Job Creation:Medical Tourism:Branding जरूरी:उद्योमियों ने दिए सरकार को सुझाव

Chetan Gurung

मुख्यमंत्री सलाहकार समूह आखिर पहली बार बैठा। प्रदेश में नई सोच और उद्योगों को कैसे विकसित किया जाए, इस पर मंथन हुआ। CM त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा-कोविड 19 के जिस दौर से हम गुजर रहे हैं, उससे औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। दिक्कतें भी आई हैं। साथ ही नई संभावनाएं विकसित हुई हैं। ग्रुप के सभी सदस्यों के सुझावों पर गम्भीरता के साथ अमल होगा।

वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से कोविड-19 के कारण उत्पन्न हुई चुनौतियों और अवसरों, नई सोच-विचारों और उद्यामिता को बढ़ावा देने के लिए बैठक में नई पहलों पर चर्चा की गई। इस मौके पर मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि आत्मनिर्भरता के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकल के लिए वोकल बनने को कहा है। उद्यमिता, नवाचार एवं स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए राज्य में यह नई पहल उसी के संदर्भ में की जा रही है। इसमें सरकारी के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों के गैर सरकारी विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। उनकी सलाह से राज्य के औद्योगिक विकास एवं हिमालयी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में औद्योगिक विकास की बहुत संभावनाएं हैं। राज्य में इन्वेस्टर समिट के दौरान सवा लाख करोड़ के एमओयू हुए। इसमें से 25 हजार करोड़ के कार्यों की ग्राउंडिंग हो चुकी है। इंडियन एंजल नेटवर्क के फाउण्डर डॉ. सौरभ श्रीवास्तव ने सुझाव दिया कि उद्यमिता विकास के लिए राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों के हिसाब से योजना बनाई जानी चाहिए। स्टार्टअप में जॉब पैदा करने पर विशेष ज़ोर हो। उत्तराखण्ड के उत्पादों की अलग ब्रांडिंग और वैल्यू एडिशन पर विशेष ध्यान दिया जाए। मेडिकल टूरिज्म में बहुत संभावनाएं हैं।

नैना लाल किदवई ने कहा कि रूरल टूरिज्म एवं होम स्टे को बढ़ावा दिया जाए। एग्रो प्रोसेसिंग एवं फारेस्ट्री सेक्टर में अनेक कार्य किए जा सकते हैं। विनीत नायर ने कहा कि मेंटल हेल्थ के क्षेत्र में को अहम करार देते हुए कहा कि सबसे पहले बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर फोकस करना होगा। स्टार्टअप का भविष्य साइंस और तकनीक पर आधारित है। इस दिशा में पर्वतीय क्षेत्रों में अधिक कार्य किए जाए। रमन रॉय ने कहा कि आजीविका से जुड़े धंधों को प्रोत्साहन दिया जाए। राज्य बिजनेस की संस्कृति को बढ़ावा दिया जाए।

विभिन्न सेक्टर में कार्य करने के लिए प्रत्येक सेक्टर के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने होंगे।

संजीव बिखचंदानी ने कहा कि राज्य में कुछ बड़े उद्योग स्थापित करने होंगे। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत अनेक कार्य किये जा सकते हैं। मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने कहा कि राज्य में औद्योगिक विकास के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। उद्यमियों के लिए राज्य में सिंगल विंडो सिस्टम बनाया गया है। बड़े उद्योगों पर काफी ध्यान दिया जा रहा है। कोरोना काल में साढ़े चार लाख से अधिक प्रवासी वापस उत्तराखण्ड आये हैं। उनके लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना शुरू की गई है। विशेषज्ञों की राय काफी महत्वपूर्ण होगी। राज्य में सीएम इनोवेशन फण्ड बनाया गया है।

सीएम स्वरोजगार योजना में सौलर पॉवर फार्मिंग को भी शामिल किया गया है। मेडिकल के क्षेत्र में अनेक कार्य हो सकते हैं, आयुष, वैलनेस, मेडिसनल प्लांट के क्षेत्र में काफी कार्य हो सकते हैं। हैल्थ केयर के क्षेत्र में विभिन्न कार्यों के साथ रोजगार की भी अपार संभावनाएं हैं। टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए ‘13 डिस्ट्रक्ट, 13 न्यू डेस्टिनेशन’ पर कार्य किया जा रहा है। राज्य में मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में भी अच्छा कार्य हो सकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में कृषि की संभावनाएं सीमित हैं। नगरीय विकास से सेवा क्षेत्र में बहुत संभावनाएं हैं। 

बैठक में अपर मुख्य सचिव  (उद्योग) मनीषा पंवार, मुख्यमंत्री के आईटी सलाहकार रवीन्द्र दत्त,  सचिव (आईटी) आरके सुधांशु, सचिव मुख्यमंत्री राधिका झा, सचिव कौशल विकास डॉ. रणजीत कुमार सिन्हा, महानिदेशक उद्योग एसए मुरूगेशन, अपर सचिव कौशल विकास आर राजेश कुमार, अपर सचिव मुख्यमंत्री ईवा श्रीवास्तव,निदेशक उद्योग सुधीर नौटियाल उपस्थित थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here