड़कों के निर्माण में भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। त्रिवेन्द्र ने अखाड़ा परिषद के सदस्यों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा।

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत गिरी ने मुख्यमंत्री से हरिद्वार कुम्भ मेले में घाटों का नाम 13 अखाड़ों के ईष्ट देवों तथा सेक्टरों के नाम भी अखाड़ों के नाम पर रखे जाने का अनुरोध किया। अखाड़ों को दी जाने वाली धनराशि से होने वाले कार्यों की गुणवत्ता की जांच के लिये किसी अधिकारी को नामित करने का भी अनुरोध किया।  अखाड़ों के सम्पर्क मार्गों की मरम्मत, बिजली, पानी, साफ-सफाई, शौचालयों की मरम्मत आदि के लिए भी मेले से जुड़े अधिकारियों को निर्देश देने का अनुरोध मुख्यमंत्री से किया। बैठक में आई.जी कुम्भ मेला संजय गुंज्याल भी थे।

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