अदालतों के फैसले-दस्तावेजों के परीक्षण-जवाब के आधार पर दी राहत  

Chetan Gurung

NH-74 घोटाले में आरोपित IAS अफसर चंद्रेश यादव को सरकार ने क्लीन चिट देने के साथ ही प्रोन्नत भी कर दिया। उम्मीद है कि रक्षा बंधन के बाद संभावित तबादलों में उनको नए महकमे बतौर प्रभारी सचिव सौंपे जाएंगे।

चंद्रेश के खिलाफ सरकार ने विभागीय जांच बिठाई थी। सचिव शैलेष बगौली को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया था। सूत्रों के मुताबिक जांच अधिकारी की रिपोर्ट पर चंद्रेश से सफाई मांगी गई थी। जांच रिपोर्ट में उनको कुछ मामलों में जिम्मेदार बताया गया था। चंद्रेश ने जांच रिपोर्ट पर बिन्दुवार विस्तृत सफाई-जवाब दिए। उन्होंने कुछ मामलों में सुप्रीम कोर्ट की रुलिंग का भी हवाला दिया।

उनके जवाब को शासन ने स्वीकार करने के साथ ही उससे इत्तफाक जताया। इसके साथ ही उनको प्रोन्नत करने का आदेश एसीएस (कार्मिक) राधा रतूड़ी ने जारी कर दिया। प्रोन्नति बैक डेट (जनवरी 2019) से दी गई है। उनके बैच (2006) के बाकी अफसर प्रभारी सचिव हो चुके हैं। इसलिए उनको भी प्रभारी सचिव के तौर पर स्वतंत्र जिम्मा मिलना तय नजर आता है। अभी उनको अपर सचिव ही बनाया हुआ है।

चंद्रेश और डॉ. पंकज पांडे पर उधम सिंह नगर में डीएम और आर्बिट्रेटर रहने के दौरान NH-74 राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण घोटाले में कृषि भूमि को अकृषि दर्शाने, मुआवजा गलत ढंग से बाँट दिए जाने और वित्तीय नियमों के अनुपालन में गड़बड़ी करने के आरोप थे। डॉ. पांडे के खिलाफ भी प्रमुख सचिव आनंदबर्द्धन को जांच सौंपी गई है। हालांकि, उनको इसके बावजूद उनकी प्रोन्नति पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। उनको प्रभारी सचिव बना दिया गया। सिर्फ चंद्रेश की प्रोन्नति रोकी गई थी।

एसीएस राधा ने उनको क्लीन चिट देने के लिए जो आधार बनाया गया है, उनमें जांच अधिकारी की रिपोर्ट पर जवाब, अदालतों में चल रही कार्रवाई, उनके फैसले और दस्तावेजों के परीक्षण को शामिल किया गया है। सरकार ने चंद्रेश को सिर्फ भविष्य के लिए सचेत करने की कार्रवाई की है।  

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here