Home उत्तराखंड Inside Story:केदार हेली टेंडर:पैसा दबाने वाली कंपनियों को भी ठेका!

Inside Story:केदार हेली टेंडर:पैसा दबाने वाली कंपनियों को भी ठेका!

0
6

अनुभवी Heritage बाहर:बाकी कंपनियों पर मेहरबानी!

आरोपों का अध्ययन कर बोल पाऊँगा:सचिव (CA) दिलीप जावलकर

Chetan Gurung

केदारनाथ हेली रूट में UCADA (उत्तराखंड सिविल एविएशन डेवेलपमेंट अथॉरिटी) ने ऐसी कंपनियों को भी टेंडर दे के धंधा करने की छूट दे दी, जो सरकार का मोटा शेयर मार के बैठी हैं। ये मुद्दा इसलिए अहम है कि इसी बिना पर Heritage Aviation सरीखी बड़ी और स्थापित कंपनी के टेंडर खारिज कर दिए गए थे। कंपनियों को NoC के बिना टेंडर दिए जाने की शिकायत मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के सामने पहुंची है। Heritage के CEO रोहित माथुर की शिकायत में कई गंभीर किस्म के आरोप लगाए गए हैं।

माथुर ने मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले की विधिवत जांच कराने की मांग भी शिकायत में की है। Heritage Aviation को सरकार के तकरीबन ढाई करोड़ रुपए बकाया होने के आधार पर केदार हेली टेंडर से बाहर कर दिया गया था। इसकी शिकायत कंपनी ने CM के साथ ही PMO से भी की थी। इसकी जांच PMO स्तर पर अभी भी जारी है। UCADA की CEO सोनिका को हाल ही में सरकार ने हटा दिया है। इसके पीछे की वजह हालांकि, ये आरोप तथा शिकायत नहीं बताए जा रहे।

Dilip Jawalkar:Secretary (Civil Aviation)

खुलासे के मुताबिक हिमालयन हेली-ग्लोबल वेक्ट्रा-पवनहंस-पिन्नेकल एयर-आर्यन एविएशन-ऐरो एयरक्राफ्ट भी उन कंपनियों में शुमार हैं, जिन पर सरकार की मोटी रकम बकाया है। सिर्फ हेरिटेज एविएशन अकेली कंपनी नहीं है। फिर हेरिटेज को क्यों टेंडर से इस बिना पर बाहर किया गया, ये हैरानी पैदा करती है। बाकी कंपनियों पर UCADA ने नेमतों की बारिश क्यों की? उनको मानक पूरे न करने-सरकार के ड्यूज न देने के बावजूद टेंडर दिए जाने की वजह क्या है? हिमालयन हेली और पिनेकल एयर पर तो भारी बकाया है। ऐरो एयरक्राफ्ट को तो दो रूट दिए गए हैं।

UCADA के ऑडिट में इन ड्यूज का खुलासा हुआ। ऑडिट रिपोर्ट फरवरी में आ गई थी। फिर भी मार्च में दागी कंपनियों को टेंडर दे दिए गए। रोहित ने CM को लिखे खत में आरोप लगाया है कि उनकी कंपनी को जान बूझ के निहित स्वार्थ के चलते टेंडर से बाहर किया गया। बाकी कंपनियों को गलत ढंग से फायदा पहुंचाया गया। इसके लिए शर्तों में भी उन कंपनियों को राहत दी गई। ऐसी कंपनियों को भी टेंडर दे दिए गए हैं जो पायलटों और हेलीकॉप्टर की तादाद को ले के तय मानक पूरे नहीं करते हैं।

हेरिटेज काफी सालों से इस रूट पर सेवाएँ दे रही थीं। माथुर ने मुख्यमंत्री से ये मांग भी की कि टेंडर को तत्काल रद्द कर नए सिरे से मंगाए जाएँ। नागरिक उड्डयन सचिव दिलीप जावलकर ने `News Space’ से इस मामले में कहा, `मुझे इस मामले की जानकारी पूरी तरह नहीं है। इसको UCADA देखता है। इसका अध्ययन करने के बाद वाजिब कदम उठाने पर सरकार फैसला करेगी’।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

You cannot copy content of this page