`बंशी’ की धुन पर नाचने लगे विधायक:चैंपियन की भी सस्पेंशन पर उनको सुनने की गुहार

विधायक पूरन फर्त्याल-देशराज कर्णवाल भी मिलने को मांग रहे वक्त

Chetan Gurung

`Sex Scanda’ में बेहद बुरी तरह घिर गए BJP विधायक महेश नेगी को प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने `SunDay’ को अपने सम्मुख पेश हो के आरोपों पर सफाई देने का फरमान सुनाया है। भगत ने अनुशासन का चाबुक फटकारना शुरू कर दिया है। 6 साल के लिए पार्टी से बाहर किए गए विवादों-सुर्खियों के सरताज प्रणव चैंपियन भी वापसी के लिए उनके हाथ-पैर जोड़ने की मुद्रा में आ गए हैं। पूरन फर्त्याल और देशराज कर्णवाल को भी उनसे जुड़े विवादों पर सफाई देने के लिए कहा गया है।

विधायक महेश नेगी को कल रविवार को अध्यक्ष बंशीधर भगत के सम्मुख पेश होने का फरमान सुनाया गया है

भगत को आम तौर पर सरल और उदार किस्म का माना जाता है, लेकिन वह पुरानी छवि से इतर सख्त रुख दिखा रहे हैं। वह पार्टी की छवि को बेहतर करने और अंदरूनी लड़ाई के कारण हो रहे नुक्सान की भरपाई के साथ ही आइंदा दिनों में फिर इनकी पुनरावृत्ति न होने देने की भी इच्छाशक्ति प्रदर्शित कर रहे हैं। प्रणव चैपियन को पार्टी ने छह साल के लिए बाहर किया हुआ है। इस कठोर कार्रवाई के बाद हमेशा विवादों और कुछ भी बोल देने के लिए बहुचर्चित सवा छह फुटे और हर वक्त मसल्स दिखाने के शौकीन विधायक एकदम बैकफुट पर हैं।

विवादों-सुर्खियों में छाए रहने वाले प्रणव चैंपियन बीजेपी में फिर वापिस आना चाहते हैं।

प्रणव पार्टी से गुजारिश कर रहे हैं कि किसी तरह उनका निलंबन बीच में ही खत्म कर दिया जाए। विधानसभा चुनाव बेहद करीब होने के कारण वह बीजेपी सरीखी शक्तिशाली पार्टी से दूर रह के अकेले दम चुनाव लड़ने की हैसियत में नहीं रह गए हैं। भगत ने पहले उनको पूर्व के विवादों पर जवाब देने को कहा है। इससे ये भी ध्वनि निकल रही है कि भगत दयाभाव में प्रणव को फिर पार्टी में लेने को आसानी से तैयार नहीं हैं। अलबत्ता, चैंपियन खुद में सुधार लाएँ तो उनका निलंबन पूर्व निर्धारित अवधि से पहले समाप्त होना मुमकिन है। भगत उनकी सफाई और तर्कों से कितना सहमत होते हैं ये देखने वाली बात होगी।

सबसे अहम मामला द्वाराहाट के विधायक और काँग्रेस से विजय बहुगुणा-डॉ.हरक सिंह रावत के साथ बीजेपी में आए महेश नेगी से जुड़ा है। नेगी अपनी ही विधानसभा क्षेत्र की युवती के यौन शोषण और अवैध पिता होने के गंभीर और बेहद संवेदनशील आरोपों से घिरे हुए हैं। इसके चलते बीजेपी के लिए जवाब दे पाना कठिन हो गया है। काँग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने नेगी के सेक्स स्कैंडल में घिरने के मुद्दे पर बीजेपी को लगातार कठघरे में खड़ा किया हुआ है। बीजेपी के पास इस वक्त इस मुद्दे पर सिवाय बैकफुट पर रहने या फिर खामोश रहने के कोई चारा नहीं रह गया है।

देशराज कर्णवाल चमार साहब भी पार्टी के लिए कई मौकों पर सिर दर्द और मुश्किल साबित होते रहे हैं। उनकी प्रणव कुमार के साथ कभी दोस्ती-कभी दुश्मनी के किस्से चटखारे ले के सुने और सुनाए जाते हैं। बंशीधर इन सभी विवादों के बादशाहों को दुरुस्त और सुधारने के मूड में दिखाई दे रहे हैं। उनकी समझ में आ गया है कि जो लोग पार्टी के लिए मुसीबत बने हुए हैं, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करने से ही समाज और अवाम में अच्छा संदेश जाएगा। ये तय दिखाई दे रहा है कि नेगी से ले के प्रणव तक को कोई राहत आसानी से देने के लिए भगत राजी नहीं हैं।

वह उन पर लगे आरोपों के बाबत उचित और संतोषजनक-ठोस जवाब चाह रहे हैं। `News Space’ से उन्होंने कहा कि पार्टी में अनुशासन बनाए रखना उनका दायित्व है। ऐसा नहीं है कि पार्टी की तरफ से चारों विधायकों को कोई नोटिस दिया गया है। प्रणव चाहते थे कि उनके निलंबन और लगे आरोपों को एक बार फिर सुन लिया जाए। उनको सुनाने का मौका दिया गया है। उनकी बातों-सफाई पर क्या फैसला पार्टी करेगी, इस बारे में अभी से कुछ कहना उचित नहीं होगा। न ही ये मुमकिन है।

पार्टी अध्यक्ष ने ये पुष्टि की कि सेक्स स्कैंडल से जुड़े आरोपों पर विधायक नेगी को कल (इतवार) पेश हो के सफाई देने का फरमान सुनाया गया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के सिद्धांतों में महिलाओं का सम्मान सबसे ऊपर है। किसी भी तरह की अंतिम राय बनाने और कार्रवाई करने से पूर्व पार्टी नेगी को अपना पक्ष यौन उत्पीड़न के आरोपों पर रखने का मौका देगी। नेगी पर इस तरह दोहरा हमला हो रहा है।

एक तरफ पुलिस यौन उत्पीड़न के मामले में उनके साथ सख्त कानूनी रवैया अपनाए हुए दिखाई दे रही है। दूसरी तरफ पार्टी से भी उनको कोई भावनात्मक राहत या मदद न तो मिली है न ही इसकी कोई संभावना ही नजर आती दिख रही है। भगत के सामने नेगी को सफाई देने में निश्चित रूप से कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है।

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