Home उत्तराखंड Cricket:वेंडर के भुगतान याद हैं:15 अगस्त पर तिरंगा फहराना भूल गई CAU

Cricket:वेंडर के भुगतान याद हैं:15 अगस्त पर तिरंगा फहराना भूल गई CAU

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Life Member तेजेंदर रावत ने अध्यक्ष को व्हाट्स एप भेज के कहा-`स्वाधीनता दिवस की उपेक्षा’ शर्म की बात

चुनाव अधिकारी को किए भुगतान का पैसा भी अभी तक नहीं मिला:कोषाध्यक्ष के दस्तखत के बावजूद चेक रोके

Chetan Gurung

देश की आजादी के सबसे बड़े पर्व पर 15 अगस्त को क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के कार्यालय में तिरंगा फहराए जाने के बजाए छुट्टी कर दी गई। CAU के आजीवन सदस्य तेजेंदर रावत ने इस पर गहरा एतराज जताते हुए अध्यक्ष जोत सिंह गुनसोला को व्हाट्स एप भेजा। कोई जवाब न आने पर फोन किया। बक़ौल तेजेंदर-`इतने बड़े मुद्दे पर अध्यक्ष ने सिर्फ ये कह के छुट्टी पा ली कि ये गड़बड़ हो गया। दफ्तर में ध्वजारोहण होना चाहिए था’। इतनी बड़ी संस्था के लिए ये भूल सिर्फ शर्म की बात है’।

Tejeneder Singh Rawat:Life Member (CAU)

तेजेंदर ने `News Space’ से कहा,`मैंने एतराज जताते हुए अध्यक्ष को व्हाट्स एप किया। उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। तब मैंने खुद ही उनको फोन कर राष्ट्रीय पर्व के आयोजन और ध्वजारोहण की उपेक्षा को शर्मनाक करार दिया। इस पर गुनसोला ने माना कि ये गलती हो गई। उन्होंने कहा कि ध्वजारोहण होना चाहिए था’। तेजेंदर के मुताबिक न अध्यक्ष और न सचिव माहिम वर्मा को याद रहा कि 15 अगस्त को पूरा देश अपने दफ्तर में ध्वजारोहण करता है तो हमको भी करना है। जिन लोगों को वेंडर्स के मोटे भुगतान याद रहते हैं, भले क्रिकेटर्स और ओफिशियल भुगतान के लिए परेशान हों, वे राष्ट्रीय पर्व मनाना भूल कैसे सकते हैं?

एक भी वाजिब चेक नहीं रोके गए:कोषाध्यक्ष पृथ्वी सिंह नेगी

उनके अनुसार ये भूल का नहीं बल्कि राष्ट्रीय पर्व की उपेक्षा का विषय है। नए COO अमन ने मधुबन होटल में हुई एसोसिएशन की पार्टी में 13 अगस्त को घोषणा कर दी थी कि 14 से 16 अगस्त तक दफ्तर में छुट्टी होगी। न COO और न ओहदेदारों को राष्ट्रीय पर्व मनाना याद रहा। 15 अगस्त को झण्डा फहराने के बाद छुट्टी की जा सकती थी। तेजेन्द्र को उत्तराखंड क्रिकेट के लिए सदा संघर्ष करते और उसको आगे बढ़ाने में हर किस्म से मदद करने के लिए भी जाना जाता है। जिस अकेले सालाना गोल्ड कप टूर्नामेंट को भुना के CAU ने BCCI की मान्यता हासिल की, उसको हर साल वित्तीय मदद करने वालों में उनको शुमार किया जाता है।

पिछले CAU चुनाव में जब चुनाव अधिकारी को भुगतान किया जाना था तो तेजेंदर और पूर्व अध्यक्ष हीरा सिंह बिष्ट ही आगे आए थे। दोनों ने अपने अकाउंट से CAU की तरफ से साढ़े तीन लाख का भुगतान चुनाव अधिकारी को किया था। बिष्ट को तो पैसा वापिस मिल गया, लेकिन तेजेंदर का पैसा जो एक लाख रुपए है, अभी तक CAU रोक के बैठा है। हालांकि, कोषाध्यक्ष के दस्तखत के बाद अकाउंटेंट ने चेक बना दिया था। तेजेंदर के मुताबिक चेक के बारे में पता किया तो उसको सचिव माहिम वर्मा ने रोक लिया है। इसका कोई ठोस कारण भी नहीं बताया जा रहा है।

उनके अनुसार जब एसोसिएशन को मदद की जरूरत थी तो मैंने दी। अब मेरा पैसा दबा के बैठ जाना हैरतनाक है। मैं अब पैसा माँगूँगा भी नहीं। तेजेंदर के मुताबिक पिथौरागढ़ के एक दिव्यांग क्रिकेटर की आर्थिक मदद के लिए एसोसिएशन का ध्यान खींचा तो कहा गया कि BCCI-CAU बाई लॉज में इसका प्रावधान नहीं है। बात अगर प्रावधान की है तो फिर PM Care या CM Care में लाखों रुपए दान देने का कहाँ लिखा गया है? अध्यक्ष-सचिव को वेंडर्स के भुगतान की तो चिंता रहती है लेकिन इस पर कोई चर्चा नहीं हो रही कि खिलाड़ियों और ऑफ़िशियल का भुगतान इतने महीनों के बाद भी क्यों नहीं हो पा रहा।

इस मामले में कोषाध्यक्ष पृथ्वी सिंह नेगी से पूछा गया तो उन्होंने `News Space’ से कहा-`मेरे स्तर पर कोई भी वाजिब भुगतान न कभी रोका गया है न अभी रोका हुआ है। हर वह भुगतान हुआ है, जिसके साथ सही वाउचर लगे हुए हैं। मैं तो चाहता हूँ कि हर खिलाड़ी या ऑफ़िशियल का भुगतान फटाफट हों। अनिवार्य दस्तावेजों के बिना भुगतान आखिर कैसे मुमकिन है।

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