हरिद्वार की ट्रिपल (318), नैनीताल (211), उधम सिंह नगर (240) की डबल सेंचुरी

पॉज़िटिव केसों में उत्तराखंड की दिल्ली को जबर्दस्त टक्कर:केंद्र-राज्य सरकारों की कोशिशें चित

Chetan Gurung

धरती पर आई और बेरहमी से छाई मानव जगत इतिहास की सबसे बड़ी महामारी उन परमाणु बमों से अधिक हाहाकारी-खौफनाक साबित हो रही जो दूसरी आलमी जंग में हिरोशिमा-नागासाकी में तबाही मचा गई थीं। उत्तराखंड और देवभूमि भी इसके शिकंजे में बुरी तरह जकड़ता जा रहा है। आज सिर्फ देहरादून में 623 पॉज़िटिव केस मिले और देवभूमि में शाम-7.30 बजे तक ही 1637 केस हो चुके थे। राज्य में अब इन केसों की तादाद कहीं बढ़ के 31,973 हो गई हैं। 12 कोरोना मरीजों की जिंदगी की जिंदगी की डोर भी टूट गई। ये आंकड़ा भी 414 हो गया। उत्तराखंड अब देश की राजधानी दिल्ली को कोरोना केसों में तगड़ी टक्कर दे रहा है।

हरिद्वार में भी 318 केस मिले। ये अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा कुम्भ नगरी का है। नैनीताल में 211 और उधम सिंह नगर में 240 केस मिलना भी साबित कर रहा है कि केंद्र और राज्य की सरकारों को या तो कुछ नया करना होगा या फिर वे महामारी को काबू करने के मामले में नाकाम हो गए हैं। त्रिवेन्द्र सरकार अपनी तरफ से हर मुमकिन कोशिश करती दिखाई दे रही है, लेकिन बेरहम कोरोना है कि थमने को मान ही नहीं रहा। मरीजों में आज 5 ने AIIMS ऋषिकेश, 4 ने सुशीला तिवारी हल्द्वानी, 2 ने दून मेडिकल कॉलेज और 1 ने महंत इंद्रेश मेडिकल कॉलेज में अंतिम सांस ली।

देहरादून (7585) ने आज 7 और नैनीताल (4126) ने 4 हजार का बैरियर भी तोड़ डाला। हरिद्वार में 6737 केस हो चुके हैं। एक बार फिर पहाड़ का भी कोई जिला कोरोना से खाली नहीं रहा। 21040 मरीज ठीक हो चुके हैं। 10,397 एक्टिव केस प्रदेश में हैं। लगातार पांचवें दिन राज्य में एक हजार से अधिक केस सामने आए। 1009 मरीज ही आज ठीक हुए। इस तरह पॉज़िटिव मिलने और ठीक होने का औसत लगातार खराब बना हुआ है। सबसे ज्यादा 3179 एक्टिव केस देहरादून में हैं।

राज्य में कोरोना केसों का आलम ये है कि औसत के लिहाज से ये दिल्ली से आगे निकलता दिखाई दे रहा है। सिर्फ देहरादून-हरिद्वार-उधम सिंह नगर-नैनीताल (इन चार जिलों में ही खास तौर पर कोरोना केस अधिकता में हैं) की आबादी देखें तो पिछली जनगणना के लिहाज से 60 लाख है। इतने में ही रोजाना 800 से अधिक केस मिलने लगे हैं। दिल्ली की आबादी 2 करोड़ है। वहाँ 4000 केस औसतन निकल रहे हैं। ये भी ध्यान देने वाली बात है कि 53,484 वर्ग किमी में उत्तराखंड फैला है। दिल्ली सिर्फ 1484 वर्ग किमी में है।

दिल्ली में आबादी का घनत्व उत्तराखंड के मुक़ाबले कहीं अधिक है। यानि क्षेत्रफल में उत्तराखंड दिल्ली से 38 गुणा बड़ा है। इसके बावजूद यहाँ रोजाना हजार से ज्यादा पॉज़िटिव केसों का पाया जाना सरकारों की नाकामी को इंगित करता है।  

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